कथित एलपीजी संकट पर अरविंद केजरीवाल ने उठाए सवाल, दावा- देश में गैस की भारी कमी
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देश में गहराते कथित एलपीजी संकट को लेकर सवाल किए हैं. उन्होंने आरोप लगाताे हुए कहा कि विदेश नीति और फैसलों की वजह से देश को भारी गैस संकट का सामना करना पड़ रहा है. उद्योग और रोजगार पर इस वजह से भारी संकट पैदा हो गया है.
दिल्ली स्थित आप मुख्यालय में अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. उन्होंने दावा कि देश में एलपीजी गैस की भारी कमी हो गई है. उसके अनुसार, भारत अपनी कुल एलपीजी खपत का करीब 60 प्रतिशत आयात करता है. इसमें से लगभग 90 प्रतिशत आपूर्ति स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के जरिए आती है. हाल के इंटरनेशनल टेंशन की वजह से मार्ग से आपूर्ति प्रभावित हो रही है. गैस की उपलब्धता इस वजह से 50 प्रतिशत तक घट गई है.
मुंबई के 20 प्रतिशत होटल-रेस्टोरेंट बंद- केजरीवाल
दिल्ली के पूर्व सीएम ने कहा कि संकट का सबसे अधिक असर होटल, रेस्टोरेंट और छोटे उद्योगों पर पड़ रहा है. कई स्थानों में एलपीजी सप्लाई सीमित किए जाने की वजह से कई होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की स्थिति में आ गए हैं. केजरीवाल ने दावा किया कि मुंबई के करीब 20 प्रतिशत होटल और रेस्टोरेंट पहले ही बंद हो गए हैं. कई राज्यो के हजारों प्रतिष्ठान अब बंद होने की स्थिति में आ गए हैं.
गुजरात के टाइल उद्योग का दिया उदाहरण
केजरीवाल ने चेतावनी दी कि अगर जल्द इस स्थिति को सुधारा नहीं गया तो बड़े पैमाने पर देश में बेरोजगारी बढ़ जाएगी. गुजरात के मोरबी के टाइल उद्योग का उदाहरण देते हुए केजरीवाल ने कहा कि गैस संकट की वजह से कई फैक्ट्रियां बंद हो चुकी है. हजारों लोग बेरोजगार हो गए हैं.
केजरीवाल ने कहा कि भारत को इंटरनेशनल मुद्दों पर तटस्थ रहना चाहिए और भारत के हितों को ही प्राथमिकता देनी चाहिए. केजरीवाल ने भारत सरकार से मजबूत कूटनीतिक प्रयासों के जरिए ऊर्जा आपूर्ति बहाल करने की मांग की.
सरकार ने इस मद्दे पर क्या कहा
विपक्ष के आरोपों पर केंद्र सरकार ने भी अपना पक्ष रखा है. सरकार ने साफ शब्दों में कह दिया है कि देश में एलपीजी की कोई किल्लत नहीं है. सप्लाई पूरी तरह से कंट्रोल में है. सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, कस्टमर को गैस बुकिंग करने के ढाई दिन के अंदर सिलेंडर डिलीवर कर दिया जाएगा. अधिकारियों ने कहा कि सप्लाई चेन को दुरुस्त करने के लिए हर कदम उठाए गए हैं. किसी को भी इससे डरने या फिर घबराने की जरूरत नहीं है.
बढ़ी हुई लागत का बड़ा लागत झेल रही सरकार
सरकार ने बताया कि भारत में एलपीजी की कीमतें पड़ोसी देशों की तुलना में बहुत ज्यादा कम हैं. इंटरनेशनल बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव होने के बावजूद सरकार बढ़ी हुई लागत का बहुत बड़ा हिस्सा खुद झेल रही है, जिससे आम नागरिकों पर बोझ न पड़े. लोगों से सरकार ने अपील की है कि वह किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें.
पश्चिम एशिया संकट: कीमतों की स्थिरता के लिए जापान अपने भंडार से निकालेगा तेल: प्रधानमंत्री ताकाइची
टोक्यो, 11 मार्च (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच पेट्रोल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में संभावित वृद्धि को रोकने के लिए जापान आने वाले सोमवार से अपने तेल भंडार को खाली करना शुरू करेगा। जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने बुधवार को यह घोषणा की।
जापान के प्रमुख मीडिया आउटलेट क्योदो न्यूज के अनुसार, ताकाइची ने बुधवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि जापान निजी क्षेत्र के पास रखे गए 15 दिनों के तेल भंडार और फिर सरकार के पास रखे एक महीने के तेल को जारी करेगा, बिना अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) द्वारा कोऑर्डिनेटेड फैसले का इंतजार किए खाली कर देगा।
यह पहली बार है जब जापान अपने सरकारी तेल भंडार को अकेले और अंतरराष्ट्रीय समन्वय के बिना जारी करेगा, जबकि 1978 से तेल भंडारण शुरू हुआ था।
ताकाइची ने कहा कि जापान की मध्य पूर्व पर कच्चे तेल के लिए निर्भरता अन्य देशों की तुलना में अधिक है और आयात इस महीने के अंत या उसके बाद कम होने की संभावना है, इसलिए पेट्रोल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति में व्यवधान को रोकने के लिए उपायों की आवश्यकता है।
ताकाइची ने यह भी कहा कि घरेलू खुदरा पेट्रोल की औसत कीमत 200 येन प्रति लीटर से अधिक हो सकती है, इसलिए वह सरकार के फंड का उपयोग करके कीमत को लगभग 170 येन पर बनाए रखना चाहती हैं।
उन्होंने कहा, हम समर्थन उपायों की लचीलापन से समीक्षा करेंगे, ताकि जनता को लगातार राहत मिलती रहे, भले ही (मध्य पूर्व की) स्थिति लंबी चले।
जापान अपने तेल का 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सा पश्चिम एशिया से आयात करता है, जिससे होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से उस पर खतरा बढ़ गया है। फरवरी में अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान की तरफ से तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई।
हॉर्मुज जलसंधि एक संकीर्ण मार्ग है, जो खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है और दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। खाड़ी उत्पादक देशों के कच्चे तेल का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से जाता है, इसलिए इस मार्ग को किसी भी तरह का खतरा वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए बड़ी चिंता है।
दिसंबर के अंत तक जापान के पास 470 मिलियन बैरल तेल भंडार था, जो घरेलू खपत के 254 दिनों के बराबर है। इसमें से 146 दिन का भंडार सरकार के पास, 101 दिन निजी क्षेत्र के पास और बाकी अन्य तेल उत्पादक देशों के साथ साझा भंडार में था।
यह संघर्ष तब शुरू हुआ जब 28 फरवरी को अमेरिका और इजरा/ल के संयुक्त हमलों के बाद ईरान ने ड्रोन और मिसाइल हमले किए, जिनका निशाना अमेरिका के संसाधन, क्षेत्रीय राजधानी और पश्चिम एशिया के सहयोगी बल थे।
--आईएएनएस
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