अमेरिका में बड़ा उलटफेर, भारतवंशी नित्या रमन बनीं मेयर, लॉस एंजिल्स में करेन बास को दी करारी हार
Los Angeles Mayor Nithya Raman: अमेरिका में चुनावी नतीजे जारी है. मिडटर्म चुनाव के साथ ही मेयर के चुनाव भी हुए. इसमें लॉस एंजिल्स सीट पर बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला है. भारतवंशी नित्या रमन ने मौजूदा मेयर करेन बास को करारी शिकस्त दी है.
फॉक्स न्यूज के अनुसार, डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट नित्या रमन ने लॉस एंजिल्स की मेयर करेन बास को हराकर एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर किया है. मिडटर्म चुनावों के बाद, समाजवादी आंदोलन के लिए यह एक और बड़ी जीत मानी है. रमन अमेरिका के किसी बड़े शहर का नेतृत्व करने वाली 'डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट्स ऑफ अमेरिका' की चौथी सदस्य बनने जा रही हैं. इससे पहले न्यूयॉर्क सिटी, सिएटल और वाशिंगटन डीसी में भी डेमोक्रेटिक सोशलिस्टों को जीत मिल चुकी है. यह परिणाम एक बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत है, क्योंकि अमेरिका के कई प्रमुख शहरों में डेमोक्रेटिक सोशलिस्टों का प्रभाव बढ़ रहा है.
BREAKING: Democratic socialist Nithya Raman defeats Los Angeles Mayor Karen Bass in a stunning political upset, marking another major victory for the socialist movement following the midterm elections.
— Fox News (@FoxNews) November 5, 2026
Raman is poised to become the fourth Democratic Socialists of America member… pic.twitter.com/2UHuSErUIU
इन मुद्दों पर जीता चुनाव
अमेरिका के लॉस एंजिल्स में मेयर चुनाव के नतीजों ने सबको चौंका दिया है. भारत में जन्मीं और लॉस एंजिल्स सिटी काउंसिल की सदस्य नित्या रमन ने मौजूदा मेयर करेन बास को चुनाव में हरा दिया है. नित्या की इस जीत को शहर की राजनीति में बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है. उन्होंने अपने चुनाव प्रचार में बेघर लोगों की समस्या, सार्वजनिक सुविधाओं में सुधार और पुलिस व्यवस्था में बदलाव जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था.
Delhi Pollution: दिल्ली-NCR में बढ़ेगी प्रदूषण पर सख्ती, GRAP-3 लागू होने की संभावना, गाड़ियों और निर्माण कार्यों पर लग सकती हैं पाबंदियां
Delhi Pollution: दिल्ली-NCR में प्रदूषण का स्तर लगातार चिंता बढ़ा रहा है. हवा की गुणवत्ता खराब होने के बाद अब हालात और बिगड़ने की आशंका है. मौसम और प्रदूषण के पूर्वानुमान के मुताबिक, शुक्रवार से रविवार तक राजधानी में प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में बना रह सकता है. ऐसे में शुक्रवार को ही GRAP-3 लागू किए जाने की संभावना बढ़ गई है. इसके तहत वाहनों की आवाजाही और निर्माण कार्यों पर अतिरिक्त पाबंदियां लगाई जा सकती हैं. हालांकि, GRAP-3 से जुड़ी कुछ बंदिशें सरकार पहले ही लागू कर चुकी है.
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 369 दर्ज किया गया. इस दौरान PM 2.5 और PM 10 प्रमुख प्रदूषक रहे. दिल्ली के अलावा NCR के कई शहरों में भी हवा की गुणवत्ता खराब बनी हुई है.
NCR के शहरों में भी खराब हुई हवा
CPCB के मुताबिक, फरीदाबाद में AQI 303, गाजियाबाद में 263, ग्रेटर नोएडा में 238, गुरुग्राम में 331 और नोएडा में 283 दर्ज किया गया. इन आंकड़ों से साफ है कि दिल्ली के साथ आसपास के शहर भी प्रदूषण की मार झेल रहे हैं. प्रदूषण का स्तर बढ़ने पर प्रशासन की ओर से सख्त कदम उठाए जा सकते हैं. GRAP-3 लागू होने की स्थिति में पहले से चल रहे प्रतिबंधों के अलावा कुछ नई पाबंदियां भी प्रभावी होंगी.
दिल्ली में बढ़ने लगी सुबह-शाम की ठंड
प्रदूषण के बीच राजधानी में मौसम का मिजाज भी बदल रहा है. नवंबर में दिन के समय हल्की गर्मी बनी हुई है, जबकि सुबह और शाम को ठंडक महसूस होने लगी है. गुरुवार को सफदरजंग मौसम केंद्र में अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. अधिकतम तापमान सामान्य से 0.7 डिग्री कम और न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.1 डिग्री अधिक रहा. मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में रात के तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आएगी. 7 से 9 नवंबर के बीच अधिकतम तापमान 27 से 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 14 से 17 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. कुछ इलाकों में सुबह हल्का कोहरा भी देखने को मिल सकता है.
#WATCH | Delhi: Air Quality Index (AQI) in the area around ITO and Feroz Shah Kotla Road is 420, categorised as 'Severe', as per the CPCB (Central Pollution Control Board).
