Chaitra Amavasya 2026: चैत्र अमावस्या पर इन 5 चीजों का करें दान, भूलकर भी न करें ये गलतियां, होगा नुकसान
Chaitra Amavasya 2026: सनातन धर्म में ऐसे कई त्योहार और पर्व पड़ते हैं, जिनके दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है.मान्यता है कि इन अवसरों पर यदि कोई सच्चे मन से जरूरतमंदों को दान करता है तो उसके लिए मोक्ष की राहे आसान हो जाती है. दान करने से न सिर्फ खुद को अच्छा लगता है बल्कि दूसरों की दुआएं भी मिलती है. हालांकि, दान करते समय हमें कुछ बातों का विशेष रूप से ख्याल भी रखना होता है. जैसे कि कब कौन से अवसर पर क्या दान करें. इस खबर में हम आपको बता रहे हैं कि चैत्र अमावस्या पर कौन सी चीजों का दान करना चाहिए.
कब है चैत्र अमावस्या?
द्रिक पंचांग के अनुसार, चैत्र महीने की अमावस्या पर जो लोग दान करते हैं, उनपर ईश्वर की कृपा होती है. बता दें कि इस महीने की अमावस्या को भूतड़ी अमावस्या कहते हैं. ये अमावस्या इस साल 19 मार्च 2026, गुरुवार को पड़ रही है. अमावस्या के दिन तर्पण और दान करना अच्छा माना जाता है. मगर इस दिन कुछ चीजों के दान को लेकर हमें सावधानी बरतनी चाहिए.
चैत्र अमावस्या पर दान करें ये चीजें
काला तिल
चैत्र अमावस्या के दिन काले तिलों का दान करना चाहिए. मान्यता है कि इस चीज के दान से पितरों को शांति मिलती है. इसके साथ शनि देव को भी काले तिल का दान प्रिय होता है. शनि दोषों को कम करने के लिए भी काले तिल देने चाहिए.
वस्त्र
चैत्र अमावस्या पर जरूरतमंदों को कपड़ों का दान करना चाहिए. ध्यान रहे अगर आप वस्त्र दान कर रहे हैं तो उनका रंग सफेद होना चाहिए. मान्यता है कि सफेद रंग के दान से पितरों का आशीर्वाद मिलता है.
अन्न-भोजन
चैत्र अमावस्या पर किसी भी तरह से खाने और अन्न का दान भी करना चाहिए. इसे भी शुभ माना गया है. कहते हैं अमावस्या पर गुड़ और गेहूं का दान करना भी अतिशुभ होता है.
गौसेवा
चैत्र अमावस्या के दिन गौशाला जाकर गायों को चारा और गुड़ खिलाना चाहिए. ऐसा करने से जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं. इसके अलावा अमावस्या तिथि पर ब्रह्मान को गाय दान करने से भी पाप कम होते हैं.
दीपदान
सनातन धर्म में दीपदान करने का विशेष महत्व होता है. बताया जाता है कि दीपदान करने से जीवन में आने वाली सारी मुश्किलें कम हो जाती है. दीपदान करने से घर में खुशियां आती हैं. चैत्र अमावस्या पर हमें घर की दक्षिण दिशा में भी दीया जलाना चाहिए.
चैत्र अमावस्या पर बिल्कुल न करें ये काम
- चैत्र अमावस्या पर मांस, मदिरा और प्याज-लहसुन का सेवन नहीं करते हैं. इन चीजों का दान भी अशुभ है.
- इस दिन देर तक सोना नहीं चाहिए और जल्दी उठकर स्नान आदि करना चाहिए.
- चैत्र अमावस्या पर कोई भी नया या शुभ कार्य नहीं करना चाहिए. अगर कोई काम फिक्स था तो उसकी डेट को आगे बढ़ा दें.
- इस अमावस्या पर सकारात्मक सोच को जागृत रखें. नकारात्मक बातों और ख्यालों को आस-पास भटकने न दें.
- चैत्र अमावस्या पर काले रंग के वस्त्र नहीं पहनने चाहिए.
चैत्र अमावस्या पर इन नियमों का पालन जरूर करें
- चैत्र अमावस्या के दिन सुबह किसी पवित्र नदी में स्नान अवश्य करें वरना पानी में गंगाजल मिलाकर नहा सकते हैं.
