इतिहास गवाह है। जंग चाहे अमेरिका कहीं भी लड़े उसकी अपनी जमीन पर एक गोली भी नहीं चलती। सेकंड वर्ल्ड वॉर को छोड़ दें तो पाल हर्बर पर जापानी हमले के अलावा कभी भी अमेरिका की जमीन पर कोई भी हमला नहीं हुआ। आतंकी हमले हुए हैं लेकिन कोई देश सैन्य हमला नहीं कर पाया। लेकिन अब अमेरिका की खुफिया ब्यूरो की नींद उड़ गई है। उसने अपनी रिपोर्ट में साफ शब्दों में यह कह दिया है कि ईरान अमेरिका की जमीन पर बड़ा हमला करने वाला है। यानी सीधे अमेरिका की मुख्य भूमि पर हमला। मिडिल ईस्ट में भड़की जंग अब एक नए मोड़ पर पहुंचती दिख रही है क्योंकि अब खतरा सीधे अमेरिका की धरती तक पहुंचने की चेतावनी दी जा रही है।
इंटेलिजेंस इनपुट के मुताबिक ईरान अब ऐसा हमला प्लान कर सकता है जो सीधे अमेरिका के दिल पर स्ट्राइक होगा। आशंका तो यह भी है कि समुद्र में मौजूद किसी भी जहाज से ड्रोन लॉन्च करने के कैलिफोर्निया के वेस्ट कोस्ट को टारगेट किया जा सकता है। और अगर ऐसा होता है तो यह सिर्फ हमला नहीं होगा बल्कि अमेरिका की होम लैंड सिक्योरिटी के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है। जिसमें अमेरिका मिट्टी में भी मिल सकता है। तो ताज्जुब की बात नहीं होगी। एफबीआई का यह हाई अलर्ट टू अमेरिका इस जंग का सबसे घातक अलर्ट साबित हो सकता है। एफबीआई ने चेतावनी दे दी है कि ईरान से जुड़े नेटवर्क अमेरिका के वेस्ट कोस्ट को टारगेट कर सकते हैं।
कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक एक संभावित अटैक सिनेरियो यह हो सकता है कि समुद्र में खड़े किसी जहाज से कॉम्बैट ड्रोंस लॉन्च किए जाएं और उन्हें कैलिफोर्निया के ओर भेज दिया जाए। यानी हमला सीधे अमेरिका की सीमा के बाहर से शुरू होगा। लेकिन उसका असर अमेरिकी शहरों तक पहुंच सकता है। और इसी खतरे को देखते हुए यूएस सिक्योरिटी एजेंसीज अब हाई अलर्ट पर पहुंच चुकी हैं। दरअसल कैलिफोर्निया के प्रशासन ने यह साफ कर दिया है कि राज्य किसी भी इमरजेंसी सिचुएशन से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। दरअसल अमेरिका, इजराइल, ईरान के बीच बढ़ते मिलिट्री टेंशंस ने इस खतरे को और भी गंभीर बना दिया है। क्योंकि डिफेंस एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर ड्रोन समुद्र से लॉन्च किया जाता है तो उन्हें ट्रैक करना और इंटिसिपेट करना काफी मुश्किल हो जाता है।
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इज़राइल और अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ चलाए जा रहे साझा सैन्य अभियान 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के बीच इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बड़ा बयान दिया है। नेतन्याहू ने ईरान के नवनियुक्त सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि उनके लिए कोई "लाइफ इंश्योरेंस" (जीवन बीमा) नहीं है।
आतंक के आकाओं के लिए कोई सुरक्षा नहीं
गुरुवार को पत्रकारों से बात करते हुए नेतन्याहू ने स्पष्ट संकेत दिए कि इज़राइल और अमेरिका का निशाना केवल सैन्य ठिकाने नहीं, बल्कि ईरान का शीर्ष नेतृत्व भी है।
सीधी चेतावनी: जब नेतन्याहू से पूछा गया कि क्या इज़राइल मोजतबा खामेनेई या हिज्बुल्लाह प्रमुख नईम कासिम को निशाना बनाएगा, तो उन्होंने कहा, "मैं किसी भी आतंकी संगठन के नेताओं के लिए लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी लेने की सलाह नहीं दूंगा।"
