वेस्टइंडीज ने पहले दिन बनाए 239/5:ग्रीव्स-चेज की नाबाद साझेदारी; पाकिस्तान के स्पिनर्स को मिली सफलता, पेसर्स रहे बेअसर
वेस्टइंडीज और पाकिस्तान के बीच पोर्ट ऑफ स्पेन के क्वीन्स पार्क ओवल में खेले जा रहे टेस्ट मैच के पहले दिन मेजबान टीम ने मजबूत शुरुआत की। बारिश और खराब रोशनी से प्रभावित दिन का खेल खत्म होने तक वेस्टइंडीज ने पहली पारी में 5 विकेट पर 239 रन बनाए। जस्टिन ग्रीव्स अर्धशतक लगाकर नाबाद लौटे। उनके साथ कप्तान रोस्टन चेज भी क्रीज पर मौजूद हैं। दोनों के बीच छठे विकेट के लिए 66 रन की साझेदारी हो चुकी है। पाकिस्तान की ओर से स्पिनरों ने शुरुआती सफलता दिलाई, लेकिन निचले क्रम ने टीम की वापसी नहीं होने दी। अब्बास को बाहर रखने पर उठे सवाल, ओपनर्स ने दिलाई तेज शुरुआत मैच से पहले पाकिस्तान ने अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद अब्बास को प्लेइंग-11 में शामिल नहीं किया। इस फैसले पर पूर्व खिलाड़ियों और विशेषज्ञों ने सवाल उठाए। वेस्टइंडीज के ओपनर्स ने इसका फायदा उठाते हुए 9.5 ओवर में 49 रन जोड़ दिए। हालांकि, बारिश से पहले आखिरी गेंद पर मोहम्मद अली ने तागेनरायन चंद्रपॉल को फाइन लेग पर कैच कराकर पाकिस्तान को पहली सफलता दिलाई। बारिश के बाद स्पिनर्स ने बदला मैच का रुख बारिश के बाद पिच से स्पिनरों को मदद मिलने लगी। कप्तान बाबर आजम ने अली उस्मान और साजिद खान को आक्रमण पर लगाया। अली उस्मान ने ब्रैंडन किंग को एलबीडब्ल्यू आउट कर टेस्ट करियर का पहला विकेट हासिल किया। इसके बाद साजिद खान ने कावेम हॉज को विकेटकीपर मोहम्मद रिजवान के हाथों कैच कराया। दोनों फैसलों में पाकिस्तान ने सफल डीआरएस लिया। किंग ने 46 रन बनाए। उबेद शाह को मिला पहला टेस्ट विकेट शाई होप और अमिर जांगू ने चौथे विकेट के लिए तेजी से रन जोड़े और पाकिस्तान पर दबाव बनाए रखा। होप ने कवर के ऊपर शानदार छक्का भी लगाया। इसके बाद डेब्यू कर रहे तेज गेंदबाज उबेद शाह ने अमिर जांगू को विकेटकीपर रिजवान के हाथों कैच कराकर टेस्ट क्रिकेट का पहला विकेट लिया। हालांकि, वह पूरे दिन महंगे साबित हुए। ग्रीव्स और चेज ने पाकिस्तान की उम्मीदों पर फेरा पानी चायकाल के बाद मोहम्मद अली ने शाई होप को बोल्ड कर पाकिस्तान को पांचवीं सफलता दिलाई। इसके बाद लगा कि पाकिस्तान जल्द पारी समेट सकता है, लेकिन जस्टिन ग्रीव्स और कप्तान रोस्टन चेज ने संभलकर बल्लेबाजी की। ग्रीव्स ने शानदार अर्धशतक लगाया और चेज के साथ छठे विकेट के लिए 66 रन की नाबाद साझेदारी कर टीम का स्कोर 239/5 तक पहुंचाया। पहले दो सत्र में असरदार दिखे पाकिस्तान के स्पिनर्स दिन के अंत तक पिच से कम मदद मिलने के कारण ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ सके। ---------------------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… हार्दिक पंड्या ने सिर मुंडवाया, तिरूपति बालाजी के दर्शन किए:गर्लफ्रेंड महिका शर्मा भी साथ, IPL के बाद से कोई मैच नहीं खेला है भारतीय टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या ने रविवार को तिरुमाला के वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर (तिरुपति बालाजी) में पूजा-अर्चना की। इस दौरान हार्दिक सिर मुंडवाए हुए थे। हार्दिक के साथ उनकी गर्लफ्रेंड माहिका शर्मा भी मौजूद थीं। मंदिर में दर्शन के दौरान हार्दिक और माहिका दोनों ही पारंपरिक सफेद कपड़ों में दिखाई दिए। पूरी खबर
मीराबाई राष्ट्रगान सुन रो पड़ीं, नीरज को सिल्वर:गुलवीर को दो मेडल, लवलीना का पदक बिना खेले पक्का हुआ; कॉमनवेल्थ के 10 मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने 39 मेडल जीतकर चौथा स्थान हासिल किया। वेटलिफ्टर मीराबाई चानू लगातार तीसरा गोल्ड जीतने के बाद राष्ट्रगान सुनकर रो पड़ीं। जेवलिन में नीरज चोपड़ा को सिल्वर मिला। रनर गुलवीर सिंह ने ट्रैक एंड फील्ड में दो मेडल जीतकर इतिहास रचा। दूसरी ओर लवलीना बोरगोहेन का बॉक्सिंग में मेडल गेम्स शुरू होने से पहले ही पक्का हो गया। पढ़िए ऐसे ही 10 यादगार मोमेंट्स… 1. मीराबाई गोल्ड जीतने के बाद रो पड़ीं भारत के सबसे भावुक पलों में से एक मीराबाई चानू का मेडल इवेंट रहा। वेटलिफ्टिंग में गोल्ड जीतने के बाद जब राष्ट्रगान बजा तो हमेशा मुस्कुराती दिखने वाली मीराबाई रो पड़ीं। 2. तेजस्विन शंकर ने चोट में भी रचा इतिहास तेजस्विन शंकर ने डेकाथलन में भारत का पहला कॉमनवेल्थ मेडल जीता। उन्होंने चोटिल घुटने के बावजूद 10 इवेंट्स में हिस्सा लिया। कुछ मौकों पर उन्होंने कोचिंग का काम भी किया। वे साथी खिलाड़ियों को सलाह देते भी नजर आए। 3. अस्मिता डे ने दिलाया जूडो का पहला गोल्ड त्रिपुरा की अस्मिता डे ने भारत को कॉमनवेल्थ इतिहास का पहला जूडो गोल्ड दिलाया। फाइनल में पिछड़ने के बाद उन्होंने शानदार वापसी की। आर्थिक संघर्षों से निकलकर गोल्ड जीतने वाली अस्मिता ग्लासगो की सबसे इंस्पायर कहानियों में शामिल रहीं। 4. नीरज से ज्यादा चर्चा यशवीर की हुई जैवलिन थ्रो में नीरज चोपड़ा ने सिल्वर मेडल जीता, लेकिन सबसे बड़ा सरप्राइज यशवीर सिंह रहे। आखिरी थ्रो से पहले वे आठवें स्थान पर थे। छठे थ्रो में उन्होंने 85.41 मीटर का पर्सनल बेस्ट प्रदर्शन किया और ब्रॉन्ज जीत लिया। 5. गुलवीर सिंह का डबल पोडियम गुलवीर सिंह ने 10 हजार मीटर में सिल्वर और 5 हजार मीटर दौड़ में ब्रॉन्ज जीतकर भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा दिया। ऐसा पहली बार हुआ कि किसी भारतीय ने ट्रैक एंड फील्ड में दो मेडल जीते। 6. लवलीना का बिना खेले पक्का हुआ मेडल कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले ही महिला 75 किलो वर्ग में सिर्फ पांच मुक्केबाज थीं। ऐसे में लवलीना बोरगेहेन सीधे सेमीफाइनल में पहुंच गईं और उनका मेडल पक्का हो गया। उन्होंने सिर्फ दो मुकाबले खेले। एक जीता और एक हारा, लेकिन सिल्वर अपने नाम कर लिया। यह भारत के सबसे अनोखे मेडल्स में से एक रहा। 7. प्रवीण चित्रावेल ने चार साल पुराना हिसाब बराबर किया ट्रिपल जम्पर प्रवीण चित्रावेल 2022 में सिर्फ 3 सेंटीमीटर से मेडल से चूक गए थे। इस बार उन्होंने 16.58 मीटर की छलांग लगाकर सिल्वर जीत लिया और चार साल पुराना हिसाब बराबर कर दिया। 8. 5 महिला बॉक्सरों ने गोल्ड जीता भारत की 6 में से पांच महिला बॉक्सर गोल्ड जीतने में सफल रहीं। साक्षी चौधरी, प्रीति पवार, जैस्मिन लांबोरिया, प्रिया घंघास और अरुंधति चौधरी ने मेडल जीते। ऐसा पहली बार हुआ जब एक ही कॉमनवेल्थ में 5 बॉक्सर को मेडल मिले। मेंस और विमेंस मिलाकर 10 मुक्केबाजों ने फाइनल खेला। 7 को गोल्ड, 3 ने सिल्वर जीता। 9. पैरा एथलेटिक्स के तीन डबल पोडियम भारत ने पैरा एथलेटिक्स में तीन बार डबल पोडियम हासिल किया। यानी 3 बार एक ही इवेंट में दो प्लेयर्स ने मेडल जीते। विमेंस शॉटपुट में शार्मिला धनखड़ ने गोल्ड और शिल्पा शायला ने ब्रॉन्ज जीता। 100 मीटर दौड़ में दिलीप गावित ने गोल्ड और मोहम्मद बासिल ने सिल्वर हासिल किया। मेंस शॉटपुट में सोमन राणा को गोल्ड और शुभम जुयाल को सिल्वर मिला। 10. झंडू कुमार ने पहला मेडल दिलाया भारत का पहला मेडल पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने दिलाया। पोलियो से प्रभावित झंडू कभी सब्जियां बेचते थे और ई-रिक्शा चलाते थे। ट्रेनिंग जारी रखने के लिए उन्होंने अपना रिक्शा तक बेच दिया था। ------------------------------------- कॉमनवेल्थ की यह खबर भी पढ़ें… कॉमनवेल्थ में बॉक्सिंग भारत की ताकत, एथलेटिक्स में गोल्ड नहीं:39 मेडल के साथ चौथे स्थान पर; 123 खिलाड़ियों में 38 मेडलिस्ट, सक्सेस रेट 31% कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज समेत कुल 39 मेडल जीते। पहली नजर में यह प्रदर्शन बर्मिंघम 2022 के 61 मेडल से कमजोर दिख सकता है, लेकिन आंकड़े अलग कहानी बताते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
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