Bihar: पटना में 5 मार्च को होगी मैराथन, 'नशा मुक्त बिहार' का दिया जाएगा संदेश
Bihar: मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के सहयोग से पटना में 15 मार्च को मैराथन का आयोजन किया जाएगा. इस संबंध में बुधवार को पटना प्रमंडल के आयुक्त अनिमेष कुमार पराशर ने प्रेस वार्ता कर जानकारी दी. उन्होंने कहा कि “नशा मुक्त बिहार” के संदेश के साथ आयोजित होने वाली पटना मैराथन राज्य में जनजागरूकता फैलाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी. आयुक्त ने बताया कि इस वर्ष मैराथन का आयोजन कुछ विलंब से हो रहा है, लेकिन इसे बेहतर और सुव्यवस्थित बनाने के लिए सभी स्तरों पर तैयारियां की जा रही हैं ताकि आयोजन सफल और प्रभावी हो सके.
चार श्रेणियों में होगी दौड़
मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के आयुक्त अंशुल अग्रवाल ने बताया कि पटना मैराथन अब बिहार की पहचान बन चुकी है. इस वर्ष मैराथन में देशभर से करीब 10 हजार प्रतिभागियों के शामिल होने का अनुमान है. मैराथन में चार श्रेणियों में दौड़ आयोजित की जाएगी.
फुल मैराथन (42.195 किमी), हाफ मैराथन (21.097 किमी), 10 किलोमीटर रन और 5 किलोमीटर रन शामिल हैं. सभी दौड़ की शुरुआत गांधी मैदान से होगी और गंगा पथ व अटल पथ से होकर गुजरते हुए इसका समापन भी गांधी मैदान में ही होगा.
इस दौरान प्रतिभागियों को पटना के रिवरफ्रंट और आधुनिक सड़कों का अनुभव मिलेगा.उन्होंने बताया कि प्रतिभागियों को प्रेरित करने के लिए इस बार मैराथन में मुख्य अतिथि के तौर पर ओलंपिक पदक विजेता और विश्व प्रसिद्ध बैडमिंटन खिलाड़ी पी. वी. सिंधु को आमंत्रित किया गया है.
प्रतिभागियों के लिए स्वास्थ्य और सुरक्षा के इंतजाम
मैराथन के सफल आयोजन के लिए प्रशासन की ओर से व्यापक तैयारियां की गई हैं. प्रतिभागियों की सुविधा के लिए प्रत्येक किलोमीटर पर कुल 20 एड स्टेशन बनाए जाएंगे. इसके अलावा मार्ग और आयोजन स्थल पर मनोरंजन की भी व्यवस्था रहेगी.
स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आयोजन में 30 डॉक्टर, पारामेडिकल स्टाफ और 20 फिजियोथेरेपिस्ट की तैनाती की जाएगी. वहीं यातायात और भीड़ प्रबंधन के लिए पुलिस और संबंधित विभागों की टीम लगातार निगरानी करेगी. नगर निगम की ओर से साफ-सफाई और स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी.
कई मार्गों पर रहेगा यातायात प्रतिबंध
मैराथन को सुचारू रूप से आयोजित करने के लिए 14 मार्च की रात 11 बजे से 15 मार्च की सुबह 10 बजे तक संबंधित मार्गों पर यातायात प्रतिबंधित रहेगा. इस दौरान प्रशासन ने लोगों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है.
विजेताओं को मिलेंगे 30 लाख रुपये के पुरस्कार
मैराथन के विजेताओं को कुल 30 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी. पुरस्कार वितरण समारोह प्रातः 6:45 बजे आयोजित किया जाएगा. इसके साथ ही सभी प्रतिभागियों को रिफ्रेशमेंट और मेडल भी प्रदान किए जाएंगे. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मैराथन से जुड़े मेडल और टी-शर्ट को भी लॉन्च किया गया.
दौड़ शुरू होने का समय
फुल मैराथन - प्रातः 3:30 बजे
हाफ मैराथन - प्रातः 5:00 बजे
10 किलोमीटर रन - प्रातः 6:00 बजे
5 किलोमीटर रन - प्रातः 7:15 बजे
केंद्रीय योजना से अमरावती में 69 किडनी ट्रांसप्लांट सफल, लाखों का खर्च बचा, मरीजों ने जताया आभार
अमरावती, 11 मार्च (आईएएनएस)। केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) और महाराष्ट्र सरकार की महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना (एमजेपीजेएवाई) ने लाखों गरीब मरीजों के जीवन में नई रोशनी लाई है।
अमरावती के शासकीय सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में इन योजनाओं के तहत इस साल अब तक 44,000 से अधिक मुफ्त और सफल सर्जरी की जा चुकी हैं, जिससे अस्पताल राज्य में सबसे ज्यादा फ्री सर्जरी करने वाले सरकारी संस्थानों में चर्चित है।
इस अस्पताल में आयुष्मान भारत और महात्मा फुले स्कीम के तहत मरीजों को पूरी तरह मुफ्त इलाज मिल रहा है। अब तक 69 किडनी ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक हो चुके हैं, जबकि 15,000 से ज्यादा मरीजों का डायलिसिस किया गया। इसके अलावा, 1,000 से अधिक न्यूरोसर्जरी, 5,000 कैंसर मरीजों की कीमोथेरेपी और 8,000 से ज्यादा किडनी स्टोन की सर्जरी सफल रही हैं। प्राइवेट अस्पतालों में ये इलाज 5 से 10 लाख रुपए या उससे ज्यादा खर्च करते हैं, लेकिन यहां गरीब परिवारों को बिना एक पैसा खर्च किए उच्च गुणवत्ता का इलाज मिल रहा है।
किडनी ट्रांसप्लांट के कई मरीजों के परिजनों ने भावुक होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डॉक्टरों का आभार जताया।
एक मरीज के परिजन ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, मेरे पति की किडनी पिछले डेढ़ साल से काम नहीं कर रही थी। हमने प्राइवेट इलाज में करीब 18 लाख रुपए खर्च कर दिए थे। बाद में मेरे ससुर ने किडनी दान की और ऑपरेशन हुआ, जो पूरी तरह सफल रहा। पीएम मोदी की योजना की वजह से बिल्कुल खर्च नहीं आया। अब पति पूरी तरह स्वस्थ हैं। अस्पताल के पूरे स्टाफ को धन्यवाद।
हॉस्पिटल के डीन डॉ. अमोल नरोटे और उनकी टीम ने इन सभी जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। डॉक्टरों के बेहतरीन योगदान के लिए राज्य सरकार ने उन्हें मुंबई में ‘हृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे’ अवॉर्ड से सम्मानित किया। डॉ. नरोटे ने कहा, सरकार की इन हेल्थ स्कीमों की वजह से हम गरीब मरीजों की सेवा कर पा रहे हैं। नए पोर्टल के लॉन्च से प्रक्रिया और आसान हो गई है, जो सच में मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है।
ये योजनाएं गरीब परिवारों को अस्पताल में भर्ती होने पर प्रति परिवार 5 लाख रुपए (एबी-पीएमजेएवाई) और 1.5 लाख रुपए (एमजेपीजेएवाई) तक का कवर प्रदान करती हैं। अमरावती सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में कार्डियक, न्यूरो, ऑन्कोलॉजी, यूरोलॉजी और ट्रांसप्लांट जैसी सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं उपलब्ध हैं। मरीजों की देखभाल में डॉक्टरों और स्टाफ की मेहनत सराहनीय है।
--आईएएनएस
एससीएच/डीकेपी
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