'मैं रोती थी, सिर पटकती थी', राखी सावंत ने इस्लाम धर्म अपनाने को लेकर तोड़ी चुप्पी
Rakhi Sawant On Islam: टीवी और बॉलीवुड की ड्रामा क्वीन कही जाने वाली राखी सावंत अक्सर किसी न किसी वजह से सुर्खियों में बनी रहती हैं. जी हां, अपनी बेबाकी, अलग अंदाज और विवादित बयानों के कारण राखी हमेशा चर्चा का हिस्सा रहती हैं. राखी सावंत ने अपने करियर में कई फिल्मों, रियलिटी शोज और आइटम सॉन्ग्स के जरिए दर्शकों का खूब मनोरंजन किया है. हालांकि, उनकी प्रोफेशनल लाइफ से ज्यादा उनकी पर्सनल लाइफ हमेशा लोगों के बीच चर्चा का विषय रही है.
हाल ही में राखी सावंत ने इंडस्ट्री की एक्स एक्ट्रेस सना खान के पॉडकास्ट में हिस्सा लिया, जहां उन्होंने अपनी जिंदगी, संघर्ष और इस्लाम धर्म अपनाने के फैसले को लेकर खुलकर बात की. इस बातचीत में राखी ने कई भावुक खुलासे किए और बताया कि उन्होंने क्यों इस्लाम धर्म अपनाया और वह जिंदगी भर इसी धर्म में रहना चाहती हैं. तो चलिए आपको भी इसके बारे में बताते हैं.
दिल की बात रखी सामने
पॉडकास्ट के दौरान राखी सावंत ने सबसे पहले यह बताया कि वह आमतौर पर किसी भी इंटरव्यू या पॉडकास्ट में बिना फीस के हिस्सा नहीं लेतीं. लेकिन सना खान के साथ बातचीत के लिए उन्होंने कोई पैसे नहीं लिए. राखी ने कहा कि वह इस प्लेटफॉर्म पर इसलिए आईं क्योंकि वह अपने दिल की बातें खुलकर रखना चाहती थीं. बातचीत के दौरान वह कई बार भावुक भी नजर आईं और उन्होंने अपने जीवन के संघर्षों के बारे में भी खुलकर बताया. राखी सावंत ने कहा कि उनकी जिंदगी आसान नहीं रही और उन्हें हमेशा संघर्षों का सामना करना पड़ा है.
“लोग देखें या न देखें, हमारा खुदा देख रहा है”
बातचीत के दौरान राखी सावंत ने कहा कि कई लोग उन्हें असफल मानते हैं, लेकिन वह खुद को ऐसा नहीं मानतीं. उन्होंने कहा कि जिंदगी में चाहे कितनी भी मुश्किलें आई हों, लेकिन उन्होंने कभी खुदा का साथ नहीं छोड़ा. राखी ने कहा, “लोग देखें या न देखें, हमारा खुदा सब देख रहा है. लोग कहते हैं कि मैंने बहुत काम किया लेकिन मैं फेलियर हूं. मैंने जिंदगी में रोते-रोते बहुत कुछ झेला है. सिर पटकती रही, टूटती रही, लेकिन मैंने खुदा को कभी नहीं छोड़ा.”
इस्लाम अपनाने पर मां को लगा था झटका
राखी सावंत ने पॉडकास्ट में बताया कि जब उन्होंने इस्लाम धर्म अपनाने का फैसला किया, तो उनकी मां काफी हैरान रह गई थीं. उन्होंने कहा कि उनकी मां को समझ नहीं आया कि अचानक यह फैसला क्यों लिया गया. इस फैसले के बाद परिवार के लिए भी यह एक बड़ा भावनात्मक पल था. राखी ने कहा कि उनकी मां को इस बात का शॉक लगा था और शायद वह उनके लिए रो भी रही होंगी. लेकिन राखी का मानना है कि हर व्यक्ति को अपने जीवन में यह अधिकार है कि वह कौन सा धर्म अपनाना चाहता है.
आदिल दुर्रानी से शादी के बाद अपनाया इस्लाम
गौरतलब है कि राखी सावंत ने बिजनेसमैन आदिल खान दुर्रानी से शादी के दौरान इस्लाम धर्म अपनाया था. उस समय भी उनका यह फैसला काफी चर्चा में रहा था. शादी के बाद राखी ने अपना नाम बदलकर फातिमा रखा था. हालांकि बाद में उनकी शादीशुदा जिंदगी विवादों में घिर गई और दोनों के बीच कई आरोप-प्रत्यारोप भी सामने आए.
“मुझे दौलत नहीं, एक अच्छा शौहर चाहिए”
पॉडकास्ट के दौरान राखी सावंत ने अपनी निजी इच्छाओं के बारे में भी खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि उन्हें अब जिंदगी में ज्यादा शोहरत या पैसा नहीं चाहिए. राखी ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी ख्वाहिश सिर्फ इतनी है कि उन्हें एक अच्छा और सच्चा जीवनसाथी मिले. उन्होंने कहा, “मैं ऐसा नहीं चाहती कि मुझे बहुत धन-दौलत या शोहरत मिले. मेरी बस यही दुआ है कि मुझे एक अच्छा शौहर मिले.”