— ANI (@ANI) November 6, 2026
(Visuals shot at 6:30 am) pic.twitter.com/O9vrAy0YLu
SAFAR की सलाह, बाहर निकलते समय N-95 मास्क लगाएं
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (SAFAR) ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है. एजेंसी ने घर के अंदर और बाहर प्रदूषण से बचाव के उपाय अपनाने पर जोर दिया है. पर्यावरण विभाग के अधिकारियों ने लोगों से अपने इलाके का AQI नियमित रूप से जांचने और उसी के अनुसार अपनी दिनचर्या तय करने को कहा है. जिन इलाकों में AQI 350 से ऊपर है, वहां विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है. ऐसे क्षेत्रों में सुबह और शाम खुले में टहलने या व्यायाम करने से बचना चाहिए. धूप निकलने के बाद भी हल्की चहलकदमी करने और खुले स्थानों पर ज्यादा मेहनत वाले व्यायाम से दूरी रखने की सलाह दी गई है. जरूरी काम से बाहर निकलना पड़े तो N-95 मास्क का इस्तेमाल करना बेहतर होगा.
धूल रोकने के लिए DDA ने तैनात की मशीनें
दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने भी अपने क्षेत्रों में धूल नियंत्रण और हरियाली बढ़ाने के उपाय शुरू किए हैं. इन गतिविधियों की निगरानी एलजी टीएस संधू कर रहे हैं. DDA के अनुसार, नरेला में दो मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें और सात वाटर स्प्रिंकलर लगाए गए हैं. रोहिणी में लगभग 166 किलोमीटर लंबी सड़कों की मशीनों से एक दिन छोड़कर सफाई की जा रही है. वहीं, द्वारका में 11.8 किलोमीटर लंबा मिस्टिंग नेटवर्क तैयार किया गया है. इन उपायों का उद्देश्य सड़कों की धूल को कम करना और हवा में प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करना है.
#WATCH | Delhi: Air Quality Index (AQI) in the area around Akshardham Temple is 353, categorised as 'Very Poor', as per the CPCB (Central Pollution Control Board).
— ANI (@ANI) November 6, 2026
(Visuals shot at 07:15 am) pic.twitter.com/bnwUipTfoY
GRAP-3 लागू हुआ तो निर्माण और वाहनों पर बढ़ेंगी पाबंदियां
दिल्ली-NCR में हवा की गुणवत्ता 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुंचने के बाद 2 नवंबर से GRAP-2 लागू है. अब GRAP-3 की आशंका के बीच निर्माण कार्यों और वाहनों को लेकर लोगों के मन में कई सवाल हैं. इन नियमों को लेकर पर्यावरण से जुड़े थिंक टैंक एनवायरोकेटालिस्ट के संस्थापक सुनील दहिया ने कुछ अहम जानकारियां दी हैं.
दिल्ली आने वाली बसों के लिए क्या हैं नियम?
दिल्ली और दूसरे राज्यों के बीच चलने वाली सरकारी और निजी अंतरराज्यीय बसों के लिए ईंधन और उत्सर्जन मानकों से जुड़े नियम लागू हैं. नियमों के मुताबिक, ऐसी बसों में इलेक्ट्रिक, CNG या BS-VI डीजल तकनीक होना जरूरी है. CAQM के प्रावधानों के अनुसार, BS-VI से नीचे के डीजल वाहनों वाली अंतरराज्यीय बसों के दिल्ली में प्रवेश पर GRAP के पहले चरण से ही रोक लागू होती है. यह नियम सरकारी परिवहन बसों के साथ ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट वाली निजी बसों पर भी लागू होता है.
GRAP-3 में किन निर्माण कार्यों पर लगेगी रोक?
GRAP-2 के दौरान धूल नियंत्रण के जरूरी उपायों के साथ निर्माण गतिविधियां जारी रखी जा सकती हैं. लेकिन GRAP-3 लागू होने पर गैर-जरूरी निर्माण और तोड़फोड़ के काम पर रोक लग जाती है. इसके अलावा, इस चरण में BS-IV और उससे नीचे के मानक वाली डीजल हल्की चार पहिया गाड़ियों पर भी प्रतिबंध लागू होता है. दिल्ली में बाहर से आने वाली कुछ पुराने उत्सर्जन मानक वाली पेट्रोल और डीजल गाड़ियों पर भी अलग से पाबंदियां प्रभावी होती हैं.
क्या दिल्ली में BS-IV पेट्रोल और डीजल कार चला सकते हैं?
GRAP-2 के दौरान दिल्ली में रजिस्टर्ड BS-IV वाहनों पर सामान्य प्रतिबंध नहीं है. हालांकि, GRAP-3 लागू होने पर BS-IV डीजल और BS-III पेट्रोल श्रेणी की हल्की चार पहिया गाड़ियों पर रोक लगाई जाती है. वाहन चालकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि उनकी गाड़ी के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) होना जरूरी है.
क्या 2017 मॉडल की पेट्रोल कार पर भी लगेगी रोक?
अगर 2017 मॉडल की पेट्रोल कार दिल्ली में रजिस्टर्ड है और निर्धारित उत्सर्जन मानकों के दायरे में आती है, तो GRAP-1, GRAP-2 और GRAP-3 के तहत उस पर सामान्य प्रतिबंध नहीं है. हालांकि, इसके लिए वैध PUCC होना और वाहन का 15 साल की निर्धारित आयु सीमा के भीतर होना जरूरी है. इसलिए दिल्ली-NCR में रहने वाले वाहन चालकों को GRAP के अलग-अलग चरणों के नियमों की जानकारी रखनी चाहिए. प्रदूषण का स्तर बढ़ने के साथ पाबंदियों में बदलाव हो सकता है.
#WATCH | Delhi: Air Quality Index (AQI) in the area around India Gate is 403, categorised as 'Severe', as per the CPCB (Central Pollution Control Board).
— ANI (@ANI) November 6, 2026
Municipal authorities deploy truck-mounted water sprinklers to undertake water sprinkling operations as Stage-II Graded… pic.twitter.com/LAF07t0edp
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