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चैटजीपीटी ने रची हत्या की साजिश! शख्स ने दर्ज करा दिया मुकदमा, क्या-क्या आरोप?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे-जैसे हमारी जिंदगी का हिस्सा बनता जा रहा है, इसके इस्तेमाल को लेकर चिंताएं भी उतनी ही बढ़ती जा रही हैं। अब चैट जिपीटी पर हत्या की साजिश रचने के आरोप लगे हैं।

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आपका पैसा- दिवाली के खर्चों से बिगड़ गया बजट:अपनाएं 7 दिन का मनी डिटॉक्स प्लान, एक्सपर्ट से समझें खर्चों में कहां, कैसे करें कटौती

दिवाली का त्योहार खुशियां बांटने, अपनों को तोहफे देने और घर को सजाने का मौका है। इस दौरान कपड़ों, मिठाइयों, गिफ्ट और दूसरी तैयारियों पर खर्च होना भी स्वाभाविक है। लेकिन त्योहार की खरीदारी के साथ अपने बजट का ध्यान रखना भी जरूरी है, ताकि खुशियों के इस मौके पर बचत और आने वाले महीने के खर्चों की अनदेखी न हो। इसके लिए दिवाली के बाद अपनी आर्थिक आदतों को सुधारने की योजना अभी से बना सकते हैं। मनी डिटॉक्स इसी दिशा में एक उपयोगी तरीका है। इसमें खर्चों का हिसाब लगाने, गैर-जरूरी खरीदारी पहचानने, क्रेडिट कार्ड के बिल की समीक्षा करने और बचत को नियमित बनाने जैसे कदम शामिल हैं। इसलिए आज ‘आपका पैसा’ में मनी डिटॉक्स की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट- कुशाग्र मोहन, फाइनेंशियल एक्सपर्ट, को-फाउंडर, निक्सेपा कैपिटल, लखनऊ सवाल- मनी डिटॉक्स क्या है? यह करना क्यों जरूरी है? जवाब- मनी डिटॉक्स का मतलब अपनी आर्थिक आदतों की समीक्षा करना और पैसों के इस्तेमाल को बेहतर बनाना है। जैसे शरीर को हेल्दी रखने के लिए खानपान और दिनचर्या में सुधार किया जाता है, वैसे ही आर्थिक सेहत सुधारने के लिए खर्च करने, बचत करने और कर्ज लेने की आदतों पर ध्यान देना जरूरी है। पॉइंटर्स से थोड़ा विस्तार से समझते हैं- सवाल- दिवाली में कितना खर्च हुआ, इसका हिसाब कैसे लगाएं? जवाब- पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- दिवाली के बाद किन खर्चों पर रोक लगाई जा सकती है? जवाब- पॉइंटर्स से समझिए- ध्यान रखें कि कटौती उन खर्चों में करें, जिन्हें टालने से आपकी रोजमर्रा की जरूरतें प्रभावित न हों। सवाल- 7 दिन का मनी डिटॉक्स प्लान कैसे बनाएं? जवाब- ऐसे में पैसों को दोबारा संभालने के लिए 7 दिन का मनी डिटॉक्स प्लान अपना सकते हैं। इसमें खर्चों का हिसाब लगाने, गैर-जरूरी सब्सक्रिप्शन बंद करने, कर्ज की समीक्षा करने और बचत की आदत सुधारने जैसे कदम शामिल हैं। कैसे बना सकते हैं, ग्राफिक में देखिए- इन्हें थोड़ा विस्तार से समझिए- डे 1 खर्च पर लगाएं ब्रेक डे 2 खर्चों का ऑडिट करें डे 3 बचत को ऑटोमेट करें डे 4 फालतू सब्सक्रिप्शन हटाएं डे 5 कर्ज का हिसाब बनाएं डे 6 बजट और वित्तीय लक्ष्य सुधारें डे 7 प्रगति की समीक्षा करें सवाल- दिवाली की खरीदारी के बाद क्रेडिट कार्ड का बिल बढ़ गया है, तो सबसे पहले क्या करें? जवाब- पॉइंटर्स से समझिए- ध्यान रखें कि सिर्फ मिनिमम ड्यू चुकाने को कर्ज से छुटकारा न समझें। बाकी रकम को जल्द चुकाने की योजना बनाएं और कार्ड जारी करने वाले बैंक की ब्याज दर व अन्य शर्तें जांचें। सवाल- क्या 50:30:20 का बजट नियम दिवाली के बाद भी उपयोगी है? जवाब- हां, दिवाली के बाद बजट को दोबारा व्यवस्थित करने के लिए 50:30:20 का बजट नियम उपयोगी हो सकता है। त्योहार पर ज्यादा खर्च होने के बाद यह नियम मंथली इनकम को अलग-अलग जरूरतों के लिए बांटने और खर्चों पर नियंत्रण रखने में मदद करता है। सवाल- 50:30:20 नियम क्या है और इसमें जरूरतों, इच्छाओं व बचत के लिए कितनी रकम रखी जाती है? जवाब- यह बजट बनाने का एक तरीका है, जिसमें हर महीने की इन-हैंड सैलरी को तीन हिस्सों में बांटा जाता है। इसका मकसद जरूरी खर्चों को पूरा करने, इच्छाओं पर खर्च करने और भविष्य के लिए बचत करने के बीच संतुलन बनाना है। उदाहरण के लिए- अगर आपकी इन-हैंड सैलरी ₹30,000 है, तो ₹15,000 जरूरतों, ₹9,000 इच्छाओं और ₹6,000 बचत व निवेश के लिए रख सकते हैं। यह एक सामान्य गाइडलाइन है। अगर जरूरी खर्च या कर्ज ज्यादा है, तो अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार अनुपात बदल सकते हैं। सवाल- क्या खर्च करने की आदतों के पीछे इमोशनल कारण भी होते हैं? जवाब- हां, कई बार खर्च करने की आदतों के पीछे इमोशनल कारण भी होते हैं- मनी डिटॉक्स से जुड़े कॉमन सवाल जवाब सवाल- कम सैलरी में बचत और जरूरी खर्चों के बीच संतुलन कैसे बनाएं? जवाब- पहले किराया, राशन और EMI जैसे जरूरी खर्चों का बजट बनाएं। फिर क्षमता के अनुसार छोटी रकम बचत के लिए अलग रखें। गैर-जरूरी खर्चों में कटौती करके बचत बढ़ा सकते हैं। सवाल- इमरजेंसी फंड में कितने महीनों के जरूरी खर्च के बराबर रकम होनी चाहिए? जवाब- आमतौर पर 3 से 6 महीने के जरूरी खर्चों के बराबर रकम का लक्ष्य रखें। सवाल- दिवाली के बाद SIP जारी रखें या कुछ समय के लिए रोक दें? जवाब- अगर निवेश जारी रखने से आर्थिक दबाव बढ़ रहा है, तो अपनी स्थिति के अनुसार फैसला लें। सवाल- दिवाली या उसके जैसे बड़े खर्चों के लिए एडवांस प्लानिंग कैसे करें कि उस वक्त आर्थिक बोझ न आए? जवाब- बड़े खर्चों का अनुमान लगाकर हर महीने रकम अलग रखें। जैसे ₹24,000 जुटाने के लिए 12 महीने तक ₹2,000 बचाएं। इससे त्योहार के समय कर्ज लेने की जरूरत कम होगी। ……………………………. ग्राफिक- विपुल शर्मा ……………………………… यह खबर भी पढ़ें… आपका पैसा- दिवाली बोनस कैसे खर्च करें:कितना बचाएं, कितना खर्च करें, क्या है स्मार्ट प्लानिंग, बता रहे हैं फाइनेंशियल एक्सपर्ट दिवाली बोनस से शॉपिंग की लिस्ट बनाना आसान है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यही पैसा आपके भविष्य को भी बेहतर बना सकता है? सालभर की मेहनत के बाद मिलने वाली यह अतिरिक्त रकम सिर्फ त्योहार की खरीदारी तक सीमित नहीं होनी चाहिए। इसका इस्तेमाल कर्ज चुकाने, इमरजेंसी फंड बनाने या भविष्य के लिए निवेश शुरू करने में भी किया जा सकता है। पूरी खबर पढ़ें…

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