12 महीनों में 20 टेस्ट खेलेगी ऑस्ट्रेलिया की टीम, भारत दौरे पर होगी 5 मैचों की बड़ी सीरीज, यहां देखें पूरा शेड्यूल
ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम का अगले 12 महीनों का टेस्ट शेड्यूल बेहद व्यस्त रहने वाला है। दरअसल टीम अगस्त 2026 से अगस्त 2027 के बीच कुल 20 टेस्ट मैच खेलेगी। इसमें भारत, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड और बांग्लादेश जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ सीरीज शामिल हैं। खास बात यह है कि भारत में पांच टेस्ट मैचों की लंबी सीरीज भी इसी कार्यक्रम का हिस्सा होगी।
दरअसल ऑस्ट्रेलिया लंबे समय से टेस्ट क्रिकेट को अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता मानता रहा है और नया शेड्यूल भी इसकी पुष्टि करता है। जहां कई देशों का फोकस टी20 लीग और सीमित ओवर क्रिकेट पर बढ़ा है, वहीं क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने अगले एक साल में लगातार टेस्ट सीरीज खेलने का फैसला किया है। इतनी बड़ी संख्या में टेस्ट मुकाबले खिलाड़ियों की फिटनेस, बेंच स्ट्रेंथ और टीम मैनेजमेंट की रणनीति की भी कड़ी परीक्षा लेंगे। लगातार विदेशी और घरेलू दौरों के बीच खिलाड़ियों के वर्कलोड मैनेजमेंट पर भी सबकी नजर रहेगी।
भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज रहेगी सबसे बड़ा आकर्षण
वहीं ऑस्ट्रेलियाई टीम जनवरी 2027 में भारत दौरे पर आएगी, जहां दोनों टीमों के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जाएगी। भारतीय परिस्थितियों में ऑस्ट्रेलिया के लिए लंबे समय तक टेस्ट क्रिकेट खेलना हमेशा चुनौतीपूर्ण माना जाता है। स्पिन पिचों पर मुकाबला, लंबी सीरीज का दबाव और घरेलू दर्शकों का समर्थन भारतीय टीम को मजबूत बनाता है। यही वजह है कि इस सीरीज को अगले साल की सबसे बड़ी टेस्ट भिड़ंत माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच पिछले कुछ वर्षों में टेस्ट क्रिकेट का स्तर काफी ऊंचा रहा है और हर मुकाबले में कड़ी टक्कर देखने को मिली है।फैंस के लिए खास आकर्षण रहेगा।
Australia are set to play minimum 20 Tests in the next 12 months. ????????
2 Tests Vs Bangladesh (Home).
3 Tests Vs South Africa (Away).
4 Tests Vs New Zealand (Home).
5 Tests Vs India (Away).
1 Test Vs England (Home).
5 Tests Vs England (Away). pic.twitter.com/TBph18TfGV— Mufaddal Vohra (@mufaddal_vohra) August 3, 2026
ऐतिहासिक 150वां टेस्ट
दरअसल भारत दौरे के अलावा ऑस्ट्रेलिया का पूरा कार्यक्रम भी बेहद चुनौतीपूर्ण है। टीम सबसे पहले घरेलू मैदान पर बांग्लादेश के खिलाफ दो टेस्ट खेलेगी। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका में तीन टेस्ट मैचों की कठिन सीरीज होगी। फिर न्यूजीलैंड के खिलाफ चार टेस्ट मुकाबले घरेलू सरजमीं पर खेले जाएंगे। मार्च 2027 में इंग्लैंड के खिलाफ एक विशेष टेस्ट मैच आयोजित होगा, जो टेस्ट क्रिकेट के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में खेला जाएगा। इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम इंग्लैंड दौरे पर जाएगी, जहां पारंपरिक एशेज सीरीज के तहत पांच टेस्ट मैच खेले जाएंगे। इस तरह अगले 12 महीनों में ऑस्ट्रेलिया का शेड्यूल लगातार यात्रा, कठिन परिस्थितियों और मजबूत विपक्ष से भरा रहेगा।
दतिया उप चुनाव में हार पर बोले आशुतोष तिवारी, “मैं शिकार होने वाला मटेरियल नहीं हूँ”, भितरघातियों को दी नसीहत
मध्य प्रदेश के दतिया में हुए उप चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने 6029 वोटों से हरा दिया, अब इस हार के साथ ही सियासी गलियारों में भितरघात की चर्चा शुरू हो गई है और भितरघातियों की खोज शुरू हो गई इस बीच आशुतोष तिवारी ने उन लोगों को कड़ा जवाब दिया है जो कह रहे हैं कि वे भितरघातियों के शिकार हो गए हैं।
किसी भी चुनाव में एक पार्टी जीतती है और दूसरी हारती है लेकिन जब सत्ताधारी दल उप चुनाव में हार जाता है तो उस दल के साथ साथ सरकार पर भी सवाल खड़े होते हैं, दतिया उप चुनाव में कुछ ऐसा ही हुआ है, हालाँकि दतिया सीट उप चुनाव से पहले कांग्रेस के ही पास थी राजेन्द्र भारती विधायक थे,लेकिन राजेन्द्र भारती के पहले दतिया के विधायक डॉ नरोत्तम मिश्रा थे वे 15 साल तक दतिया का प्रतिनिधित्व करते हुए सरकार में मंत्री भी रहे लेकिन 2018 का चुनाव वे राजेन्द्र भारती से हार गए थे।
आशुतोष बोले हाथ जोड़कर जनादेश स्वीकार करता हूँ
अब जब पूरी सरकार ने दतिया उप चुनाव के लिए मेहनत की लेकिन परिणाम पक्ष में नहीं आया तो सवाल खड़े हो रहे हैं , मीडिया ने जब आशुतोष तिवारी से उनकी हार पर प्रतिक्रिया मांगी तो उन्होंने कहा मैं जनादेश को हाथ जोड़कर स्वीकार करता हूँ आप निश्चिन्त रहिये समय समय पर मीडिया मित्रों से मिलूँगा हम पार्टी स्तर पर हार की समीक्षा करेंगे।
व्यक्ति के जीवन में पवित्रता का होना बहुत महत्वपूर्ण होता है
एक सवाल के जवाब में आशुतोष तिवारी ने कहा कई बार राजनीति का अनुपात बिगड़ जाता है व्यक्ति उन राजनैतिक व्यवहारों को भी अपने जीवन में ले आता है जो नहीं लाना चाहिए मैं उसका समर्थन नहीं करता , विधायक सांसद बनने से जरूरी ही जीवन में पवित्रता का होना और मैं इसे महत्वपूर्ण मानता हूँ।
भितरघातियों को आशुतोष तिवारी ने दिया करारा जवाब
आशुतोष तिवारी ने भितरघातियों के शिकार होने के सवाल एक जवाब में कड़े लहजे में कहा , मैं शिकार होने वाला मटेरियल नहीं हूँ, भितरघातियों की अपनी फितरत है वो उसे बदलें। पवित्रता के साथ जीने वाला भी राजनीति कर सकता है पर उन्हें मुगालते में रहने की अवश्यक नहीं है कि कोई आशुतोष का शिकार कर सकता है आशुतोष भाजपा का कार्यकर्ता है और भाजपा का एक एक कार्यकर्ता बहुत मजबूत होता है और पवित्रता के साथ जीने का हमारा संकल्प है जो हमेशा रहेगा।
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