न्यूजीलैंड में आम चुनावों के लिए हो रही वोटिंग, प्रधानमंत्री लक्सन और नेता प्रतिपक्ष के बीच कड़ा मुकाबला; जानें अहम मुद्दे
न्यूजीलैंड में आज आम चुनावों के लिए मतदान शुरू हो चुके हैं. इस चुनाव में प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के भविष्य होगा. उनकी पार्टी लगातार दूसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है. विपक्षी लेबर पार्टी के नेता क्रिस हिपकिंस उन्हें कड़ा मुकाबला दे रहे हैं और सत्ता में वापसी की कोशिश कर रहे हैं. इस बार महंगाई, बेरोजगारी, आवास, लाइफस्टाइल कॉस्ट और आर्थिक डिप्रेशन चुनाव में सबसे बड़े मुद्दे बनकर सामने आए हैं.
न्यूजीलैंड में करीब 3 साल बाद आम चुनाव हो रहे हैं. इस चुनाव को प्रधानमंत्री लक्सन और उनकी सरकार के कामकाज पर जनता के फैसले के रूप में देखा जा रहा है. लक्सन के सामने सबसे बड़ी चुनौती है कि वह जनता में भरोसा बनाए रख पाएंगे या नहीं.
मौजूदा सरकार आम आदमी की समस्या खत्म करने में असक्षम- नेता प्रतिपक्ष
विपक्षी लेबर पार्टी और नेता प्रतिपक्ष क्रिस हिपकिंस महंगाई और आर्थिक सुस्ती जैसे बड़े मुद्दों पर सरकार को खूब घेरा है. उन्होंने जनता के बीच संदेश पहुंचाया कि मौजूदा सरकार आम आदमी की समस्या खत्म करने में असक्षम है. बता दें, पिछले कुछ वर्षों से न्यूजीलैंड आर्थिक सुस्ती, रोजगार, महंगाई और रोजगार का सामना कर रहा है. कई परिवारों के लिए घर का किराया, मकान की किस्त, खाने-पीने की चीजें और रोजमर्रा का खर्च संभालना मुश्किल हो गया है. अब देखना होगा कि न्यूजीलैंड के आम लोगों की समस्या को विपक्ष कितने अच्छे से भुना पा रहा है.
सुस्त अर्थव्यवस्था को लेकर प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन दावा करते हैं कि उनकी सरकार को पिछली लेबर सरकार से कमजोर अर्थव्यवस्था विरासत में मिली थी. उन्होंने महंगाई को नियंत्रित करने, सरकारी खर्च में कटौती और आर्थिक विकास को गति देने के लिए उठाए गए कदमों का बचाव किया है. वहीं, विपक्षी नेता क्रिस हिपकिंस का आरोप है कि लक्सन सरकार आम लोगों को राहत देने में नाकाम रही है। लेबर पार्टी स्वास्थ्य सेवाओं, आवास, रोजगार और सार्वजनिक सुविधाओं में निवेश बढ़ाने की बात कर रही है.
दो प्रमुख नेताओं के बीच सीधा मुकाबला
55 वर्षीय क्रिस्टोफर लक्सन पूर्व कारोबारी हैं. राजनीति में आने से पहले वह एयर न्यूजीलैंड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रह चुके हैं। 2020 में संसद पहुंचे लक्सन 2021 में नेशनल पार्टी के नेता बने और 2023 के चुनाव में जीत के बाद प्रधानमंत्री बने.
दूसरी तरफ, 48 वर्षीय क्रिस हिपकिंस लंबे समय से न्यूजीलैंड की राजनीति में सक्रिय हैं। वह 2023 में जैसिंडा अर्डर्न के इस्तीफे के बाद प्रधानमंत्री बने थे। हालांकि, उसी साल हुए आम चुनाव में लेबर पार्टी को हार का सामना करना पड़ा और लक्सन के नेतृत्व में नई सरकार बनीय
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