अमेरिका को कितनी महंगी पड़ रही ईरान से जंग, जानें ट्रंप की 1 जिद से हर दिन कितना नुकसान
मिडिल ईस्ट में ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान का खर्च तेजी से बढ़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका हर दिन $1 से $2 बिलियन तक खर्च कर रहा है। बढ़ती लागत के कारण वॉशिंगटन में राजनीतिक बहस तेज हो गई है और टैक्सपेयर्स पर पड़ने वाले बोझ को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला पर जानलेवा हमला, बाल-बाल बचे, बोले- अल्लाह का शुक्र है
जम्मू-कश्मीर की राजनीति से एक बहुत बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के दिग्गज नेता फारूक अब्दुल्ला पर जानलेवा हमला हुआ है. इस हमले में वे बाल-बाल बच गए हैं. उनके बेटे और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया के जरिए इस घटना की जानकारी दी है. ओमर ने बताया कि उनके पिता की जान पर बन आई थी, लेकिन किस्मत अच्छी थी कि उन्हें आंच तक नहीं आई.
ओमर अब्दुल्ला ने अपने ट्वीट में लिखा है कि अल्लाह का लाख-लाख शुक्र है कि उनके पिता सुरक्षित हैं. उन्होंने इस घटना को एक बड़ी साजिश और सुरक्षा में भारी चूक करार दिया है. फिलहाल इस हमले के बारे में ज्यादा जानकारी तो सामने नहीं आई है, लेकिन जो शुरुआती बातें पता चली हैं, वे काफी डराने वाली हैं.
पॉइंट ब्लैंक रेंज से चलाई गई गोली
ओमर अब्दुल्ला के मुताबिक, हमलावर एक लोडेड पिस्तौल के साथ फारूक अब्दुल्ला के इतने करीब पहुंच गया था कि वह सीधे उन पर निशाना साध सकता था. उसने बिल्कुल करीब यानी पॉइंट ब्लैंक रेंज से गोली भी चला दी थी. यह दूरी इतनी कम थी कि कुछ भी अनहोनी हो सकती थी. हालांकि, वहां मौजूद सुरक्षा टीम ने बिजली जैसी फुर्ती दिखाई और हमलावर के हाथ को डिफ्लेक्ट कर दिया, जिसकी वजह से गोली का निशाना चूक गया. अगर सुरक्षाकर्मी समय पर कार्रवाई नहीं करते, तो यह एक बड़ा हादसा हो सकता था.
सुरक्षा व्यवस्था पर खड़े हुए गंभीर सवाल
इस हमले के बाद ओमर अब्दुल्ला ने सुरक्षा इंतजामों को लेकर कड़े सवाल पूछे हैं. उन्होंने कहा कि अभी उनके पास जवाबों से ज्यादा सवाल हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक व्यक्ति लोडेड हथियार लेकर इतने करीब कैसे पहुंच गया. फारूक अब्दुल्ला को Z+ कैटेगरी की सुरक्षा मिली हुई है और उनकी सुरक्षा का जिम्मा NSG जैसे खास कमांडो के पास रहता है. ऐसे में किसी अनजान शख्स का सुरक्षा घेरा तोड़कर पूर्व मुख्यमंत्री के पास पहुंच जाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता की बात है. ओमर ने ट्वीट में साफ कहा है कि इस बात की गहराई से जांच होनी चाहिए कि आखिर इतनी बड़ी चूक कैसे हुई. उन्होंने उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा किया है जिन्होंने उनके पिता की जान बचाई.
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