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Choti Diwali 2026: आज है छोटी दिवाली, जानें इस दिन कितने दीये जलाना होता है शुभ? जानें सही समय
Choti Diwali 2026: आज यानी 7 नवंबर 2026 को शनिवार के दिन छोटी दिवाली मनाई जा रही है. हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी पर छोटी दिवाली और नरक चतुर्दशी का त्योहार मनाया जाता है. इस दिन कई घरों में शाम के समय यम का दीपक जलाते हैं. कलकत्ता में इस दिन पर भूत चतुर्दशी का पर्व मनाते हैं और 14 प्रकार के साग खाते हैं. कहते हैं कि आज के दिन का दीया मृत्यु के देवता यमराज के लिए जलाया जाता है. ऐसी मान्यता है कि इस दीये को जलाने से परिवार में अकाल मृत्यु का खतरा टल जाता है. साथ ही नरक की यातनाओं से भी मुक्ति मिलती है.
आज अभ्यंग स्नान किया जाता है
छोटी दिवाली के दिन हमें खुद को दीपावली के लिए तैयार करना होता है, जिसके लिए अभ्यंग स्नान किया जाता है. कहा जाता है कि इस दिन तेल मालिश करके उबटन लगाने के बाद स्नान करना होता है. पुराणों में बताया गया है कि इस दिन लक्ष्मी माता तेल और गंगा नदी में वास करती है. इस कारण से इस दिन तेल मालिश करने पर लक्ष्मी माता की असीम कृपा मिलती है. साथ ही इस दिन घर में दीप जलाने का भी महत्व होता है.
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छोटी दिवाली को नरक चतुर्दशी क्यों कहते हैं?
छोटी दिवाली को नरक चतुर्दशी कहने के पीछे द्वापर युग से जुड़ी भगवान श्रीकृष्ण और राक्षस नरकासुर की एक पौराणिक कथा प्रचलित है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नरकासुर नाम के राक्षस ने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करके देवताओं और ऋषि-मुनियों को परेशान करना शुरू कर दिया था. उसने कई महिलाओं को भी बंदी बना लिया था. इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध करके उसके अत्याचारों से सभी को मुक्ति दिलाई थी.
मान्यता है कि यह घटना कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को हुई थी. नरकासुर के वध से लोगों को भय और अत्याचारों से मुक्ति मिली, इसलिए इस दिन को नरक चतुर्दशी कहा जाने लगा. इसे रूप चतुर्दशी और छोटी दिवाली के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन दीपदान करने की परंपरा है. धार्मिक मान्यता है कि इससे नकारात्मकता दूर होती है और परिवार में सुख-समृद्धि आती है.
आज दीये जलाने का मुहूर्त
आज छोटी दिवाली पर दीये जलाने का शुभ मुहूर्त 7 नवंबर 2026 की शाम 05:32 से शुरू होकर रात 08:09 बजे तक रहेगा.
छोटी दिवाली पर कितने दीये जलाए जाते हैं?
हालांकि, छोटी दिवाली पर कितने भी दीये जलाए जा सकते हैं लेकिन आपको कोशिश करनी चाहिए कि आज के दिन कम से कम 14 दीप जलाने चाहिए. साथ ही एक दीपक यम के नाम का भी जलाएं.
छोटी दिवाली पर कहां-कहां दीपक जलाएं?
- मुख्य द्वार पर जलाएं
- पूजा स्थल पर जलाएं
- दक्षिण दिशा में जलाएं
- अध्ययन कक्ष में जलाएं
- दफ्तर में जलाएं
- पवित्र पेड़ के पास जलाएं
- घर के बाहर जलाएं
- रसोई घर में जलाएं
- घर के आंगन में जलाएं
- तुलसी के पास रखें
- घर की छत पर जलाएं
- खिड़कियों के पास रखें
- जल स्रोत के पास रखें
- अन्न भंडार के पास जलाएं
दीप जलाने के नियम
- छोटी दिवाली के दिन हमेशा मिट्टी के दीये जलाने चाहिए.
- छोटी दिवाली पर दीपक हमेशा प्रदोष काल में जलाया जाता है. दीपक जलाने का सबसे शुभ समय यहीं होता है.
- छोटी दिवाली पर मृत्यु के देवता यमराज का दीपक जलाना भी महत्वपूर्ण होता है. इस दीपक को घर के मुख्य द्वार के बाहर या नाली के पास रखना चाहिए.
छोटी और बड़ी दिवाली में क्या अंतर है?
छोटी दिवाली के दिन घर में साफ-सफाई करते हैं और अभ्यंग स्नान के साथ दिवाली के तैयार होते हैं. छोटी दिवाली कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी पर मनाई जाती है जबकि बड़ी दिवाली अमावस्या की रात को मनाई जाती है. बड़ी दिवाली के दिन लक्ष्मी-गणेश का पूजन होता है.
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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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