West Bengal: 393 निजी B.Ed Colleges को दाखिले की अनुमति, 205 संस्थानों पर रोक
कोलकाता, छह नवंबर पश्चिम बंगाल के उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने शुक्रवार को कहा कि राज्य के 393 निजी बीएड कॉलेजों को 2026-28 शैक्षणिक सत्र के लिए विद्यार्थियों के दाखिले की खातिर अनुमति दी गई है जबकि 205 अन्य कॉलेजों को बुनियादी ढांचे में सुधार तक दाखिला प्रक्रिया से रोक दिया गया। चट्टोपाध्याय ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने राज्यभर के बीएड, आईटीआई, फार्मेसी और पॉलिटेक्निक संस्थानों का निरीक्षण किया था, जिसका उद्देश्य इन संस्थानों के बुनियादी ढांचे एवं शैक्षणिक मानकों का आकलन करना था। उन्होंने कहा, “दाखिले के लिए मंजूरी पाने वाले 393 बीएड कॉलेजों में से 156 को पहले चरण में और 237 को दूसरे चरण में मंजूरी दी गई।” चट्टोपाध्याय ने इस प्रक्रिया के बारे में कहा कि राज्य सरकार ने व्यावसायिक शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए बीएड, आईटीआई, पॉलिटेक्निक और फार्मेसी संस्थानों का निरीक्षण कराया था।
उन्होंने कहा कि 205 बीएड कॉलेजों को अगले शैक्षणिक सत्र में दाखिले की प्रक्रिया शुरू करने से रोक दिया गया है क्योंकि इन कॉलेजों को पहले अपने बुनियादी ढांचे में सुधार करना होगा। चट्टोपाध्याय ने पश्चिम बंगाल की शैक्षणिक विरासत को फिर से स्थापित करने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि राज्य सरकार शैक्षणिक मानकों में सुधार और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “हम अपने बच्चों की शिक्षा से समझौता करके पश्चिम बंगाल का भविष्य नहीं बना सकते।” मंत्री ने कहा कि इस पूरी कवायद का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिक्षण संस्थानों से मिलने वाली डिग्रियां ज्ञान, योग्यता और अवसरों के प्रतीक हों, न कि वे ‘बिक्री के लिए उपलब्ध कागज का एक टुकड़ा’ बनकर रह जाएं।
Irfan Ansari के बांग्लादेश वाले बयान पर भड़की BJP, Shahnawaz Hussain ने मांगी कानूनी कार्रवाई
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता शाहनवाज़ हुसैन ने झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी की टिप्पणियों की कड़ी निंदा की है और उनके खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई की मांग की है। हुसैन ने भारत में बांग्लादेश जैसी अशांति की चेतावनी देने वाले अंसारी के बयान की आलोचना करते हुए इसे "बेहद गैर-जिम्मेदाराना बयान" बताया और कहा कि इसे हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। 6 नवंबर को बोलते हुए, हुसैन ने कहा कि यह कोई मामूली बयान नहीं है और इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। किसी को भी लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार के खिलाफ बगावत भड़काने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। यह एक बेहद गैर-जिम्मेदाराना बयान है और इस पर कार्रवाई होनी चाहिए।
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अंसारी के इस्तीफे की मांग उनके उस बयान के बाद उठी है, जिसमें उन्होंने धमकी दी थी कि अगर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञान कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं, तो वे 10,000 समर्थकों के साथ उन्हें जबरन "रांची ले आएंगे"। उसी दिन, मंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बीजेपी नेता गौरव भाटिया ने भी अंसारी के बयानों को "दुर्भाग्यपूर्ण" बताया। भाटिया ने कहा कि कांग्रेस पार्टी भारत की स्थिरता और विकास को महत्व नहीं देती। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का कहना है कि "राहुल गांधी ही एकमात्र ऐसी ताकत हैं जो युवाओं को रोके हुए हैं", और अगर ऐसा न होता, तो देश के हालात बांग्लादेश से भी बदतर हो जाते।
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उन्होंने कहा कि वे धमकी दे रहे हैं कि भारत के हालात बांग्लादेश से भी खराब हो जाएंगे, और केवल राहुल गांधी ही हैं जिन्होंने युवाओं को काबू में रखा है। वरना, पूरे देश में आग लग जाएगी। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्हें भारत की विकास की गति पसंद नहीं है। उन्हें देश की स्थिरता भी रास नहीं आती। बीजेपी ने इरफान अंसारी को तुरंत बर्खास्त करने की मांग की है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कांग्रेस के इस मंत्री को अपने मंत्रिमंडल से हटाने को कहा है, और साथ ही कांग्रेस पार्टी की राजनीतिक मान्यता रद्द करने की भी अपील की है।
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