मुंहतोड़ जवाब में तबाह किए पाकिस्तान के सैन्य ठिकाने : अफगान रक्षा मंत्रालय
काबुल, 13 मार्च (आईएएनएस)। अफगानिस्तान के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि उसने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहाट जिले में पाकिस्तानी सैन्य केंद्रों और प्रतिष्ठानों पर हवाई हमले किए हैं। ये हमले गुरुवार रात को पाकिस्तान की ओर से किए गए हवाई हमलों के जवाब में किए गए।
काबुल की ओर से जारी बयान के अनुसार, हमले में कोहाट का सैन्य किला और डूरंड लाइन के पास युद्ध कमांड सेंटर को निशाना बनाया गया।
अफगानिस्तान के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, “पाकिस्तानी सैन्य शासन की ओर से रात की घुसपैठ के जवाब में अफगान वायु सेना ने शुक्रवार की सुबह कोहाट क्षेत्र में पाकिस्तानी सेना के रणनीतिक सैन्य केंद्रों और प्रतिष्ठानों पर हमले किए।”
मंत्रालय ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, “इन हमलों के दौरान कोहाट सैन्य किले को निशाना बनाया गया, जबकि डूरंड लाइन के पास युद्ध कमांड सेंटर, जो किले से लगभग दो किलोमीटर दूर है और किले के कमांडर का कार्यालय भी सटीक रूप से निशाने पर था।”
बयान में बताया गया इन हमलों के परिणामस्वरूप, किले के सैन्य प्रतिष्ठान, कमांड सेंटर, गोदाम और सैनिकों के आवासीय क्षेत्र नष्ट हो गए, जिससे भारी क्षति हुई।
तालिबान प्रवक्ता जबिहुल्लाह मिजाहिद ने शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तान ने कई अफगान प्रांतों में नए सैन्य हमले किए, जिनमें काबुल, कंधार, पक्तिया और पक्तिका शामिल हैं, जिससे नागरिकों, खासकर महिलाओं और बच्चों की मौत हुई।
मिजाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “पिछले आक्रमणों और अपराधों की तरह, पाकिस्तानी सैन्य शासन ने फिर से काबुल, कंधार, पक्तिया, पक्तिका और कुछ अन्य क्षेत्रों पर बमबारी की। कुछ जगहों पर उन्होंने नागरिकों के घरों को निशाना बनाया, जिससे महिलाओं और बच्चों की मौत हुई, और कुछ जगहों पर रेगिस्तान और निर्जन क्षेत्रों को निशाना बनाया।”
उन्होंने इन हमलों की निंदा करते हुए कहा, “पवित्र रमजान के अंतिम दस दिनों और ईद-उल-फितर की कगार पर यह अन्यायपूर्ण हमला यह स्पष्ट करता है कि वे किसी मानवता या नैतिक मूल्यों का पालन नहीं करते। इस्लामी अमीरात इस हमले की कड़ी निंदा करता है।”
मिजाहिद ने पाकिस्तानी सैन्य विमानों पर कंधार अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास निजी एयरलाइन कंपनी काम एयर के ईंधन भंडार को जलाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, “यह कंपनी नागरिक एयरलाइनों और संयुक्त राष्ट्र के विमानों को ईंधन प्रदान करती है। इससे पहले उन्होंने निजी व्यापारी हाजी खान जादा के ईंधन गोदाम भी जला दिए थे।”
इस बीच, संयुक्त राष्ट्र की अफगानिस्तान सहायता मिशन (यूएनएएमए) ने शुक्रवार को पुष्टि की कि काबुल के पुल-ए-चारखी क्षेत्र में गुरुवार रात हुए हवाई हमलों में कम से कम चार लोग मारे गए और 14 अन्य घायल हुए।
यूएनएएमए ने आगे कहा कि नागरिक जीवन की हानि रोकने के लिए तुरंत संघर्ष बंद होना चाहिए।
यूएनएएमए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “पिछली रात काबुल, अफगानिस्तान के पुल-ए-चारखी क्षेत्र में हवाई हमलों के परिणामस्वरूप कम से कम चार नागरिक मारे गए और 14 घायल हुए, जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। हम आगे और नागरिक हानि को रोकने के लिए तुरंत संघर्ष समाप्त करने का आह्वान करते हैं।”
--आईएएनएस
एवाई/एबीएम
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1 अप्रैल से महंगा होगा FASTag सालाना टोल पास, अब चुकाने होंगे कितने रुपए?
