केंद्रीय योजना से अमरावती में 69 किडनी ट्रांसप्लांट सफल, लाखों का खर्च बचा, मरीजों ने जताया आभार
अमरावती, 11 मार्च (आईएएनएस)। केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) और महाराष्ट्र सरकार की महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना (एमजेपीजेएवाई) ने लाखों गरीब मरीजों के जीवन में नई रोशनी लाई है।
अमरावती के शासकीय सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में इन योजनाओं के तहत इस साल अब तक 44,000 से अधिक मुफ्त और सफल सर्जरी की जा चुकी हैं, जिससे अस्पताल राज्य में सबसे ज्यादा फ्री सर्जरी करने वाले सरकारी संस्थानों में चर्चित है।
इस अस्पताल में आयुष्मान भारत और महात्मा फुले स्कीम के तहत मरीजों को पूरी तरह मुफ्त इलाज मिल रहा है। अब तक 69 किडनी ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक हो चुके हैं, जबकि 15,000 से ज्यादा मरीजों का डायलिसिस किया गया। इसके अलावा, 1,000 से अधिक न्यूरोसर्जरी, 5,000 कैंसर मरीजों की कीमोथेरेपी और 8,000 से ज्यादा किडनी स्टोन की सर्जरी सफल रही हैं। प्राइवेट अस्पतालों में ये इलाज 5 से 10 लाख रुपए या उससे ज्यादा खर्च करते हैं, लेकिन यहां गरीब परिवारों को बिना एक पैसा खर्च किए उच्च गुणवत्ता का इलाज मिल रहा है।
किडनी ट्रांसप्लांट के कई मरीजों के परिजनों ने भावुक होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डॉक्टरों का आभार जताया।
एक मरीज के परिजन ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, मेरे पति की किडनी पिछले डेढ़ साल से काम नहीं कर रही थी। हमने प्राइवेट इलाज में करीब 18 लाख रुपए खर्च कर दिए थे। बाद में मेरे ससुर ने किडनी दान की और ऑपरेशन हुआ, जो पूरी तरह सफल रहा। पीएम मोदी की योजना की वजह से बिल्कुल खर्च नहीं आया। अब पति पूरी तरह स्वस्थ हैं। अस्पताल के पूरे स्टाफ को धन्यवाद।
हॉस्पिटल के डीन डॉ. अमोल नरोटे और उनकी टीम ने इन सभी जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। डॉक्टरों के बेहतरीन योगदान के लिए राज्य सरकार ने उन्हें मुंबई में ‘हृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे’ अवॉर्ड से सम्मानित किया। डॉ. नरोटे ने कहा, सरकार की इन हेल्थ स्कीमों की वजह से हम गरीब मरीजों की सेवा कर पा रहे हैं। नए पोर्टल के लॉन्च से प्रक्रिया और आसान हो गई है, जो सच में मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है।
ये योजनाएं गरीब परिवारों को अस्पताल में भर्ती होने पर प्रति परिवार 5 लाख रुपए (एबी-पीएमजेएवाई) और 1.5 लाख रुपए (एमजेपीजेएवाई) तक का कवर प्रदान करती हैं। अमरावती सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में कार्डियक, न्यूरो, ऑन्कोलॉजी, यूरोलॉजी और ट्रांसप्लांट जैसी सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं उपलब्ध हैं। मरीजों की देखभाल में डॉक्टरों और स्टाफ की मेहनत सराहनीय है।
--आईएएनएस
एससीएच/डीकेपी
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यूपी में हर विधानसभा क्षेत्र में होंगे 5 करोड़ तक के विकास कार्य, सीएम ने जनप्रतिनिधियों से मांगे गए प्रस्ताव
उत्तर प्रदेश में विकास कार्यों को तेज करने के लिए योगी सरकार ने एक नई पहल शुरू की है. इसके तहत राज्य के हर विधानसभा क्षेत्र में लगभग 5 करोड़ रुपये तक के विकास कार्य कराने की योजना बनाई गई है. इसके लिए सभी जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों की जरूरतों के अनुसार विकास परियोजनाओं के प्रस्ताव मांगे गए हैं. सरकार का उद्देश्य यह है कि स्थानीय स्तर पर जरूरी कामों की पहचान कर उन्हें तेजी से पूरा किया जाए, ताकि आम लोगों को सीधे लाभ मिल सके.
विधायकों से एक सप्ताह में मांगे गए प्रस्ताव
सरकारी सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों और विधान परिषद सदस्यों से कहा है कि वे अपने-अपने क्षेत्र की प्राथमिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार करें. इन प्रस्तावों को एक सप्ताह के भीतर मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं.
इसके साथ ही जिलाधिकारियों (डीएम) को भी निर्देश दिया गया है कि वे इन प्रस्तावों की जांच करें और जरूरी प्रक्रिया पूरी कर विकास कार्यों के लिए धनराशि उपलब्ध कराने की व्यवस्था करें.
स्थानीय जरूरतों के हिसाब से होंगे काम
सरकार ने जनप्रतिनिधियों को यह स्वतंत्रता दी है कि वे अपने क्षेत्र की जरूरतों के अनुसार अलग-अलग तरह के विकास कार्यों का सुझाव दे सकते हैं. इनमें सड़क निर्माण, पुल, कम्युनिटी सेंटर, बारात घर, कन्वेंशन सेंटर और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े प्रोजेक्ट शामिल हो सकते हैं.
इसके अलावा सड़कों पर स्ट्रीट लाइट लगवाना, सार्वजनिक शौचालय बनवाना और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्य भी प्रस्ताव में शामिल किए जा सकते हैं. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जरूरत होने पर तहसील मुख्यालय, जिला अदालत या हाईकोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं के लिए चैंबर बनाने जैसे प्रस्ताव भी दिए जा सकते हैं.
अधिकारियों को दी गई जिम्मेदारी
इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए जिला प्रशासन की अहम भूमिका तय की गई है. सभी जिलों के कमिश्नर, जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रस्तावित कार्यों की निगरानी करें और उन्हें समय पर पूरा कराने की व्यवस्था करें.
सरकार का मानना है कि अगर स्थानीय स्तर पर प्रशासन और जनप्रतिनिधि मिलकर काम करेंगे तो विकास परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा सकेगा.
जनता को मिलेगा सीधा लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से छोटे-छोटे लेकिन जरूरी विकास कार्य तेजी से पूरे हो सकेंगे. कई बार स्थानीय स्तर की समस्याएं जैसे सड़क, स्ट्रीट लाइट, सामुदायिक भवन या सार्वजनिक सुविधाएं लंबे समय तक लंबित रहती हैं.
यदि हर विधानसभा क्षेत्र में 5 करोड़ रुपये तक के काम पूरे किए जाते हैं तो इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी.
सरकार का कहना है कि यह पहल विकास को गति देने के साथ-साथ जनता की जरूरतों को सीधे नीति निर्माण से जोड़ने का भी एक प्रयास है.
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