Responsive Scrollable Menu

मीराबाई राष्ट्रगान सुन रो पड़ीं, नीरज को सिल्वर:गुलवीर को दो मेडल, लवलीना का पदक बिना खेले पक्का हुआ; कॉमनवेल्थ के 10 मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने 39 मेडल जीतकर चौथा स्थान हासिल किया। वेटलिफ्टर मीराबाई चानू लगातार तीसरा गोल्ड जीतने के बाद राष्ट्रगान सुनकर रो पड़ीं। जेवलिन में नीरज चोपड़ा को सिल्वर मिला। रनर गुलवीर सिंह ने ट्रैक एंड फील्ड में दो मेडल जीतकर इतिहास रचा। दूसरी ओर लवलीना बोरगोहेन का बॉक्सिंग में मेडल गेम्स शुरू होने से पहले ही पक्का हो गया। पढ़िए ऐसे ही 10 यादगार मोमेंट्स… 1. मीराबाई गोल्ड जीतने के बाद रो पड़ीं भारत के सबसे भावुक पलों में से एक मीराबाई चानू का मेडल इवेंट रहा। वेटलिफ्टिंग में गोल्ड जीतने के बाद जब राष्ट्रगान बजा तो हमेशा मुस्कुराती दिखने वाली मीराबाई रो पड़ीं। 2. तेजस्विन शंकर ने चोट में भी रचा इतिहास तेजस्विन शंकर ने डेकाथलन में भारत का पहला कॉमनवेल्थ मेडल जीता। उन्होंने चोटिल घुटने के बावजूद 10 इवेंट्स में हिस्सा लिया। कुछ मौकों पर उन्होंने कोचिंग का काम भी किया। वे साथी खिलाड़ियों को सलाह देते भी नजर आए। 3. अस्मिता डे ने दिलाया जूडो का पहला गोल्ड त्रिपुरा की अस्मिता डे ने भारत को कॉमनवेल्थ इतिहास का पहला जूडो गोल्ड दिलाया। फाइनल में पिछड़ने के बाद उन्होंने शानदार वापसी की। आर्थिक संघर्षों से निकलकर गोल्ड जीतने वाली अस्मिता ग्लासगो की सबसे इंस्पायर कहानियों में शामिल रहीं। 4. नीरज से ज्यादा चर्चा यशवीर की हुई जैवलिन थ्रो में नीरज चोपड़ा ने सिल्वर मेडल जीता, लेकिन सबसे बड़ा सरप्राइज यशवीर सिंह रहे। आखिरी थ्रो से पहले वे आठवें स्थान पर थे। छठे थ्रो में उन्होंने 85.41 मीटर का पर्सनल बेस्ट प्रदर्शन किया और ब्रॉन्ज जीत लिया। 5. गुलवीर सिंह का डबल पोडियम गुलवीर सिंह ने 10 हजार मीटर में सिल्वर और 5 हजार मीटर दौड़ में ब्रॉन्ज जीतकर भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा दिया। ऐसा पहली बार हुआ कि किसी भारतीय ने ट्रैक एंड फील्ड में दो मेडल जीते। 6. लवलीना का बिना खेले पक्का हुआ मेडल कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले ही महिला 75 किलो वर्ग में सिर्फ पांच मुक्केबाज थीं। ऐसे में लवलीना बोरगेहेन सीधे सेमीफाइनल में पहुंच गईं और उनका मेडल पक्का हो गया। उन्होंने सिर्फ दो मुकाबले खेले। एक जीता और एक हारा, लेकिन सिल्वर अपने नाम कर लिया। यह भारत के सबसे अनोखे मेडल्स में से एक रहा। 7. प्रवीण चित्रावेल ने चार साल पुराना हिसाब बराबर किया ट्रिपल जम्पर प्रवीण चित्रावेल 2022 में सिर्फ 3 सेंटीमीटर से मेडल से चूक गए थे। इस बार उन्होंने 16.58 मीटर की छलांग लगाकर सिल्वर जीत लिया और चार साल पुराना हिसाब बराबर कर दिया। 8. 5 महिला बॉक्सरों ने गोल्ड जीता भारत की 6 में से पांच महिला बॉक्सर गोल्ड जीतने में सफल रहीं। साक्षी चौधरी, प्रीति पवार, जैस्मिन लांबोरिया, प्रिया घंघास और अरुंधति चौधरी ने मेडल जीते। ऐसा पहली बार हुआ जब एक ही कॉमनवेल्थ में 5 बॉक्सर को मेडल मिले। मेंस और विमेंस मिलाकर 10 मुक्केबाजों ने फाइनल खेला। 7 को गोल्ड, 3 ने सिल्वर जीता। 9. पैरा एथलेटिक्स के तीन डबल पोडियम भारत ने पैरा एथलेटिक्स में तीन बार डबल पोडियम हासिल किया। यानी 3 बार एक ही इवेंट में दो प्लेयर्स ने मेडल जीते। विमेंस शॉटपुट में शार्मिला धनखड़ ने गोल्ड और शिल्पा शायला ने ब्रॉन्ज जीता। 100 मीटर दौड़ में दिलीप गावित ने गोल्ड और मोहम्मद बासिल ने सिल्वर हासिल किया। मेंस शॉटपुट में सोमन राणा को गोल्ड और शुभम जुयाल को सिल्वर मिला। 10. झंडू कुमार ने पहला मेडल दिलाया भारत का पहला मेडल पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने दिलाया। पोलियो से प्रभावित झंडू कभी सब्जियां बेचते थे और ई-रिक्शा चलाते थे। ट्रेनिंग जारी रखने के लिए उन्होंने अपना रिक्शा तक बेच दिया था। ------------------------------------- कॉमनवेल्थ की यह खबर भी पढ़ें… कॉमनवेल्थ में बॉक्सिंग भारत की ताकत, एथलेटिक्स में गोल्ड नहीं:39 मेडल के साथ चौथे स्थान पर; 123 खिलाड़ियों में 38 मेडलिस्ट, सक्सेस रेट 31% कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज समेत कुल 39 मेडल जीते। पहली नजर में यह प्रदर्शन बर्मिंघम 2022 के 61 मेडल से कमजोर दिख सकता है, लेकिन आंकड़े अलग कहानी बताते हैं। पूरी खबर पढ़ें…

