सोनीपत की फैक्ट्री में लगी भीषण आग, चार मंजिला इमारत धधकी; 10-12 दमकल गाड़ियां मौके पर
हरियाणा के सोनीपत में आग लगने की एक बड़ी घटना सामने आई है. कुंडली औद्योगिक क्षेत्र में स्थित प्लास्टिक का सामान बनाने वाली एक फैक्ट्री में भीषण आग लग गई. आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते चार मंजिला पूरी इमारत इसकी चपेट में आ गई. घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया. फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक का सामान मौजूद होने के कारण आग पर काबू पाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.
सुबह 5 बजे दमकल विभाग को मिली आग की सूचना
जानकारी के मुताबिक, रविवार सुबह करीब 5 बजे दमकल विभाग को कुंडली औद्योगिक क्षेत्र में दिल्ली बॉर्डर के नजदीक स्थित एक फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिली थी. सूचना मिलते ही दमकल कर्मी फायर टेंडर लेकर घटनास्थल पर पहुंचे. हालांकि, आग की भयावहता को देखते हुए अतिरिक्त मदद की जरूरत पड़ी, जिसके बाद दूसरे दमकल केंद्रों से भी गाड़ियों को मौके पर बुलाया गया.
चार मंजिला फैक्ट्री में फैल गई आग
आग ने फैक्ट्री की चारों मंजिलों को अपनी चपेट में ले लिया है. बताया जा रहा है कि यहां प्लास्टिक से घरेलू इस्तेमाल का सामान तैयार किया जाता है. फैक्ट्री में मौजूद प्लास्टिक के सामान की वजह से आग तेजी से फैल गई और उस पर काबू पाना चुनौती बन गया. दमकल विभाग की करीब 10 से 12 गाड़ियां आग बुझाने के काम में जुटी हुई हैं. आग की लपटें इतनी तेज हैं कि राहत और बचावकर्मी काफी सावधानी के साथ अभियान चला रहे हैं.
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पांच घंटे बाद भी फैक्ट्री के अंदर नहीं जा सकीं टीमें
आग की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि घटना के करीब पांच घंटे बाद भी दमकल कर्मी फैक्ट्री के अंदर प्रवेश नहीं कर पाए थे. मौके पर मौजूद कर्मचारियों के मुताबिक, आग लगभग पूरी इमारत में फैल चुकी है. अंदर बड़ी मात्रा में प्लास्टिक का सामान होने के कारण आग लगातार विकराल रूप ले रही है. फिलहाल दमकल विभाग की टीमें आग पर काबू पाने की कोशिश में लगी हैं. आग लगने के कारणों और इससे हुए नुकसान का आकलन आग बुझने के बाद ही हो सकेगा.
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सऊदी ने हूतियों पर की बड़ी एयरस्ट्राइक, अब तक 33 लोगों की मौत, मृतकों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल
Saudi Airstrike on Houthis: यमन में एक बार फिर संघर्ष तेज होने से आम लोगों की जान पर बन आई है. राजधानी सना के पास एक गांव पर हुए हवाई हमले में 33 लोगों की मौत हो गई, जबकि 39 अन्य घायल हो गए. मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यमन की राजधानी सना के पास शनिवार को हुए हवाई हमलों में कम से कम 33 लोगों की मौत हो गई, जबकि 39 लोग घायल हो गए. हूती संचालित सबा न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ये हमले सऊदी अरब ने किए और इसमें एक गांव के घरों को निशाना बनाया गया. हालांकि, रॉयटर्स इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका है. सऊदी अरब के सेंटर फॉर इंटरनेशनल कम्युनिकेशन ने कहा है कि वह मामले की जांच कर रहा है.
Yemen’s Houthis say at least 25 people have been killed and 30 injured in air strikes they blame on the Saudi-led coalition.
— Al Jazeera English (@AJEnglish) November 7, 2026
Houthi-affiliated media report that nine attacks targeted telecommunications networks in Sa’ada governorate. pic.twitter.com/ujfzahiqZK
हूतियों का गढ़ है हुशायश
हूती स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, हमले सना के पूर्व में स्थित हुशायश शहर में किए गए. यह इलाका हूतियों का गढ़ माना जाता है. मंत्रालय ने बताया कि मारे गए लोगों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं. सना के सेहतुना अस्पताल के डायरेक्टर अब्दुल-अजीज अल-दैलामी ने कहा कि कई लोग अब भी मलबे में दबे हुए हैं. इनमें बचाव दल के कुछ सदस्य भी शामिल हैं. उन्होंने बताया कि बचावकर्मियों के मौके पर पहुंचने के दौरान भी हमले जारी रहे. इस दौरान कुछ मेडिकल कर्मचारियों की भी मौत हो गई. अस्पताल में कई गंभीर रूप से घायल लोगों को लाया गया है, जिनके सिर, छाती और पैरों में चोटें आई हैं. कुछ लोगों की हड्डियां भी टूट गई हैं.
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2022 का संघर्ष विराम टूटने के बाद बढ़े हमले
सऊदी अरब और हूतियों के बीच लड़ाई दोबारा शुरू होने से 2022 में संयुक्त राष्ट्र (UN) की मध्यस्थता से हुआ संघर्ष विराम टूट गया है. इस समझौते के बाद सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन और सना पर नियंत्रण रखने वाले हूती विद्रोहियों के बीच हमले काफी हद तक रुक गए थे. हालांकि, इसके बाद हूतियों ने सऊदी अरब के हवाई अड्डों और तेल ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए. वहीं, सऊदी अरब ने यमन में अपने सहयोगियों के समर्थन में हवाई हमले किए हैं.
यमन में फिर गहराया मानवीय संकट
यमन में करीब 12 साल से गृहयुद्ध जारी है. इस संघर्ष ने देश की अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है. अब लड़ाई का नया दौर शुरू होने से हालात और बिगड़ गए हैं. इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (IOM) ने अक्टूबर में बताया था कि संघर्ष दोबारा शुरू होने के बाद से 2 लाख से ज्यादा लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं. यमन पहले से ही दुनिया के सबसे गंभीर मानवीय संकटों में शामिल है.
2014 से सना पर है हूतियों का कब्जा
यमन की राजधानी सना पर सितंबर 2014 से हूती विद्रोहियों का कब्जा है. उस समय यमन में ईंधन सब्सिडी हटाने के सरकार के फैसले के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे. हूतियों ने इस नाराजगी का फायदा उठाते हुए तत्कालीन राष्ट्रपति अब्दरब्बुह मंसूर हादी की सरकार पर भ्रष्टाचार और अक्षमता के आरोप लगाए. 2011 की अरब स्प्रिंग क्रांति के बाद से देश में जारी राजनीतिक अस्थिरता के बीच हूती लड़ाकों ने उत्तरी यमन के अपने गढ़ सादा से आगे बढ़ते हुए सना के प्रमुख सरकारी और सैन्य ठिकानों पर कब्जा कर लिया. बाद में पूर्व राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह के समर्थकों का साथ मिलने से उनकी पकड़ और मजबूत हो गई.
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