सफलता का दावा: नेतन्याहू के अनुसार, 28 फरवरी से शुरू हुआ यह अभियान योजना के अनुसार आगे बढ़ रहा है और वे रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) तथा बासिज मिलिशिया पर "विनाशकारी प्रहार" कर रहे हैं।
गुरुवार को पत्रकारों से बात करते हुए, नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल का संयुक्त युद्ध प्रयास अच्छी तरह से आगे बढ़ रहा है। एसोसिएटेड प्रेस (AP) के अनुसार, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इजरायल के विरोधी समूहों के नेताओं को निशाना बनाया जा सकता है। इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ अपना अभियान शुरू किया था, जिसे अमेरिका 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' कहता है।
जब उनसे पूछा गया कि क्या इजरायल मोजतबा खामेनेई या हिजबुल्लाह के नेता नईम कासिम को निशाना बनाएगा, तो नेतन्याहू ने कहा कि वह इस संभावना से इनकार नहीं करेंगे। AP के अनुसार, नेतन्याहू ने कहा, "मैं किसी भी आतंकवादी संगठन के नेता के लिए जीवन बीमा पॉलिसी नहीं लूँगा।" मोजतबा खामेनेई अपने पिता अली खामेनेई के मारे जाने के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता बने; अली खामेनेई युद्ध की शुरुआत में अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों में मारे गए थे।
नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल ईरानी सुरक्षा बलों और उनके सहयोगियों पर हमले कर रहा है। उन्होंने कहा, "हम रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और बासिज पर सड़कों और चौकियों, दोनों जगहों पर करारे प्रहार कर रहे हैं - और हम अभी भी सक्रिय हैं।" नेतन्याहू ने ईरानी लोगों को भी संबोधित किया और कहा कि ईरान में बदलाव उन्हीं पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा, "वह क्षण जब आप स्वतंत्रता के एक नए मार्ग पर चल सकते हैं — वह क्षण अब करीब आ रहा है।" उन्होंने आगे कहा, "हम आपके साथ खड़े हैं, हम आपकी मदद कर रहे हैं। लेकिन अंततः यह आप पर ही निर्भर करता है। यह आपके ही हाथों में है।" नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल के सैन्य अभियान का उद्देश्य ईरान के नेतृत्व को कमजोर करना और बदलाव के लिए परिस्थितियाँ तैयार करना है।
उन्होंने कहा, "आप किसी को पानी तक तो ले जा सकते हैं, लेकिन उसे पानी पीने के लिए मजबूर नहीं कर सकते," यह संकेत देते हुए कि ईरानी लोगों को ही अपने देश के भविष्य का फैसला करना होगा। नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ अपने संबंधों की भी सराहना की, और कहा कि इस संघर्ष के दौरान दोनों नेता लगातार एक-दूसरे के संपर्क में रहे हैं। उन्होंने कहा, "हम लगभग हर दिन बात करते हैं। हम खुलकर बात करते हैं, विचारों और सलाह का आदान-प्रदान करते हैं, और मिलकर फैसले लेते हैं।"
नेतन्याहू ने यह भी संकेत दिया कि इजरायल इस क्षेत्र के अन्य देशों के साथ नई साझेदारियाँ बनाने पर काम कर रहा है, हालाँकि उन्होंने इस बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।
News Source- Indian Express ( प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क किसी भी तरह से इस खबर की पुष्टि नहीं करता है। मिडिल ईस्ट संकट पर आयी यह एक रिपोर्ट है जिसे केवल प्रभासाक्षी से वेबसाइट पर अपलोड किया है।)
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