गोकुल डेरी में निदेशक नियुक्ति पर Rahul Gandhi का वार, फडणवीस ने फैसले को बताया कानून सम्मत
मुंबई, पांच नवंबर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गोकुल डेरी विवाद में बृहस्पतिवार को कदम रखते हुए भाजपा-नीत महाराष्ट्र सरकार पर जनादेश चुराने तथा नामित निदेशकों के जरिये दुग्ध सहकारी संघों पर काबिज होने की कोशिश करने का आरोप लगाया। कांग्रेस के विधानपरिषद सदस्य सतेज पाटिल ने सरकार के फैसले के खिलाफ नौ नवंबर को कोल्हापुर में विरोध मार्च निकालने की घोषणा की है। उनके पैनल ने 18 अक्टूबर के गोकुल डेरी चुनाव में 25 में से 13 सीट जीतीं, जबकि महाराष्ट्र के सत्तारूढ़ गठबंधन महायुति के पैनल को 12 सीट मिलीं।
महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने सहकारी संस्था में सत्ता के संतुलन को पूरी तरह से बदलने में समर्थ एक प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके तहत सरकार को बोर्ड में पांच निदेशक नियुक्त करने का अधिकार मिल जाएगा, जिनमें से चार के पास वोट देने का अधिकार भी होगा। राहुल गांधी ने कहा कि चुनाव के बाद सरकार द्वारा निदेशक नामित करने का फैसला, दुग्ध उत्पादकों के वोटों की चोरी और ‘जनादेश में मिलावट’ के समान है।
गांधी का मजाक उड़ाते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस नेता गोकुल के मामले को एक राष्ट्रीय मुद्दा मानते हैं, क्योंकि हाल में उनकी पार्टी को 3,000 से 4,000 मतों के अंतर से ही जीत मिल पाई है। उन्होंने कहा कि निदेशकों की नियुक्ति का फैसला कानून के अनुसार लिया गया था। पाटिल ने महाराष्ट्र सरकार पर गोकुल डेरी पर नियंत्रण की कोशिश कर कोल्हापुर के जनादेश का अपमान करने का आरोप लगाया।
महाराष्ट्र के चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ ने गोकुल डेरी के नेतृत्व को लेकर उत्पन्न गतिरोध में राज्य सरकार के हस्तक्षेप का बृहस्पतिवार को यह कहते हुए बचाव किया कि लोकतांत्रिक कामकाज बहाल करने और प्रशासन निर्वाचित प्रतिनिधियों के हाथों में सौंपने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था। गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘(कोल्हापुर में) गोकुल डेरी के चुनाव में दूध उत्पादकों ने भाजपा को हरा दिया। इसलिए चुनाव के बाद भाजपा ने नियम बदल दिए, चार निदेशक घुसा दिए, संख्या 12 से बढ़ाकर 16 कर दी और बहुमत हथिया लिया।
यह दूध उत्पादकों के वोटों की चोरी है, जनादेश में मिलावट है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा इतनी हताश हो गई है कि सत्ता बचाने के लिए हर जगह किसी भी हद तक जा रही है। जो लोग दूध उत्पादकों के वोट चुराते हैं, वे याद रखें - किसान कभी भूलते नहीं हैं।’’ शिवसेना (उबाठा) के सांसद संजय राउत ने महा विकास आघाडी के घटकों --कांग्रेस, शिवसेना (उबाठा) एवं राकांपा (शप)-- से इस मुद्दे पर साथ आने का आह्वान किया। राकांपा (शप) के विधायक रोहित पवार ने ‘लोकतंत्र में यकीन करने वालों से अध्यक्ष चुनाव में गोकुल डेरी का घेराव करने की अपील की।
सन् 1963 में स्थापित कोल्हापुर जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ का 2024-25 में वार्षिक कारोबार 3,966.28 करोड़ रुपये रहा। इस दुग्ध उत्पादक संघ को गोकुल डेरी के नाम से भी जाना जाता है।’’ यह लगभग 4.41 लाख दुग्ध उत्पादकों के साथ काम करता है और कोल्हापुर जिले तथा इसके आसपास के लगभग 1,810 गांवों में मौजूद 8,009 ग्राम-स्तरीय समितियों से रोज़ाना दूध इकट्ठा करता है, जिससे यह इस क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण संस्था बन गई है। महायुति पैनल के 12 निदेशकों के अनुपस्थित रहने के कारण डेरी अध्यक्ष का चुनाव टाल दिया गया।
कांग्रेस नेता पाटिल ने बताया कि मुंबई उच्च न्यायालय ने सभी 25 निदेशकों को नोटिस जारी करने और अध्यक्ष का चुनाव 10 नवंबर को कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अदालत के सामने 25 निदेशकों के बीच चुनाव कराने पर सहमति जताई थी, लेकिन बुधवार को राज्य मंत्रिमंडल ने वोट देने के अधिकार के साथ चार और निदेशकों को नियुक्त करने का फैसला किया।
धामी सरकार में पर्यटन सुविधाओं को विस्तार, चमोली के वाण में 1.36 करोड़ से बनेगी आधुनिक सतही पार्किंग
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में प्रदेश के धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में चमोली जनपद के प्रसिद्ध ग्राम वाण में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक सतही पार्किंग (सरफेस पार्किंग) विकसित करने की योजना तैयार की गई है. आवास विभाग के अंतर्गत प्रस्तावित इस परियोजना पर लगभग 1 करोड़ 36 लाख 36 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे. आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार के अनुसार, परियोजना के तहत लगभग 2,300 वर्गमीटर क्षेत्रफल में पार्किंग का निर्माण प्रस्तावित है, जिसमें एक साथ करीब 84 वाहनों को खड़ा करने की सुविधा उपलब्ध होगी. इसके साथ ही पर्यटकों एवं स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए शौचालय ब्लॉक और पार्किंग की सुरक्षा एवं देखरेख के लिए गार्ड रूम का भी निर्माण किया जाएगा.
