PM Modi 21 नवंबर को आ सकते हैं बिहार, Vaishali में Industrial Corridor का करेंगे उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 नवंबर को बिहार के वैशाली जिले का दौरा कर सकते हैं। इस दौरान वे 1,650 एकड़ में प्रस्तावित एक औद्योगिक कॉरिडोर से जुड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। बिहार बीजेपी अध्यक्ष संजय सरावगी ने शुक्रवार को बताया कि अपने दौरे के दौरान मोदी एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। यह दौरा 20 नवंबर को बिहार में एनडीए सरकार के कार्यकाल का पहला साल पूरा होने के एक दिन बाद होगा। सरावगी ने बताया कि गुरुवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पर एनडीए नेताओं की एक बैठक हुई, जिसमें प्रधानमंत्री के दौरे की तैयारियों की समीक्षा की गई।
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यह कार्यक्रम वैशाली जिले के जाफरपट्टी में आयोजित किया जाएगा, जहां लगभग 1,650 एकड़ में एक औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान बिहार को कई अन्य विकास परियोजनाएं भी मिल सकती हैं। इस बीच, दो निर्दलीय एमएलसी - ब्रजभूषण ब्रजवासी और राहुल राज - के बीजेपी में शामिल होने की खबरों पर सरावगी ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। ये दोनों हाल ही में क्रमशः तिरहुत स्नातक और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से चुने गए हैं। उन्होंने एनडीए समर्थित उम्मीदवारों को हराया था।
वहीं, राज्य जेडी(U) अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने जोर देकर कहा कि एनडीए के भीतर सब कुछ ठीक है। कुशवाहा ने बताया कि जेडी(U) ने हाल ही में हुए एमएलसी चुनावों में चार सीटों पर चुनाव लड़ा था और एक सीट जीती। पार्टी ने अपने सभी उम्मीदवारों से फीडबैक लिया है और उसी के आधार पर अपनी भविष्य की रणनीति तय करेगी। एमएलसी चुनावों में पार्टी उम्मीदवारों के प्रदर्शन की समीक्षा के लिए गुरुवार को पटना में जेडी(U) नेताओं की एक बैठक हुई, जिसमें सभी जिला अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारी शामिल हुए।
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JD(U) जिन चार सीटों पर चुनाव लड़ी थी, उनमें से वह केवल एक ही जीत सकी। तिरहुत ग्रेजुएट्स सीट से JD(U) के नेता और पार्टी उम्मीदवार अभिषेक झा ने आरोप लगाया कि उन्हें गठबंधन के सहयोगियों से वैसी मदद नहीं मिली, जैसी उम्मीद थी। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुए विधान परिषद चुनावों से उन्होंने कई सबक सीखे हैं, जिनमें यह भी शामिल है कि किस तरह साजिशें और राजनीतिक चालें चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकती हैं। झा ने बताया कि सभी ने चुनाव के अपने अनुभव साझा किए और पार्टी नेतृत्व ने उन्हें धैर्यपूर्वक सुना।
NCW प्रमुख विजया रहाटकर बोलीं: कामकाजी महिलाओं के लिए कैब में पुख्ता सुरक्षा जरूरी
(कोमल शर्मा) नयी दिल्ली, छह नवंबर राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने शुक्रवार को कहा कि भारत में जैसे-जैसे महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही हैं, उन्हें ऐप-आधारित कैब सेवाओं का उपयोग करते समय सुरक्षित महसूस होना चाहिए और संचालकों को तनावमुक्त सफर करने के लिए सभी सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करना चाहिए। रहाटकर ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि महिला यात्रियों की सुरक्षा पर आयोग की सिफारिशों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महिलाएं अपनी सुरक्षा की चिंता किए बिना अपने पेशेवर करियर को आगे बढ़ा सकें। राष्ट्रीय महिला आयोग ने पिछले माह ऐप-आधारित और डिजिटल परिवहन सेवाओं का उपयोग करने वाली महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए दिशानिर्देश जारी किए थे।
इनमें चालकों का अनिवार्य पुलिस सत्यापन, सभी कैब में आपातकालीन सहायता के लिए पैनिक बटन, रात में अतिरिक्त सुरक्षा उपाय तथा मार्ग बदलने या संदिग्ध रूप से वाहन रोके जाने की तत्काल सूचना देने की सिफारिश की गई है। इसके अलावा, चौबीसों घंटे संचालित नियंत्रण केंद्र, आपातकालीन संकेत मिलने पर 60 सेकंड के भीतर कार्रवाई और उत्पीड़न व दुर्व्यवहार की शिकायतों के समयबद्ध निपटारे का भी सुझाव दिया गया है। राहटकर ने कहा कि देश में कामकाजी महिलाओं की संख्या बढ़ रही है और उनके काम पर आने-जाने के दौरान सुरक्षा व गरिमा सुनिश्चित करना उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है जितना कि कार्यबल में उनके लिए अवसरों का विस्तार करना।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि कैब के संबंध में हमने जो कदम उठाया है, वह बेहद उपयोगी साबित होगा। हमारे देश में कामकाजी महिलाओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। आज बड़ी संख्या में महिलाएं अपने घर को संभालते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रही हैं और आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो रही हैं।’’ राहटकर ने कहा कि रक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी ने सुरक्षा उपायों को मजबूत करना आवश्यक बना दिया है ताकि वे बिना किसी डर के काम कर सकें।
उन्होंने चार श्रम संहिताओं का भी उल्लेख करते हुए कहा कि वे महिलाओं को कई अधिकार प्रदान करती हैं तथा कार्यबल की बदलती आवश्यकताओं को दर्शाती हैं। राहटकर ने स्पष्ट किया कि रात की पाली में काम करने वाली महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी उनके संबंधित संस्थानों या संगठनों की है। उन्होंने कहा, ‘‘श्रम संहिताएं अब महिलाओं को रात्रि पाली में काम करने की अनुमति देती हैं, और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी उनके संबंधित संगठनों की है।
इस तरह के कई बदलाव हो रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि आयोग ने यह महसूस किया कि जैसे-जैसे अधिक महिलाएं काम के सिलसिले में घरों से बाहर निकल रही हैं और आने-जाने के लिए ऐप-आधारित कैब तथा परिवहन के अन्य साधनों पर निर्भर हो रही हैं, वैसे-वैसे उनकी सुरक्षा के लिए अतिरिक्त कदम उठाने की आवश्यकता है। राहटकर ने कहा, ‘‘मुझे पूरा विश्वास है कि हमारे द्वारा किए गए प्रयास बहुत प्रभावी साबित होंगे। इन सिफारिशों पर उचित विचार किया जाएगा और मुझे उम्मीद है कि इन्हें प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।’’
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