कई बार कर चुकी हैं मक्का की यात्रा
राखी सावंत ने यह भी बताया कि वह कई बार मक्का शरीफ जा चुकी हैं. उन्होंने कहा कि वहां जाकर उन्हें बहुत सुकून मिलता है. उन्होंने बताया कि जब वह मक्का जाती हैं तो एक कोने में बैठकर अल्लाह से दुआ करती हैं. राखी ने कहा, “जब मैं मक्का जाती हूं तो एक कोना पकड़कर बैठ जाती हूं. लोग मुझे देखकर कहते हैं ‘अरे राखी राखी’, तो मैं उनसे कहती हूं मुझे मत देखो, अल्लाह को देखो.” उनका कहना है कि धर्म के जरिए उन्हें जिंदगी में मानसिक शांति मिलती है.
“मुझे अधिकार है कि मैं कौन सा धर्म चुनूं”
राखी सावंत ने पॉडकास्ट में साफ कहा कि हर इंसान को यह अधिकार है कि वह अपनी पसंद का धर्म चुने. उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता ने उन्हें जन्म दिया है और उन्हें यह अधिकार दिया है कि वह अपनी जिंदगी के फैसले खुद ले सकें. राखी ने भावुक होकर कहा, “मैं मरते दम तक इस्लाम धर्म में रहना चाहती हूं. कभी-कभी तो मैं अल्लाह से यह भी कहती हूं कि काश मुझे किसी मुस्लिम परिवार में ही पैदा किया होता.”
दुबई में खरीदे चार घर
बातचीत के दौरान राखी सावंत ने अपनी आर्थिक स्थिति के बारे में भी एक बड़ा खुलासा किया. उन्होंने बताया कि उन्होंने दुबई में चार घर खरीदे हैं. हालांकि उन्होंने इन घरों की कीमत या अन्य जानकारी साझा नहीं की, लेकिन यह जरूर बताया कि उन्होंने अपने करियर की कमाई से यह संपत्ति खरीदी है.
यूएई ने यूएनएससी में ईरान की निंदा वाले प्रस्ताव का किया स्वागत, तुरंत हमले रोकने की उठाई मांग
नई दिल्ली, 12 मार्च (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने बुधवार को खाड़ी देशों पर ईरान के हमलों के खिलाफ प्रस्ताव को पारित कर दिया। ईरान के खिलाफ ये प्रस्ताव बहरीन की ओर से रखा गया, जिसमें खाड़ी देशों पर ईरान के हालिया मिसाइल और ड्रोन हमलों की निंदा की गई। यूएन के इस प्रस्ताव का समर्थन करने के साथ ही यूएई ने मांग की है कि ईरान इन हमलों को तुरंत रोके।
यूएन में यूएई के स्थायी प्रतिनिधि एम्बेसडर मोहम्मद अबुशाहाब ने सुरक्षा परिषद की ओर से उठाए गए कदम का स्वागत किया। उन्होंने कहा, “135 देशों द्वारा को-स्पॉन्सर किए गए इस प्रस्ताव को अपनाने से एक साफ और एक जैसा संदेश जाता है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय हमारी संप्रभुता पर हमलों या आम लोगों और जरूरी ढांचों को जानबूझकर टारगेट करने को बर्दाश्त नहीं करेगी। यूएई इस मुश्किल समय में अपने और हमारे इलाके के नेतृत्व और लोगों के साथ खड़े रहने के लिए यूएनएससी का शुक्रिया अदा करता है। हम अंतरराष्ट्रीय कानून को बनाए रखने, स्थिरता और अपने इलाके में और ज्यादा तनाव को रोकने के लिए यूएन और अपने साथियों के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
यूएई की सरकार ने कहा कि इस प्रस्ताव का नेतृत्व खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) में शामिल बहरीन ने किया था। यूएई इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने में बहरीन की काबिलियत के लिए बहुत शुक्रिया अदा करता है।
प्रस्ताव के अनुसार ईरान की ओर से किए जा रहे हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन होने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा भी हैं। यूएई सरकार ने बताया कि प्रस्ताव में मांग की गई है कि ईरान तुरंत और बिना किसी शर्त के पड़ोसी देशों को उकसाने या धमकी देने का कोई भी तरीका बंद करे। कतर सरकार ने कहा, यूएन में पेश किया गया यह प्रस्ताव ईरानी हमलों के जवाब में सेल्फ डिफेंस के अधिकार की भी पुष्टि करता है, जिसे यूनाइटेड नेशंस चार्टर के आर्टिकल 51 में मान्यता दी गई है।
यूएई ने मांग की है कि ईरान अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपनी जिम्मेदारियों को पूरी तरह से माने, खासकर हथियारों वाली लड़ाई में आम लोगों और आम चीजों की सुरक्षा के मामले में और ऐसी किसी भी धमकी या काम से दूर रहे जो इलाके की स्थिरता और वैश्विक आर्थिक सुरक्षा को कमजोर कर रहा है।
इस प्रस्ताव को अपनाने से पहले जीसीसी देशों और यूएई ने यूएनएससी के अध्यक्ष और अमेरिकी सेक्रेटरी-जनरल को कई चिट्ठी भी भेजी थी। इन चिट्ठियों में यूएई और बड़े इलाके पर ईरान के हमलों के पैमाने और उसके प्रभाव के बारे में विस्तार से बताया गया था। यूएनएससी समेत अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तुरंत कार्रवाई करने की अपील की गई थी। यूएई सरकार ने कहा है कि ईरान अपने गैरकानूनी हथियारों से किए गए हमलों की वजह से प्रभावित देशों को हुए सभी नुकसान के लिए जिम्मेदार है।
--आईएएनएस
केके/वीसी
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