- इस दिन अपने पूर्वजों के लिए दान और तर्पण करना चाहिए. इससे पितृ दोष से मुक्ति मिलती है.
- नकारात्मक शक्तियों से बचने के लिए चैत्र अमावस्या पर हनुमान जी की पूजा करनी चाहिए.
- अमावस्या की रात किसी सुनसान जगह, श्मशान या चौराहे पर नहीं जाना चाहिए.
चैत्र अमावस्या का महत्व
चैत्र अमावस्या जिसे भूतड़ी अमावस्या भी कहते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस अमावस्या की रात्रि की शक्तियां बहुत नकारात्मक होती है. इस दिन चंद्रमा का प्रभाव पृथ्वी पर कम होता है और अंधेरा ज्यादा रहता है. इस वजह से नेगेटिव एनर्जी का भी ज्यादा असर होता है. इसलिए, दिन के समय पवित्र कार्य और पवित्र नदियों में स्नान करना चाहिए.
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Disclaimer: यहां दी गई सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. न्यूज नेशन किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता पर भरोसा करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
अमेरिका ने सभी देशों को रूसी कच्चा तेल खरीदने की मंजूरी दी, कीमतों में आई गिरावट
नई दिल्ली, 13 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका की ओर से सभी देशों को रूसी कच्चा तेल खरीदने की मंजूरी के बाद शुक्रवार को वैश्विक स्तर पर कीमतों में मामूली गिरावट देखने को मिली है।
खबर लिखे जाने तक ब्रेंट क्रूड 0.47 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 99.99 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 0.67 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 95.09 डॉलर प्रति बैरल पर था।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने एक्स पर कहा कि मौजूदा आपूर्ति तक पहुंच बढ़ाने के लिए, अमेरिका सभी देशों को समुद्र में फंसे रूसी तेल को खरीदने की एक अस्थायी छूट प्रदान कर रहा है।
बेसेंट ने पोस्ट किया कि यह सीमित दायरे वाला, अल्पकालिक उपाय केवल पहले से ही परिवहन में मौजूद तेल पर लागू होता है और इससे रूसी सरकार को कोई महत्वपूर्ण वित्तीय लाभ नहीं होगा, जिसे अपने ऊर्जा राजस्व का अधिकांश हिस्सा निष्कर्षण स्थल पर लगाए गए करों से प्राप्त होता है।
उन्होंने आगे कहा कि तेल की कीमतों में यह अस्थायी वृद्धि एक अल्पकालिक और अस्थायी व्यवधान है, जिससे दीर्घकाल में हमारे देश और अर्थव्यवस्था को भारी लाभ होगा।
अमेरिका द्वारा दी गई छूट रूसी मूल के कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों पर लागू होती है, जिन्हें 12 मार्च को पूर्वी समयानुसार रात 12:01 बजे या उससे पहले जहाजों पर लादा जाना था।
बुधवार को, अमेरिका ने अपने रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार से 172 मिलियन बैरल तेल जारी करने की घोषणा की।
इस बीच, भारतीय सरकार ने कहा कि कच्चे तेल की आपूर्ति सुरक्षित है, और सुरक्षित मात्रा होर्मुज मार्ग से आपूर्ति की जाने वाली मात्रा से अधिक है।
इस संकट से पहले, भारत के कच्चे तेल के आयात का लगभग 45 प्रतिशत होर्मुज मार्ग से होकर गुजरता था।
अब भारत ने कच्चे तेल की इतनी मात्रा सुरक्षित कर ली है जो बाधित जलडमरूमध्य मार्ग से उसी अवधि में प्राप्त होने वाली मात्रा से कहीं अधिक है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि संघर्ष शुरू होने से पहले गैर-होर्मुज स्रोतों से कच्चे तेल की खरीद 55 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर लगभग 70 प्रतिशत हो गई है।
भारत अब 40 देशों से कच्चा तेल खरीदता है, जबकि 2006-07 में यह आंकड़ा 27 था। कई वर्षों से निरंतर नीति के माध्यम से हासिल किए गए इस संरचनात्मक विविधीकरण ने हमें ऐसे विकल्प दिए हैं जो अन्य देशों के पास अब नहीं हैं।
पुरी ने बताया कि रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं। कई मामलों में तो वे 100 प्रतिशत से भी अधिक क्षमता पर चल रही हैं।
--आईएएनएस
एबीएस/
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