US-Iran War: अमेरिका ने ईरान के 5000 टार्गेट्स को बनाया निशाना, ताबड़तोड़ अटैक का जारी किया VIDEO
US-Iran War: अमेरिका और इस्राइल लगातार ईरान पर हमले कर रहे हैं. आज युद्ध का 13वां दिन है. इस बीच, अमेरिका की सेना ने ईरान पर हमले भारी और तेज कर दिए हैं. अमेरिका के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के पहले 10 दिनों में ईरान के अंदर करीब पांच हजार लक्ष्यों पर हमले करने का दावा किया है. इन हमलों के दौरान, अमेरिकी सेना ने कम से कम 50 ईरानी जहाजों को नुकसान पहुंचाया या फिर उन्हें तबाह कर दिया है.
CENTCOM ने ईरानी हमलों का एक वीडियो भी शेयर किया है. इसमें एक भूमिगत मिसाइल लॉन्च पर हमले को दिखाया गया. वीडियो में प्रोजेक्टाइल गिरते बड़ा धमाका होता है. CENTCOM ने अपने पोस्ट में लिखा कि ईरानी शासन अपने मिसाइल लॉन्चरों को छिपाने में लगा हुआ लेकिन अमेरिकी सेना उन्हें खोजकर नष्ट कर देगी.
The Iranian regime is losing air capability day by day. U.S. forces aren’t just defending against Iranian threats, we are methodically dismantling them. pic.twitter.com/CrJj2nFtHB
— U.S. Central Command (@CENTCOM) March 12, 2026
28 फरवरी को शुरु हुआ था युद्ध
बता दें, ईरान के खिलाफ अमेरिका और इस्राइल ने संयुक्त रूप से 28 फरवरी सो हमला शुरू किया था. इस हमले का मकसद ईरान की सुरक्षा व्यवस्था को ध्वस्त करना और परमाणु ठिकानों को नष्ट करना है. ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई अमेरिका-ईरान की रडार पर थे, जिन्हें अमेरिका-इस्राइल ने अपने पहले दिन के हमले में ही ढेर कर दिया. अब अली खामेनेई की जगह उनके बेटे मोजतबा खामेनेई ने संभाल ली है. वे ईरान के नए सुप्रीम लीडर बन गए हैं. खास बात है कि अमेरिका-इस्राइल के हमले में मोजतबा खामेनेई भी घायल हो गए हैं. हालांकि वे अभी सुरक्षित हैं. CENTCOM ने साफ कर दिया है कि ईरान पर उनके हमले जारी रहेंगे.
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अमेरिका के निशाने पर ईरान के अहम टारगेट
CENTCOM ने साफ किया कि 5,000 लक्ष्यों में ईरानी सेना के कमांड और कंट्रोल सेंटर, बैलिस्टिक मिसाइल साइट्स, इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस सिस्टम, नौसेना के जहाज और पनडुब्बियां, सैन्य संचार व्यवस्था, एंटी-शिप मिसाइलें और बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन बनाने वाली फैक्टरियां शामिल हैं. इन हमलों से ईरान की मिसाइलें और ड्रोन क्षमताओं को भारी नुकसान हुआ है. CENTCOM का दावा है कि ईरानी नेवी के 50 से अधिक जहाज क्षतिग्रस्त या फिर तबाह हो गए हैं. वीडियो में अमेरिका की सेना की सटीक हथियारों की ताकत साफ दिखाई दे रही है.
इन हथियारों और विमानों का अमेरिका ने किया इस्तेमाल
अमेरिका ने ऑपरेशन में कई शक्तिशाली हथियार और फ्लेटफॉर्म्स तैनात किए हैं, जिसमें B-1 बॉम्बर, B-2 स्टील्थ बॉम्बर, B-52 बॉम्बर, LUCAS ड्रोन, पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम, THAAD एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम शामिल हैं.
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ट्रंप का दावा- युद्ध लगभग खत्म
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि करीब-करीब पूरा हो चुका है. ईरान की नौसेना की संचार व्यवस्था और एयरफोर्स करीब खत्म हो चुकी है. अमेरिका अपने लक्ष्यों से बहुत आगे निकल आया है. जल्द ही युद्ध खत्म हो सकता है. इसके अलावा, अमेरिका की ओर से एक बार कहा गया था कि अमेरिका ने कई जीत हासिल की हैं लेकिन अब तक काफी नहीं जीता. हम अंतिम जीत तक कोशिश करते रहेंगे.
