IND vs NZ Weather Report: दूसरे वनडे पर मंडराया बारिश का खतरा, क्या फिर लागू होगा DLS नियम?
IND vs NZ Weather Report: भारत और न्यूजीलैंड के बीच दूसरा वनडे 7 नवंबर को वेलिंगटन में खेला जाएगा। लेकिन मुकाबले पर बारिश का खतरा मंडरा रहा है। जानें वेलिंगटन का मौसम कैसा रहेगा?
US Stock Market में भारी गिरावट से Nvidia के Jensen Huang को 15.1 अरब डॉलर का नुकसान
दुनिया की बड़ी तकनीकी कंपनियों के शेयरों में आई भारी गिरावट का असर अब उनके मालिकों की संपत्ति पर भी दिखने लगा है। अमेरिकी कंपनी एनवीडिया के प्रमुख जेनसन हुआंग को एक ही दिन में करीब 15.1 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। इसके चलते दुनिया के सबसे अमीर 15 अरबपतियों की सूची में उनकी जगह नीचे खिसक गई है। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के मुताबिक, हुआंग अब 9वें स्थान से गिरकर 13वें स्थान पर पहुंच गए हैं।
हुआंग के अलावा टेस्ला के प्रमुख एलन मस्क और ओरेकल के संस्थापक लैरी एलिसन की संपत्ति में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। मस्क को करीब 79.7 अरब डॉलर का नुकसान हुआ, जबकि एलिसन की संपत्ति 10.1 अरब डॉलर कम हो गई। शेयर बाजार में आई इस गिरावट ने दुनिया के कई बड़े अरबपतियों की कुल संपत्ति को प्रभावित किया है।
इस गिरावट का सबसे बड़ा असर अमेरिकी तकनीकी शेयरों पर पड़ा। 5 नवंबर को नैस्डैक-100 सूचकांक में शामिल कंपनियों का कुल बाजार मूल्य एक ही दिन में करीब 2.5 लाख करोड़ डॉलर घट गया। वहीं, तकनीकी कंपनियों पर आधारित नैस्डैक कंपोजिट सूचकांक में गुरुवार को 5.5% की गिरावट आई। अप्रैल 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से आयात शुल्क लगाने के बाद बाजार में आई गिरावट के बाद यह इसकी सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट मानी जा रही है।
इस दौरान एनवीडिया और एएमडी के शेयरों में भी भारी बिकवाली देखने को मिली। गुरुवार के कारोबार में एनवीडिया के शेयर 9% और एएमडी के शेयर 17% तक टूट गए। खास बात यह है कि इसी सप्ताह एनवीडिया का बाजार मूल्य 5.02 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंच गया था। इसके साथ ही कंपनी ने एप्पल को पीछे छोड़कर दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी का स्थान फिर हासिल कर लिया था। लेकिन कुछ ही दिनों में बाजार का रुख बदलने से कंपनी के शेयरों पर दबाव बढ़ गया।
दरअसल, अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की बड़ी जीत के बाद निवेशकों के बीच नई चिंताएं पैदा हुई हैं। बाजार को आशंका है कि आने वाले समय में कुछ राज्यों में नई सरकारें बड़े डेटा सेंटर बनाने की योजनाओं पर रोक लगा सकती हैं या उनके निर्माण से जुड़े नियम सख्त कर सकती हैं। टेक्सास समेत कई राज्यों में डेमोक्रेटिक पार्टी के नवनिर्वाचित गवर्नरों ने डेटा सेंटर परियोजनाओं पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
बता दें कि एआई से जुड़ी सेवाओं को चलाने के लिए बड़े डेटा सेंटर की जरूरत होती है। इन केंद्रों में हजारों शक्तिशाली कंप्यूटर और सर्वर लगाए जाते हैं, जिन्हें चलाने के लिए भारी मात्रा में बिजली और पानी की जरूरत पड़ती है। अमेरिका के कई इलाकों में स्थानीय लोग पहले से ही बिजली की बढ़ती खपत और पानी के इस्तेमाल को लेकर चिंता जता रहे हैं। उन्हें आशंका है कि डेटा सेंटर बनने से स्थानीय संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा।
गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में एआई के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल ने एनवीडिया, एएमडी और दूसरी तकनीकी कंपनियों के कारोबार को काफी आगे बढ़ाया है। एआई मॉडल तैयार करने और उन्हें चलाने के लिए खास तरह की कंप्यूटर चिप और बड़े डेटा सेंटर की जरूरत होती है। इसी वजह से कंपनियां इस क्षेत्र में अरबों डॉलर का निवेश कर रही हैं। हालांकि, अब निवेशकों का ध्यान केवल कंपनियों की भविष्य की कमाई पर नहीं, बल्कि इन सुविधाओं को बनाने और चलाने में आने वाली लागत पर भी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि एआई कारोबार का अगला दौर कंपनियों के लिए बड़ी परीक्षा साबित हो सकता है। अब उन्हें यह दिखाना होगा कि भारी निवेश के बदले पर्याप्त कमाई भी हो रही है। ऐसे में डेटा सेंटर निर्माण पर किसी तरह की रोक या देरी का असर केवल तकनीकी कंपनियों के शेयरों पर ही नहीं, बल्कि दुनिया के बड़े अरबपतियों की संपत्ति पर भी पड़ सकता है।
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