WTC Points Table: West Indies को हराकर Pakistan ने लगाई लंबी छलांग, टॉप 8 में की धमाकेदार वापसी
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच PM मोदी को आया इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू का फोन, इन मुद्दों पर हुई बात
मध्य पूर्व में अभी भी तनाव बना हुआ है. इस बीच पीएम मोदी को इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का फोन आया. प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी एक बयान के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गुरुवार (6 अगस्त) को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का फोन आया. इस दौरान उन्होंने पश्चिम एशिया में हाल की घटनाओं और भारत-इजरायल द्विपक्षीय संबंधों को लेकर चर्चा की.
PMO के मुताबिक, दोनों नेताओं ने भारत-इजरायल स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप में लगातार हो रही प्रगति की समीक्षा की और दोनों देशों के आपसी फायदे के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में आपसी सहयोग को और मजबूत करने के अपने संकल्प को दोहराया. बयान में कहा गया, "PM नेतन्याहू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में हाल की घटनाओं पर विचारों का आदान-प्रदान किया. दोनों नेता संपर्क में बने रहने पर सहमत हुए."
Prime Minister Narendra Modi received a telephone call from Prime Minister of Israel, Benjamin Netanyahu today. The two leaders reviewed sustained progress in India-Israel Special Strategic Partnership and reaffirmed their commitment to further strengthening the bilateral… pic.twitter.com/a3s0REorPo
— IANS (@ians_india) August 6, 2026
मिडिल ईस्ट पिछले पांच महीने से जारी संघर्ष
बता दें कि पश्चिम एशिया में संघर्ष पांच महीने से अधिक समय से जारी है और इसका कोई स्थायी समाधान नजर नहीं आ रहा है. ईरान ने गुरुवार को कहा कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जलमार्ग को लेकर ओमान के साथ एक समझौते का मसौदा तैयार करने के अंतिम चरण में है.
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा है कि ओमान के साथ समझौते का मसौदा हस्ताक्षर के लिए तैयार है, जबकि अमेरिका का कहना है कि जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का समझौता 'जल्द ही' होने वाला है.
मीडिया रिपोर्ट में बघाई के हवाले से कहा गया, "दोनों पक्षों द्वारा परिकल्पित मार्ग के भौगोलिक निर्देशांक पर सहमति बन गई है और यदि कुछ तीसरे पक्ष इस प्रक्रिया में बाधा नहीं डालते हैं, तो मुख्य बातों और सहमति के बिंदुओं वाला दोनों देशों का संयुक्त बयान भी अंतिम समीक्षा और मसौदा तैयार करने के चरण में है."
उन्होंने कहा, "अमेरिका की तरफ से होर्मुज जलडमरूमध्य को असुरक्षित बनाने वाले कारण अभी भी मौजूद हैं, खासकर ईरान और उसके हितों के खिलाफ नौसैनिक घेराबंदी और अन्य आक्रामक व धमकी भरे कदम."
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