Continue reading on the app

मानसून में बुखार को न करें नजरअंदाज, पहले 24 घंटे अहम केजीएमयू ने संचारी रोगों से बचाव का दिया संदेश

लखनऊ, 1 अगस्त (आईएएनएस)। मानसून के मौसम में डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड और अन्य संचारी रोगों के बढ़ते खतरे के बीच किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने आमजन से बुखार को हल्के में न लेने और शुरुआती 24 घंटे के भीतर चिकित्सकीय जांच कराने की अपील की है। विभाग ने स्पष्ट किया कि डेंगू फैलाने वाला एडीज़ मच्छर गंदगी में नहीं, बल्कि साफ और रुके हुए पानी में पनपता है। ऐसे में सप्ताह में केवल 10 मिनट घर और आसपास जमा पानी की जांच कर उसे हटाने से संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

Continue reading on the app

  Sports

सरफराज खान से लेकर रजत पाटीदार तक... 3 खिलाड़ी, जो भारत बनाम श्रीलंका टेस्ट सीरीज में साई सुदर्शन की जगह ले सकते हैं

Who will Replace Sai Sudharsan: श्रीलंका के खिलाफ 2 मैचों की टेस्ट सीरीज से पहले भारतीय टीम को बड़ा झटका लगा है. चोट के कारण इन-फॉर्म बल्लेबाज साई सुदर्शन सीरीज से बाहर हो गए हैं. उनकी जगह टीम में शामिल होने के लिए तीन खिलाड़ी सबसे बड़े दावेदार बनकर उभरे हैं. इनमें सरफराज खान सबसे आगे हैं, जिन्होंने रणजी ट्रॉफी 2025-26 और घरेलू टेस्ट मैचों में शानदार प्रदर्शन किया है. वहीं, मध्य प्रदेश के रजत पाटीदार का अनुभव और महाराष्ट्र के कप्तान रुतुराज गायकवाड़ की रेड-बॉल क्रिकेट में निरंतरता चयनकर्ताओं के लिए मजबूत विकल्प पेश कर रही है. Sat, 8 Aug 2026 16:11:03 +0530

  Videos
See all

Iran America War Live Updates: ईरान-अमेरिका युद्ध के ताजा हालात | Trump | Kuwait| Air Strike | N18G #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-08T10:43:36+00:00

Kumar Vishwas Praises CM Yogi: यूपी सरकार की तारीफ में क्या बोले कुमार विश्वास ? #shorts #ytshorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-08T10:37:58+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers