'ये सिर्फ फिटनेस नहीं...', विराट-रोहित की चमत्कारी फील्डिंग पर टीम इंडिया के कोच सुभदीप घोष ने कह दी ये बड़ी बात
IND vs NZ: भारत और न्यूजीलैंड के बीच दूसरा वनडे मैच शनिवार, 7 नवंबर को वेलिंगटन में खेला जाएगा. इस मैच से ठीक पहले हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय टीम के फील्डिंग कोच सुभदीप घोष ने पहले मैच को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है. ऑकलैंड में खेले गए पहले वनडे मैच में विराट कोहली के अद्भुत कैच और कप्तान रोहित शर्मा के चीते की तरह तेज रन-आउट ने मैदान पर तहलका मचा दिया था. अब टीम इंडिया के फील्डिंग कोच ने फैंस को बताया है कि आखिर ये दोनों दिग्गज खिलाड़ी मैच के दौरान इतनी आसानी से नामुमकिन दिखने वाले कारनामे कैसे कर लेते हैं.
विराट-रोहित के पास है पहले ही से अंदाजा लगाने की अद्भुत क्षमता
फील्डिंग कोच सुभदीप घोष के मुताबिक, पहले वनडे में भारत की बेहतरीन फील्डिंग की सबसे बड़ी ताकत एंटीसिपेशन था. उन्होंने कहा, "गेंद आने के बाद तो हर कोई दौड़ता है, लेकिन सबसे जरूरी यह है कि आप खेल को कितना पहले पढ़ लेते हैं. कोई खिलाड़ी किसी एक फील्डिंग पोजीशन में जितना ज्यादा समय बिताता है, गेम को लेकर उसकी समझ उतनी ही पक्की हो जाती है. यही वो चीज है जो विराट और रोहित को बाकी फील्डर्स से बहुत आगे रखती है."
विराट कोहली के पास है कवर्स और पॉइंट पर फील्डिंग का लंबा अनुभव
पहले वनडे मैच में विराट कोहली ने जिस तरह हवा में छलांग लगाते हुए एक हाथ से चमत्कारी कैच लपका, कोच ने उसका राज खोला है. घोष ने बताया, "विराट ने अपने करियर में कवर और पॉइंट पोजीशन पर लाखों बार फील्डिंग की है. इसी वजह से उन्हें अच्छी तरह पता होता है कि बल्ले से टकराने के बाद गेंद किस रास्ते पर और कितनी रफ्तार से जाएगी. पहले वनडे में भी उन्होंने स्थिति को बाकी खिलाड़ियों से कुछ सेकंड पहले ही पढ़ लिया था, जिससे उनका कैचिंग एक्सीक्यूशन इतना परफेक्ट दिखा."
Virat Kohli's excellent catch ????
— BCCI (@BCCI) November 6, 2026
Rohit Sharma's acrobatic run-out ????
???? #TeamIndia fielding coach Subhadeep Ghosh on how anticipation and awareness form the core of these fielding acts ????#NZvIND | @imVkohli | @ImRo45 pic.twitter.com/IDJccGhRSU
रोहित शर्मा ने सीधे भागने के बजाय पहले से ही बदल ली थी पोजीशन
रोहित शर्मा ने पहले वनडे मैच में एक अद्भुत थ्रो कर कीवी बल्लेबाज को रन आउट किया था. इसे लेकर एक्रोबैटिक रन-आउट का सीक्रेट शेयर करते हुए फील्डिंग कोच ने बताया कि हिटमैन का दिमाग कितना तेज चलता है. उन्होंने कहा, "जब रोहित ने वह रन-आउट किया, तो उन्होंने बल्लेबाज के शॉट खेलने से पहले ही भांप लिया था कि गेंद सीधे जाने के बजाय स्क्वायर लेग की तरफ जाएगी. यही वजह थी कि वह सीधे भागने के जगह पहले से ही स्क्वायर लेग की ओर चले गए थे. इस गजब के एडवांस अंदाज के कारण ही उन्होंने उस कठिन रन-आउट को इतनी आसानी से अंजाम दे दिया."
प्रैक्टिस में ही तैयार होता है मैच का माहौल
फील्डिंग कोच ने साफ-साफ कहा कि विराट और रोहित के पास टैलेंट और अनुभव तो कमाल का है ही, लेकिन असली खेल प्रैक्टिस का है. मैदान पर दिखने वाला जादू असल में नेट्स पर बार-बार एक ही चीज को प्रैक्टिस करने से आता है. उन्होंने बताया कि प्रैक्टिस सेशन के दौरान जानबूझकर बिल्कुल पहले वनडे जैसी ही मुश्किल परिस्थितियां बनाई जाती हैं. इसका फायदा यह होता है कि खिलाड़ियों की आदत इतनी पक्की हो जाती है कि मैच के भारी दबाव में भी उनका दिमाग बिना सोचे-समझे एकदम सही और जल्दी रिएक्शन दे देता है.
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