AI Saved Women Life: गर्भवती महिला की Chat Gpt की वजह से बच गई जान, पूरा मामला जानकर हो जाएंगे हैरान
AI Saved Women Life: एआई की मदद से दुनियाभर की जानकारी लेने में हम पीछे नहीं हैं। लेकिन आप ये जानकर हैरान हो जाएंगे कि एआई से किया गया कोई सवाल आपकी जान भी बचा सकता है। या यूं कहें कि कभी-कभी एक छोटा सा सवाल ज़िंदगी बदल सकता है – या उसे बचा सकता है। हाल ही में अमेरिका की एक महिला के साथ कुछ ऐसा ही हुआ जब उन्होंने ChatGPT से एक मामूली सवाल सिर्फ़ मज़े में पूछ लिया और AI ने जो जवाब दिया उसे सुनकर तुरंत अस्पताल पहुंच गईं।
बता दें कि नतालिया टैरियन जो कि एक पेशेवर फ़ोटोग्राफ़र हैं और चार्लोट, नॉर्थ कैरोलिना में रहती हैं, वे उस समय आठ महीने की गर्भवती थीं। एक दिन उन्होंने ChatGPT से पूछा – “Why does my jaw feel tight?” यानी “मेरे जबड़े में जकड़न क्यों महसूस हो रही है?” नतालिया को ये लक्षण कोई गंभीर बात नहीं लगे, लेकिन ChatGPT ने तुरंत उन्हें सतर्क किया और कहा कि वे अपना ब्लड प्रेशर चेक करें।
Chat Gpt की सलाह के बाद बुलाई एंबुलेंस
ब्लड प्रेशर चेक करने पर चौंकाने वाला सच सामने आया। जैसा कि नतालिया ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में बताया, उनका ब्लड प्रेशर काफी ज्यादा था। उन्हें लगा कि थोड़ी देर में कम हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ChatGPT ने बार-बार कहा – “Call an ambulance. Now.”
शुरुआत में नतालिया सोच रही थीं कि वो AI की बात को नजरअंदाज कर दें, क्योंकि उन्हें चक्कर नहीं आ रहे थे और कोई भारी तकलीफ नहीं हो रही थी। लेकिन आखिरकार उन्होंने एम्बुलेंस बुला ली – और यही फैसला उनकी ज़िंदगी का सबसे अहम मोड़ बन गया।
अस्पताल पहुंचते ही बच्चा डिलीवर करना पड़ा
अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने बताया कि स्थिति बहुत गंभीर है और तुरंत डिलीवरी करनी पड़ेगी। उनका ब्लड प्रेशर 200/146 तक पहुंच चुका था – जो बेहद खतरनाक माना जाता है।
बच्चे का जन्म सुरक्षित हुआ, लेकिन डॉक्टर ने एक ऐसी बात कही जिसने नतालिया को झकझोर दिया। डॉक्टर ने कहा – “अगर आप उस रात सो गई होतीं, तो शायद सुबह नहीं उठतीं।”
डिलीवरी के बाद भी नतालिया का ब्लड प्रेशर लगातार पांच दिन तक बढ़ता रहा। उन्होंने बताया कि एक बार तो उनकी नज़र भी कुछ समय के लिए चली गई थी। “आज भी जब सोचती हूं, तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं,” उन्होंने कहा।
इंटरनेट पर वायरल हुआ पोस्ट
नतालिया का ये अनुभव उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा किया और अब तक उनके पोस्ट को 34 मिलियन से ज्यादा लोग देख चुके हैं। उन्होंने ChatGPT को धन्यवाद देते हुए लिखा – “Thank you, ChatGPT. You saved two lives.” AI तकनीक को जहां अक्सर आलोचना झेलनी पड़ती है, वहीं ये घटना दिखाती है कि सही समय पर सही सलाह कितनी ज़रूरी हो सकती है – चाहे वो इंसान दे या मशीन।
(प्रस्तुति: कीर्ति)
Health Tips: ओवरवेट होने से बढ़ता है कई बीमारियों का रिस्क, एक्सपर्ट से जानें वचाव के तरीके
Health Tips: कई बार महिलाएं घर और बाहर की दोहरी जिम्मेदारियों के चलते अपने स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं दे पाती हैं, जिससे उनका मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और शरीर में फैट तेजी से बढ़ने लगता है। इससे वे ओबेसिटी की गिरफ्त में आ जाती हैं। बढ़ता वजन न केवल महिलाओं के आत्मविश्वास को प्रभावित करता है, बल्कि कई गंभीर शारीरिक और मानसिक बीमारियों के खतरे को भी बढ़ाता है। इसलिए इस बारे में सजग रहना जरूरी है।
वेट बढ़ने के कारण
मोटापा बढ़ने के पीछे कई कारण जिम्मेदार होते हैं। कुछ लोगों को लगता है कि मोटापा सिर्फ अधिक खाने से बढ़ता है लेकिन वास्तव में वेट बढ़ने का सिर्फ एक यह कारण नहीं होता, बल्कि इसके कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। किसी को जेनेटिक कारण से भी मोटापे की समस्या हो सकती है। यानी, अगर परिवार में पहले से किसी को मोटापे की समस्या रही है तो अगली पीढ़ी में भी यह समस्या हो सकती है।
- फिजिकल एक्टिविटी की कमी भी मोटापे को बढ़ावा देती है।
- कुछ दवाइयों के साइड इफेक्ट के रूप में भी वजन बढ़ सकता है, खासकर एंटीडिप्रेसेंट और हार्मोनल दवाएं।
- खराब खान-पान की आदतें, जैसे अधिक जंक फूड, तली-भुनी चीजें और अधिक मीठा खाने से भी मोटापा बढ़ता है।
- महिलाओं में पीसीओएस यानी पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम एक सामान्य समस्या है, जिससे हॉर्मोन इंबैलेंस हो जाते हैं और वजन बढ़ने लगता है।
- नींद की कमी और तनाव भी मोटापे का एक बड़ा कारण बन सकते हैं।
बीमारियों का बढ़ता है रिस्क
ओवरवेट होने से महिलाओं में कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स होने का रिस्क बढ़ जाता है।
ये भी पढ़ें: हेल्दी और फिट रहने के लिए मॉर्निंग डाइट में शामिल करें ये चीज, मिलेगा जबरदस्त लाभ
डायबिटीज
महिलाओं में मोटापे के कारण ब्लड में ग्लूकोज का लेवल बढ़ जाता है, जिससे डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। यह परेशानी और अधिक तब बढ़ सकती है, जब महिलाएं शारीरिक गतिविधियां न करती हों या ऑफिस में सिटिंग जॉब करती हों।
हार्ट प्रॉब्लम्स
वजन अधिक बढ़ने से महिलाओं में हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ जाता है और ब्लड सर्कुलेशन के लिए हृदय पर अधिक दबाव पड़ता है, जिससे हृदय और रक्त वाहिकाओं दोनों को नुकसान पहुंच सकता है। इन सभी कारणों से आपको ब्रेन हैमरेज का खतरा भी हो सकता है और नर्वस सिस्टम संबंधी समस्या भी हो सकती है। वजन बढ़ने के कारण कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है और हाई बीपी के कारण हार्ट अटैक की समस्या भी हो सकती है।
डिप्रेशन
मोटापे के कारण महिलाओं में डिप्रेशन की समस्या हो सकती है। यह ज्यादातर टीनएज लड़कियों में देखा जाता है। मोटापा बढ़ने के कारण वे अपने दोस्तों के सामने या अन्य जगहों पर भी खुद को कमतर समझती हैं और अपने बढ़े वजन को लेकर शर्मिंदा महसूस करती हैं। किसी के मजाक उड़ाने या कुछ कह देने से महिलाओं के मन में वह बात घर कर जाती है, जो आगे चलकर चिंता और डिप्रेशन का कारण बन सकता है।
किडनी प्रॉब्लम