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ईरान बोला- लंबी लड़ाई के लिए तैयार
अमेरिका और इस्राइल के साथ जारी संघर्ष को लेकर ईरानी अधिकारियों ने संघर्ष खत्म होने की बात को खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि उनकी सेना लंबी और कड़ी लड़ाई के लिए पूरी तरह से तैयार है. ईरान के विदेश मंत्रालय ने नौ मार्च को कहा था कि सैन्य हमले जब तक जारी रहेंगे, तब तक कूटनीति के लिए कोई गुंजाइश नहीं है. लंबे वक्त तक चलने वाले टकराव के लिए ईरान खुद को मजबूत कर चुका है. ईरान ने अपना रुख साफ कर दिया है कि आसानी से वह झुकने वाला नहीं है.
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देश में इंडक्शन चूल्हे की मांग बढ़ी, क्विक-कॉमर्स ऐप्स पर हुए 'आउट ऑफ स्टॉक'
नई दिल्ली, 12 मार्च (आईएएनएस)। मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने से एलपीजी की आपूर्ति में बाधा उत्पन्न होने की संभावनाओं के बीच देश में इंडक्शन चूल्हे की मांग में तेजी वृद्धि देखने को मिली है।
इससे कई शहरों में क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म जैसे ब्लिंकिट, जेप्टो, स्विगी इंस्टामार्ट और बिग बास्केट पर इंडक्शन चूल्हे ऑफ ऑफ स्टॉक हो गए है।
आमतौर पर इलेक्ट्रिक इंडक्शन चूल्हे को एलपीजी सिलेंडर का विकल्प माना जाता है और एलपीजी की कमी की संभावना के चलते लोग तेजी से इंडक्शन चूल्हे का उपयोग बढ़ रहे हैं।
अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी इंडक्शन चूल्हे के ऑर्डर में भारी वृद्धि देखी जा रही है।
अमेजन इंडिया के प्रवक्ता के अनुसार, पिछले दो दिनों में इंडक्शन चूल्हे की बिक्री में 30 गुना से अधिक की वृद्धि हुई है।
प्रवक्ता ने आगे कहा, “इसी समय, राइस कुकर और इलेक्ट्रिक प्रेशर कुकर की मांग सामान्य से लगभग चार गुना अधिक है, जबकि एयर फ्रायर और मल्टी-यूज केतली की बिक्री लगभग दोगुनी हो गई है।”
फ्लिपकार्ट ने भी मांग में भारी वृद्धि की पुष्टि करते हुए कहा कि पिछले कुछ हफ्तों की तुलना में पिछले चार-पांच दिनों में इंडक्शन चूल्हे की बिक्री चौगुनी हो गई है।
कंपनी ने बताया कि दिल्ली, कोलकाता और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों जैसे क्षेत्रों में मांग में विशेष रूप से तेजी आई है, जहां उपभोक्ता भविष्य में कीमतों में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति की कमी के डर से वैकल्पिक विकल्पों की तलाश कर रहे हैं।
मांग में यह उछाल घरों और छोटे व्यवसायों में खाना पकाने की गैस की उपलब्धता को लेकर बढ़ती चिंता को दर्शाता है।
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष ने एलपीजी और अन्य ऊर्जा संसाधनों की आपूर्ति में व्यवधान की आशंका बढ़ा दी है।
साथ ही, तेल विपणन कंपनियों ने कथित तौर पर एलपीजी वितरकों से अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे आवश्यक संस्थानों को आपूर्ति में प्राथमिकता देने का अनुरोध किया है।
इस बीच, सरकार ने घरेलू एलपीजी उत्पादन में लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि की है और पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति के बीच निर्बाध कुकिंग गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए संपूर्ण उत्पादन घरेलू उपभोक्ताओं की ओर निर्देशित कर रही है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, सरकार ने 8 मार्च को एक आदेश जारी कर रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल कंपनियों को एलपीजी उत्पादन को अधिकतम करने का निर्देश दिया।
--आईएएनएस
एबीएस/
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