गुजरात में युवाओं को भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करने पर जोर, CM भूपेंद्र पटेल बोले- शिक्षा और उद्योग के बीच बने मजबूत तालमेल
गुजरात को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य के साथ उच्च शिक्षा को रोजगार और उद्योगों की जरूरतों से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार ने पहल तेज की है. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि विकसित गुजरात 2047 के रोडमैप के तहत युवाओं के लिए कुशल प्रतिभाओं का समूह तैयार करना और उनके कौशल विकास को प्राथमिकता देना आवश्यक है. उन्होंने शिक्षा, उद्योग और रोजगार के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर जोर दिया.
मुख्यमंत्री अहमदाबाद में आयोजित ‘विकसित गुजरात 2047: हायर एजुकेशन फॉर फ्यूचर वर्कफोर्स रेडीनेस’ विषयक एक दिवसीय सेमिनार के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे. इसका आयोजन गुजरात स्टेट इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मेशन (GRIT) ने राज्य के उच्च शिक्षा विभाग के सहयोग से किया.
भविष्य की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के युवा विकसित भारत और विकसित गुजरात की सबसे महत्वपूर्ण कार्यशक्ति हैं. वर्ष 2047 तक गुजरात की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता इस बात पर निर्भर करेगी कि युवाओं को बदलते समय के अनुरूप कितनी प्रासंगिक शिक्षा और कौशल उपलब्ध कराया जाता है. उन्होंने विकसित गुजरात 2047 के रोडमैप को खुले दृष्टिकोण और परिणाम-केंद्रित तरीके से लागू करने की आवश्यकता भी बताई.
AI और नई तकनीकों को शिक्षा से जोड़ने पर जोर
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री त्रिकमभाई छांगा ने कहा कि डिजिटल साक्षरता और तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना समय की जरूरत है. विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा एनालिटिक्स, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमेशन जैसी उभरती तकनीकों की जानकारी दी जानी चाहिए.
उन्होंने विश्वविद्यालयों से राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के बहुविषयक और अनुभव आधारित शिक्षण दृष्टिकोण के अनुरूप उद्योगों के सहयोग से पाठ्यक्रम अपडेट करने, इंटर्नशिप और शोध को बढ़ावा देने की अपील की.
उद्योगों और विश्वविद्यालयों के बीच सहयोग
सेमिनार में नीति आयोग की प्रोग्राम डायरेक्टर सोनिया पंत ने ‘हायर एजुकेशन फॉर विकसित भारत’ विषय पर प्रस्तुति दी. इसमें भविष्य की कार्यशक्ति की जरूरतों, कौशल विकास और रोजगारोन्मुख शिक्षा पर चर्चा हुई.
कार्यक्रम में शिक्षा संस्थानों और उद्योगों के बीच समन्वय मजबूत करने तथा युवाओं को भविष्य के रोजगार के लिए तैयार करने पर विचार-विमर्श किया गया.
बैक-टू-बैक चैंपियन! जापान को 4-1 से रौंदकर भारत ने फिर जीता एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब, रचा नया इतिहास
Indian Hockey Team: भारतीय हॉकी टीम ने एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 के फाइनल में जापान को 4-1 से हराकर इतिहास रच दिया है. इस धमाकेदार जीत के साथ डिफेंडिंग चैंपियन भारत ने घरेलू सरजमीं पर न सिर्फ अपने खिताब को डिफेंड किया, बल्कि लगातार तीसरी बार एशियन चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर अपना दबदबा कायम रखा. इससे पहले भारत ने साल 2011, 2016, 2018, 2023 और 2024 में भी यह खिताब अपने नाम किया था. भारत ने कोरिया को हराकर फाइनल में जगह पक्की की थी.
शुरुआत में पिछड़ने के बाद टीम इंडिया की जोरदार वापसी
फाइनल मुकाबले की शुरुआत में जापान ने भारतीय हॉकी टीम पर पूरी तरह से शिकंजा कसे रखा. मैच के तीसरे ही मिनट में जापान के काजुमासा मात्सुमोतो ने एक शानदार फील्ड गोल दागकर अपनी टीम को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिला दी. इस गोल ने भारतीय फैंस को थोड़ी देर के लिए शांत कर दिया और पहले हाफ तक भारतीय फॉरवर्ड्स जापानी डिफेंस को भेदने में नाकाम रहे. मैच के शुरुआती दो क्वार्टर में जापान की टीम ने भारत को कड़ी टक्कर दी, लेकिन हाफ-टाइम के बाद भारतीय टीम एक बिल्कुल अलग रणनीति और आक्रामक खेल के साथ मैदान पर उतरी.
तीसरे क्वार्टर में मिला बराबरी का गोल
हाफ-टाइम के बाद भारतीय टीम ने जापान पर दबाव बनाना शुरू किया. मैच के 42वें मिनट में कप्तान हरमनप्रीत सिंह की एक बेहतरीन रणनीति काम आई और शिलानंद लाकड़ा ने चालाकी से गोल दागकर भारत को 1-1 की बराबरी पर ला दिया. इस गोल के होते ही घरेलू स्टेडियम में भारतीय फैंस खुशी से झूम उठे और पूरी टीम इंडिया का हौसला सातवें आसमान पर पहुंच गया.
BACK-TO-BACK CHAMPIONS! INDIA DEFEND THEIR CROWN! ????????????
— Hockey India (@TheHockeyIndia) November 5, 2026
Team India are crowned champions of the Hero Asian Champions Trophy Punjab 2026 after a commanding 4-1 victory over Japan in the Final! The defending champions deliver when it matters most to retain their title on home soil!… pic.twitter.com/jfqnw78kuc
आखिरी 15 मिनटों में भारतीय टीम का तूफान
मैच के आखिरी 15 मिनट यानी चौथे क्वार्टर में भारतीय टीम ने ऐसा खेल दिखाया कि जापानी टीम पूरी तरह बिखर गई. 48वें मिनट में हार्दिक सिंह के बेहतरीन पास पर दिलप्रीत सिंह ने कमाल का गोल दागकर भारत को 2-1 से आगे कर दिया. इसके बाद 53वें मिनट में जुगराज सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर पर अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए शानदार फ्लिक मारी और स्कोर 3-1 कर दिया. ठीक एक मिनट बाद यानी 54वें मिनट में विवेक सागर प्रसाद ने हाफ वॉली पर एक और जोरदार गोल कर जापान की वापसी की सभी उम्मीदें भी खत्म कर दीं और भारत की 4-1 से ऐतिहासिक जीत पक्की कर दी.
रिकॉर्ड छठी बार एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पर कब्जा
इस जीत के साथ भारतीय हॉकी टीम ने टूर्नामेंट के इतिहास में रिकॉर्ड तोड़ छठी बार एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया है. पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही कप्तान हरमनप्रीत सिंह की इस ब्रिगेड ने यह साबित कर दिया है कि जब सबसे बड़ा मौका आता है, तो टीम इंडिया वर्ल्ड क्लास प्रदर्शन करना जानती है. पंजाब की धरती पर अपने परिवारों और हजारों फैंस के सामने खिताब जीतने का यह पल भारतीय हॉकी के इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो गया.
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