मोटापे के कारण किडनी में भी परेशानी हो सकती है। इसके कारण ब्लड को फिल्टर करने की प्रक्रिया पर प्रभाव पड़ सकता है। साथ ही अगर किसी को डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो, तो ये बीमारी और खतरनाक हो सकती है।
अनिद्रा की समस्या
बढ़ते वजन के कारण महिलाओं में पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती है और पेट फूलना या अपच के कारण पेट दर्द की वजह से कई बार उन्हें ठीक से नींद नहीं आती है। कई बार अधिक खाना खा लेने के कारण भी भारीपन महसूस होता है और वे रात को सो नहीं पातीं, जिसकी वजह से अनिद्रा जैसी परेशानी हो सकती है।
मूड स्विंग
कई बार मोटापे के कारण बार-बार महिलाओं के व्यवहार में भी परिवर्तन होता है। मोटापे के कारण उनके शरीर में कुछ हार्मोनल बदलाव भी आ सकते है, जिसके कारण उन्हें मूड स्विंग हो सकता है और कभी-कभी मूड स्विंग होने पर महिलाएं बहुत ज्यादा खाना खाने लगती हैं, जिससे उनकी समस्या और बढ़ सकती है।
फैटी लिवर
महिलाओं में वजन के कारण फैटी लीवर की समस्या हो सकती है। इसके अलावा ऑयली फूड, कैलोरी और फ्रक्टोज से भी ये समस्या हो सकती है। फैटी लिवर का एक कारण डायबिटीज भी होता है, जो मोटापे की वजह से हो सकता है।
हार्मोनल इंबैलेंस
महिलाओं में मोटापे के कारण हार्मोनल इंबैलेंस हो सकता है, जिससे पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं और प्रेगनेंसी में दिक्कतें आ सकती हैं। इससे थायरॉइड की समस्या भी हो सकती है। साथ ही, मोटापा ब्रेस्ट और यूटेरस कैंसर जैसी घातक बीमारियों का जोखिम भी बढ़ा सकता है। इसके अलावा जोड़ों पर अधिक भार पड़ता है, जिससे गठिया और घुटनों में दर्द की समस्या हो सकती है।
बचाव के तरीके
- वजन को नियंत्रित रखना सिर्फ शरीर के लिए ही नहीं, आपके मन और स्वस्थ दिमाग के लिए भी बेहद जरूरी है। इसके लिए ये उपाय आजमा सकती हैं।
- हेल्दी डाइट लेकर और कैलोरी का इनटेक घटाकर बढ़ते वजन को काबू में रखा जा सकता है। जंक फूड, शुगरी स्नैक्स, फ्राइड फूड, कम खाएं और हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, अनाज, बींस, सोया, लीन प्रोटीन जैसे चिकन, फिश का अधिक सेवन करें।
- वजन को कंट्रोल में रखने के लिए सप्ताह में पांच दिन 30 मिनट एक्सरसाइज जरूर करें। अधिक देर तक बैठे रहने, लेटे रहने की आदत से दूर रहें। हर 20 मिनट में 3 से 5 मिनट तक चलें। स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करें। इससे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर बना रहेगा।
- दिनभर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे।
- रात में सोने से पहले शुगरी ड्रिंक, कैफीन का सेवन ना करें। सोने और उठने का समय तय करें। रोजाना 7-8 घंटे की नींद लें। •योग और मेडिटेशन करके स्ट्रेस कम करें। •सोने और उठने का एक नियमित समय तय करें और उसे फॉलो करें।
(यह जानकारी ललिता गोयल और गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. रेनू अग्रवाल से बातचीत पर आधारित है)
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Haribhoomi


















/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)





