इजराइल और अमेरिका के साथ चल रहे भीषण युद्ध के बीच, ईरान के पूर्वी हिस्से में एक और तनाव बढ़ता जा रहा है। अफ़गानिस्तान की तालिबान सरकार ने शुक्रवार को कहा कि उसने पाकिस्तानी सैन्य केंद्रों को निशाना बनाया, क्योंकि इस्लामाबाद ने गुरुवार को अफ़गान क्षेत्र में नए हवाई हमले किए थे। सरकार ने यह भी कहा कि पाकिस्तानी सेना के ठिकानों को भारी जानमाल का नुकसान हुआ है। पाकिस्तान और अफ़गानिस्तान के बीच यह तनाव ऐसे समय में सामने आया है जब ईरान और उसके आसपास चल रहे युद्ध के कारण पश्चिम एशिया पहले से ही तनाव में है। इससे ठीक पड़ोस में एक और क्षेत्रीय टकराव की आशंका बढ़ गई है। तालिबान अधिकारियों ने शुक्रवार को दावा किया कि अफ़गान वायु सेना ने इस्लामाबाद की "घुसपैठ" के जवाब में खैबर पख्तूनख्वा के कोहाट में पाकिस्तानी ठिकानों पर हमला किया। पाकिस्तान ने गुरुवार देर रात अफगानिस्तान के अंदर उन ठिकानों पर बमबारी की थी, जिनके बारे में उसने कहा था कि वे आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े थे।
तालिबान ने पाकिस्तानी सैन्य केंद्रों को निशाना क्यों बनाया?
सरकार के उप प्रवक्ता हमदुल्ला फितरत ने कहा कि अफगान वायु सेना ने खैबर पख्तूनख्वा के कोहाट क्षेत्र में पाकिस्तानी सेना के रणनीतिक सैन्य केंद्रों और प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। तालिबान के बयान के साथ जारी 12 सेकंड के वीडियो में आसमान में एक ड्रोन मंडराता हुआ दिखाई दिया। इस घटना ने दोनों पड़ोसी देशों के बीच विवादित सीमा रेखा, डूरंड लाइन पर तनाव को एक और खतरनाक मोड़ पर पहुंचा दिया है। तालिबान सरकार के अनुसार, ये हमले पिछली रात पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमले का सीधा "प्रतिशोध" थे।
पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में शुक्रवार को एक पुलिस वाहन को निशाना बनाकर किए गए एक आईईडी बम धमाके में कम से कम छह पुलिसकर्मी मारे गए। स्थानीय पुलिस ने यह जानकारी दी। उसने बताया कि लक्की मारवत जिले के शादी खेल बेट्टानी इलाके में रसूल खेल चेक पोस्ट के पास नियमित गश्त के दौरान एक पुलिस वाहन आईईडी बम विस्फोट की चपेट में आ गया। उसने बताया कि बम धमाके के चलते थाना प्रभारी आजम, पुलिस वाहन चालक शाह बहराम एवं चार अन्य पुलिसकर्मियों की मौके पर ही मौत हो गयी। पुलिस के अनुसार विस्फोट में इंसाफुद्दीन नामक एक पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे एक नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज किया जा रहा है। पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया तथा तलाशी अभियान शुरू किया। विस्फोट स्थल से सबूत भी जुटाए जा रहे हैं। सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि हमले में शामिल अपराधियों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं तथा इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सुहैल अफरीदी ने इस घटना की निंदा की है। मुख्यमंत्री कार्यालय के एक बयान के अनुसार उन्होंने पुलिस महानिरीक्षक से इस घटना पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
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हजारों चीनी मछली पकड़ने वाली नौकाएं पूर्वी चीन सागर में ज्यामितीय आकृतियों में एकत्रित हो रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समन्वित कार्रवाई बीजिंग की संभावित क्षेत्रीय संकट या ताइवान के इर्द-गिर्द केंद्रित संभावित संघर्ष की तैयारियों का हिस्सा है। एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, शोधकर्ताओं द्वारा विश्लेषण किए गए जहाज ट्रैकिंग डेटा से पता चलता है कि लगभग 1,300 से 2,000 जहाजों ने ताइवान से लगभग 300 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में कम से कम दो मौकों पर लंबी समानांतर रेखाएं बनाईं। पहली घटना 25 दिसंबर, 2025 को और दूसरी 11 जनवरी, 2026 को हुई। स्वचालित पहचान प्रणाली (एआईएस) संकेतों के माध्यम से पता लगाए गए इन नौकाओं ने लगभग 30 घंटे तक तूफानी हवाओं के बीच अपनी स्थिति बनाए रखी। बताया जाता है कि चीनी नौकाएं ऐसी परिस्थितियों में परिचालन कर रही थीं, जिनके कारण दिसंबर में दक्षिण कोरियाई नौकाओं को बंदरगाह लौटना पड़ा था, और बाद में वे तितर-बितर हो गईं।
ये समुद्री नौकाओं का समूह 2016 की एक पिछली घटना से कहीं अधिक बड़ा था, जिसमें लगभग 200 से 300 चीनी नौकाएं जापान-प्रशासित सेनकाकू द्वीप समूह के पास इकट्ठा हुई थीं, जिन पर चीन अपना दावा करता है। यह जानकारी जापानी समाचार आउटलेट निक्केई ने दी। क्यूशू विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय संबंध की प्रोफेसर और चीनी समुद्री नीति की विशेषज्ञ चिसाको मासुओ ने निक्केई को बताया मैंने पहले कभी इतने बड़े पैमाने पर नौकाओं के जमावड़े के बारे में नहीं सुना। मासुओ ने आगे कहा इसे जापान और ताइवान पर दबाव बनाने के रूप में देखा जा सकता है। उपग्रह विश्लेषण फर्म इंजीनीस्पेस के मुख्य परिचालन अधिकारी जेसन वांग ने कहा कि यह समुद्री नौकाओं का समूह तुरंत ध्यान आकर्षित कर गया।
एएफपी से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मुझे कुछ गड़बड़ लग रही थी क्योंकि प्रकृति में सीधी रेखाएं बहुत कम ही दिखाई देती हैं। उन्होंने आगे कहा, हमने दो सौ, 300 से लेकर एक हजार तक चीनी मछली पकड़ने वाली नौकाओं को इकट्ठा होते देखा है, लेकिन एक हजार से अधिक नौकाओं का जमावड़ा मुझे असामान्य लगा। समुद्री विशेषज्ञों का कहना है कि चीनी मछली पकड़ने वाली नौकाओं की ये गतिविधियां मछली पकड़ने से संबंधित होने की संभावना नहीं है। सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के एशियन मैरीटाइम ट्रांसपेरेंसी इनिशिएटिव के ग्रेगरी पोलिंग ने एएफपी को बताया कि उन्होंने "बंदरगाह के बाहर कहीं भी इतनी बड़ी संख्या में चीनी मछली पकड़ने वाली नौकाओं का जमावड़ा कभी नहीं देखा।
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