अमिताभ बच्चन के बंगले को बम से उड़ाने की फिर मिली धमकी, 15 दिन में दूसरा ईमेल, बॉम्बे हाईकोर्ट भी निशाने पर
बॉलीवुड एक्टर अमिताभ बच्चन को एक बार फिर धमकी मिली. उनके मुंबई स्थित जलसा बंगले को बम से उड़ाने की धमकी मिली है. इसके साथ ही ईमेल में स्टॉक एक्सचेंज और बॉम्बे हाईकोर्ट में भी बम ब्लास्ट करने की बात लिखी है. बता दें कि अमिताभ बच्चन के बंगले को दूसरी बार बम से उड़ाने का धमकी भरा ईमेल मिला है. इससे पहले 23 अक्टूबर को मुंबई की मेयर रितु तावड़े के ऑफिस में धमकी भरा ईमेल आया था. जिसमें मुंबई के महालक्ष्मी रेसकोर्स में होने वाले दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट और अमिताभ बच्चन के जुहू स्थित बंगले 'जलसा' को निशाना बनाने की बात कही गई थी. अमिताभ बच्चन के बंगले को निशाने बनाने की धमकी का ईमेल 15 दिन में दूसरी बार आया है. इस ईमेल के बाद मुंबई पुलिस हाई अलर्ट पर है.
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दिल्ली-महाराष्ट्र सहित 7 राज्यों में SIR पर चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, वोटर लिस्ट से कटे नामों को मिलेगा दोबारा जुड़ने का मौका
SIR इन दिनों सुर्खियों में बना हुआ है. सुर्खियों में रहने के बीच, चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला किया है. आयोग ने दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश और नागालैंड में ड्राफ्ट मतदाता सूची से बाहर किए गए लोगों को एक और मौका देने का निर्देश दिया है. इसके तहत, ऐसे मतदाताओं की पहचान करने और उनके नाम दोबारा मतदाता सूची में शामिल करने के लिए स्पेशल अभियान चलाया जाएगा.
चुनाव आयोग के निर्देश के मुताबिक, जिन मतदाताओं को पहले Enumeration Form यानी गणना फॉर्म जारी किए गए थे, लेकिन सत्यापन के दौरान उन्हें अनुपस्थित (Absent), स्थानांतरित (Shifted), मृत (Dead) या डुप्लिकेट (Duplicate) श्रेणी में रखकर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से बाहर कर दिया गया था, वे अब दोबारा अपना फॉर्म जमा कर सकेंगे. आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल होने से न छूटे.
पोलिंग बूथों पर दोबारा लगाई जाएगी हटाए गए नामों की सूची
चुनाव आयोग ने संबंधित राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटाए गए मतदाताओं की बूथवार सूची दोबारा सार्वजनिक की जाए. यह सूची संबंधित मतदान केंद्रों के नोटिस बोर्ड पर लगाई जाएगी. इसके अलावा पंचायत भवनों और शहरी निकाय कार्यालयों में भी इसे उपलब्ध कराया जाएगा.
इन सूचियों को संबंधित राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट पर भी अपलोड किया जाएगा. इसमें मतदाताओं के नाम हटाए जाने के संभावित कारणों की जानकारी भी दी जाएगी, ताकि लोग अपनी स्थिति समझ सकें और आवश्यक कार्रवाई कर सकें.
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