समुद्र तल से 2,400 मीटर की ऊंचाई पर विकसित होंगी सुविधाएं
चमोली जिले का ग्राम वाण समुद्र तल से लगभग 2,400 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. यहां निर्माणाधीन हेलीपैड के समीप पार्किंग विकसित करने की योजना है. प्रस्तावित पार्किंग लगभग 2,300 वर्गमीटर क्षेत्र में बनाई जाएगी. इसकी अनुमानित लागत 136.36 लाख रुपये निर्धारित की गई है. परियोजना के माध्यम से क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों, ट्रेकर्स और श्रद्धालुओं को अपने वाहनों को व्यवस्थित रूप से खड़ा करने की सुविधा मिलेगी. अभी तक सीमित पार्किंग व्यवस्था के चलते पर्यटन सीजन और धार्मिक आयोजनों के दौरान वाहनों के दबाव की स्थिति उत्पन्न होती है. ऐसे में नई पार्किंग से यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने में भी मदद मिलेगी.
नंदा राजजात यात्रा का प्रमुख पड़ाव है वाण
ग्राम वाण धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से उत्तराखंड का महत्वपूर्ण स्थल है. यह मोटर मार्ग का अंतिम पड़ाव होने के साथ विश्वप्रसिद्ध नंदा राजजात यात्रा का प्रमुख पड़ाव और यात्रा का महत्वपूर्ण आधार स्थल भी है. यहां स्थित प्रसिद्ध लाटू देवता मंदिर में वर्षभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है. नंदा राजजात जैसी महत्वपूर्ण धार्मिक यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस क्षेत्र में पहुंचते हैं. ऐसे में पार्किंग और अन्य जनसुविधाओं का विकास स्थानीय जरूरतों के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
रूपकुंड और बेदनी बुग्याल ट्रेक का भी है बेस कैंप
वाण की पहचान केवल धार्मिक स्थल के रूप में ही नहीं, बल्कि साहसिक पर्यटन के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में भी है. प्रसिद्ध रूपकुंड और बेदनी बुग्याल ट्रेक पर जाने वाले पर्यटकों एवं ट्रेकर्स के लिए यह एक महत्वपूर्ण बेस कैंप और प्रारंभिक पड़ाव है. प्रतिवर्ष देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक, प्रकृति प्रेमी और ट्रेकिंग के शौकीन यहां पहुंचते हैं. पर्यटन गतिविधियों में बढ़ोतरी के साथ क्षेत्र में वाहनों की संख्या और पर्यटकों की आवाजाही भी बढ़ती है. इस लिहाज से यहां व्यवस्थित पार्किंग, शौचालय और सुरक्षा संबंधी सुविधाओं का विकास जरूरी हो गया है.
सड़क पर अव्यवस्थित पार्किंग से मिलेगी राहत
प्रस्तावित परियोजना के तहत 84 वाहनों की पार्किंग क्षमता विकसित होने से सड़क किनारे अनियंत्रित तरीके से वाहन खड़े करने की समस्या में कमी आने की उम्मीद है. इससे स्थानीय लोगों के आवागमन के साथ पर्यटकों को भी सुविधा मिलेगी. पार्किंग परिसर में शौचालय ब्लॉक का निर्माण होने से विशेष रूप से महिलाओं, बुजुर्गों और परिवार के साथ आने वाले पर्यटकों को राहत मिलेगी. वहीं गार्ड रूम के निर्माण से पार्किंग परिसर की सुरक्षा और नियमित देखरेख सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी.
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा प्रोत्साहन
आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार के अनुसार, ग्राम वाण की धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन संबंधी महत्ता को देखते हुए यहां आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाना आवश्यक है. प्रस्तावित परियोजना से पर्यटकों और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से बढ़ावा देने में मदद मिलेगी. इससे स्थानीय स्तर पर पर्यटन आधारित गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को भी प्रोत्साहन मिलने की संभावना है.मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में प्रदेश के महत्वपूर्ण धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर सुविधाओं के विस्तार की यह पहल उत्तराखंड में पर्यटन आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. वाण में प्रस्तावित पार्किंग परियोजना से नंदा राजजात यात्रा, लाटू देवता मंदिर और रूपकुंड-बेदनी बुग्याल आने वाले पर्यटकों को सुविधाजनक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है.
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