Irfan Ansari के बांग्लादेश वाले बयान पर भड़की BJP, Shahnawaz Hussain ने मांगी कानूनी कार्रवाई
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता शाहनवाज़ हुसैन ने झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी की टिप्पणियों की कड़ी निंदा की है और उनके खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई की मांग की है। हुसैन ने भारत में बांग्लादेश जैसी अशांति की चेतावनी देने वाले अंसारी के बयान की आलोचना करते हुए इसे "बेहद गैर-जिम्मेदाराना बयान" बताया और कहा कि इसे हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। 6 नवंबर को बोलते हुए, हुसैन ने कहा कि यह कोई मामूली बयान नहीं है और इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। किसी को भी लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार के खिलाफ बगावत भड़काने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। यह एक बेहद गैर-जिम्मेदाराना बयान है और इस पर कार्रवाई होनी चाहिए।
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अंसारी के इस्तीफे की मांग उनके उस बयान के बाद उठी है, जिसमें उन्होंने धमकी दी थी कि अगर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञान कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं, तो वे 10,000 समर्थकों के साथ उन्हें जबरन "रांची ले आएंगे"। उसी दिन, मंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बीजेपी नेता गौरव भाटिया ने भी अंसारी के बयानों को "दुर्भाग्यपूर्ण" बताया। भाटिया ने कहा कि कांग्रेस पार्टी भारत की स्थिरता और विकास को महत्व नहीं देती। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का कहना है कि "राहुल गांधी ही एकमात्र ऐसी ताकत हैं जो युवाओं को रोके हुए हैं", और अगर ऐसा न होता, तो देश के हालात बांग्लादेश से भी बदतर हो जाते।
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उन्होंने कहा कि वे धमकी दे रहे हैं कि भारत के हालात बांग्लादेश से भी खराब हो जाएंगे, और केवल राहुल गांधी ही हैं जिन्होंने युवाओं को काबू में रखा है। वरना, पूरे देश में आग लग जाएगी। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्हें भारत की विकास की गति पसंद नहीं है। उन्हें देश की स्थिरता भी रास नहीं आती। बीजेपी ने इरफान अंसारी को तुरंत बर्खास्त करने की मांग की है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कांग्रेस के इस मंत्री को अपने मंत्रिमंडल से हटाने को कहा है, और साथ ही कांग्रेस पार्टी की राजनीतिक मान्यता रद्द करने की भी अपील की है।
Lalu Yadav पर आचार संहिता केस में आरोप तय, Siwan Court में पेशी के बाद जाने की मिली अनुमति
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव, 2011 के दरौंदा विधानसभा उपचुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता (MCC) के कथित उल्लंघन से जुड़े 15 साल पुराने मामले में सीवान जिला अदालत में पेश हुए। लालू, दरौंदा थाने में दर्ज एक मामले के सिलसिले में अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (ACJM-I) अरविंद कुमार सिंह की अदालत में पेश हुए। बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष और RJD के वरिष्ठ नेता अवध बिहारी चौधरी ने कहा कि RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव न्यायपालिका का पूरा सम्मान करते हैं और वे खुद अदालत में उपस्थित हुए हैं। माननीय न्यायालय के आदेश के अनुसार, हमारे नेता लालू प्रसाद यादव 'दरौंदा उपचुनाव' के दौरान 'आदर्श आचार संहिता' (Model Code of Conduct) के उल्लंघन से जुड़े मामले में पेश हो रहे हैं। न्यायालय ने उनके पेश होने का निर्देश दिया था, और इसी सिलसिले में वे यहाँ आए हैं। उन्हें न्यायपालिका पर हमेशा से गहरा भरोसा रहा है, जैसा कि हम सभी को होना चाहिए। न्यायालय का जो भी आदेश होगा, हम उसका पालन करेंगे। वे न्यायपालिका के निर्देशों का पूरा सम्मान करते हैं और उन्हें स्वीकार करते हैं; इसीलिए आदरणीय लालू प्रसाद जी आज न्यायालय के समक्ष पेश होने आए हैं।
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यह मामला अक्टूबर 2011 का है, जब सिवान जिले के दरौंदा विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव के लिए प्रचार चल रहा था। जनता दल (यूनाइटेड) की तत्कालीन विधायक जगमतो देवी के निधन के बाद यह उपचुनाव कराना पड़ा था। आरोप है कि लालू प्रसाद यादव, RJD उम्मीदवार परमेश्वर सिंह के लिए प्रचार करने दरौंदा गए थे। आरोप है कि RJD प्रमुख रैली स्थल पर देरी से पहुँचे और धारा 144 तथा 'लाउडस्पीकर एक्ट' के तहत लगे प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए सभा को संबोधित करना जारी रखा। जिला चुनाव अधिकारियों का आरोप है कि बिना जरूरी प्रशासनिक अनुमति के 'पब्लिक एड्रेस सिस्टम' (माइक्रोफोन और लाउडस्पीकर) का इस्तेमाल किया गया। स्थिति तब और बिगड़ गई जब चुनाव मजिस्ट्रेट और स्थानीय पुलिस ने मंच पर आकर साउंड बंद कर दिया और भाषण रोकने के लिए पोडियम से माइक्रोफोन जब्त कर लिया, जिससे पार्टी समर्थकों के बीच हंगामा हो गया। इसके बाद, आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने के आरोप में RJD प्रमुख और उम्मीदवार परमेश्वर सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) और 'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम' (Representation of the People Act) की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई। लंबे समय तक चले इस मुकदमे के दौरान सह-आरोपी परमेश्वर सिंह का निधन हो गया। न्यायालय ने लालू प्रसाद यादव के खिलाफ आरोप तय किए और उन्हें आगे की कार्यवाही के लिए पेश होने का निर्देश दिया। न्यायालय के समक्ष पेश होने के बाद उन्हें जाने की अनुमति दे दी गई।
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