नेशनल हाईवे पर अक्सर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए एक अहम खबर है. 1 अप्रैल 2026 से FASTag से जुड़े सालाना टोल पास की कीमत बढ़ने जा रही है. नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सालाना पास की दरों में संशोधन किया है. नई दरों के अनुसार अब वाहन मालिकों को 3,000 रुपये की जगह 3,075 रुपये का भुगतान करना होगा.
यह पास मुख्य रूप से उन लोगों के लिए बनाया गया है जो अक्सर नेशनल हाईवे पर यात्रा करते हैं और बार-बार टोल भुगतान से बचना चाहते हैं.
सालाना पास की वैलिडिटी कैसे काम करती है
सालाना टोल पास की वैधता एक वर्ष या 200 टोल क्रॉसिंग तक होती है. इसका मतलब है कि यदि कोई वाहन 200 बार टोल प्लाजा पार कर लेता है, तो पास की वैलिडिटी वहीं खत्म हो जाएगी, भले ही एक साल पूरा न हुआ हो.
दूसरी ओर यदि 200 बार टोल क्रॉसिंग नहीं हुई है, तो पास पूरे एक साल तक वैध रहता है. यह सुविधा खास तौर पर उन निजी वाहन मालिकों के लिए फायदेमंद है जो रोजाना या नियमित रूप से हाईवे का इस्तेमाल करते हैं.
केवल निजी वाहनों के लिए है यह सुविधा
सालाना टोल पास केवल नॉन-कमर्शियल यानी निजी वाहनों के लिए उपलब्ध होता है. इसका लाभ उठाने के लिए वाहन में एक्टिव FASTag लगा होना अनिवार्य है.
FASTag एक इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम है, जिसके जरिए वाहन चालक बिना रुके टोल प्लाजा पार कर सकते हैं. इससे टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों और समय की बर्बादी से बचा जा सकता है.
हर साल होती है टोल दरों की समीक्षा
NHAI ने सभी टोल प्लाजा संचालकों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि 1 अप्रैल 2026 से नई दरें लागू कर दी जाएं. साथ ही यात्रियों और अन्य हितधारकों को इसकी जानकारी देने को भी कहा गया है.
सरकार के अनुसार टोल दरों की हर साल समीक्षा की जाती है और आर्थिक परिस्थितियों तथा रखरखाव खर्च को ध्यान में रखते हुए दरों में बदलाव किया जाता है. इसी प्रक्रिया के तहत इस बार सालाना पास की कीमत में मामूली बढ़ोतरी की गई है.
यात्रियों के लिए अब भी फायदेमंद विकल्प
हालांकि कीमत में थोड़ी वृद्धि हुई है, लेकिन नियमित रूप से हाईवे पर यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह पास अब भी सुविधाजनक माना जा रहा है. इससे हर बार टोल भुगतान करने की जरूरत नहीं पड़ती और यात्रा अधिक आसान हो जाती है.
ऐसे बनवाएं सालाना टोल पास
जो वाहन चालक नेशनल हाईवे पर अक्सर सफर करते हैं, वे आसानी से सालाना टोल पास बनवा सकते हैं. इसके लिए उन्हें NHAI की वेबसाइट या अपने FASTag जारी करने वाले बैंक या ऐप के पोर्टल पर लॉग-इन करना होगा.
इसके बाद सालाना पास के लिए आवेदन कर निर्धारित फीस का ऑनलाइन भुगतान करना होता है. भुगतान पूरा होते ही पास वाहन के FASTag से लिंक हो जाता है और वाहन चालक टोल प्लाजा पर बिना अतिरिक्त भुगतान के इसका इस्तेमाल कर सकते हैं.
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