धामी सरकार में पर्यटन सुविधाओं को विस्तार, चमोली के वाण में 1.36 करोड़ से बनेगी आधुनिक सतही पार्किंग
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में प्रदेश के धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में चमोली जनपद के प्रसिद्ध ग्राम वाण में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक सतही पार्किंग (सरफेस पार्किंग) विकसित करने की योजना तैयार की गई है. आवास विभाग के अंतर्गत प्रस्तावित इस परियोजना पर लगभग 1 करोड़ 36 लाख 36 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे. आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार के अनुसार, परियोजना के तहत लगभग 2,300 वर्गमीटर क्षेत्रफल में पार्किंग का निर्माण प्रस्तावित है, जिसमें एक साथ करीब 84 वाहनों को खड़ा करने की सुविधा उपलब्ध होगी. इसके साथ ही पर्यटकों एवं स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए शौचालय ब्लॉक और पार्किंग की सुरक्षा एवं देखरेख के लिए गार्ड रूम का भी निर्माण किया जाएगा.
समुद्र तल से 2,400 मीटर की ऊंचाई पर विकसित होंगी सुविधाएं
चमोली जिले का ग्राम वाण समुद्र तल से लगभग 2,400 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. यहां निर्माणाधीन हेलीपैड के समीप पार्किंग विकसित करने की योजना है. प्रस्तावित पार्किंग लगभग 2,300 वर्गमीटर क्षेत्र में बनाई जाएगी. इसकी अनुमानित लागत 136.36 लाख रुपये निर्धारित की गई है. परियोजना के माध्यम से क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों, ट्रेकर्स और श्रद्धालुओं को अपने वाहनों को व्यवस्थित रूप से खड़ा करने की सुविधा मिलेगी. अभी तक सीमित पार्किंग व्यवस्था के चलते पर्यटन सीजन और धार्मिक आयोजनों के दौरान वाहनों के दबाव की स्थिति उत्पन्न होती है. ऐसे में नई पार्किंग से यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने में भी मदद मिलेगी.
नंदा राजजात यात्रा का प्रमुख पड़ाव है वाण
ग्राम वाण धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से उत्तराखंड का महत्वपूर्ण स्थल है. यह मोटर मार्ग का अंतिम पड़ाव होने के साथ विश्वप्रसिद्ध नंदा राजजात यात्रा का प्रमुख पड़ाव और यात्रा का महत्वपूर्ण आधार स्थल भी है. यहां स्थित प्रसिद्ध लाटू देवता मंदिर में वर्षभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है. नंदा राजजात जैसी महत्वपूर्ण धार्मिक यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस क्षेत्र में पहुंचते हैं. ऐसे में पार्किंग और अन्य जनसुविधाओं का विकास स्थानीय जरूरतों के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
रूपकुंड और बेदनी बुग्याल ट्रेक का भी है बेस कैंप
वाण की पहचान केवल धार्मिक स्थल के रूप में ही नहीं, बल्कि साहसिक पर्यटन के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में भी है. प्रसिद्ध रूपकुंड और बेदनी बुग्याल ट्रेक पर जाने वाले पर्यटकों एवं ट्रेकर्स के लिए यह एक महत्वपूर्ण बेस कैंप और प्रारंभिक पड़ाव है. प्रतिवर्ष देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक, प्रकृति प्रेमी और ट्रेकिंग के शौकीन यहां पहुंचते हैं. पर्यटन गतिविधियों में बढ़ोतरी के साथ क्षेत्र में वाहनों की संख्या और पर्यटकों की आवाजाही भी बढ़ती है. इस लिहाज से यहां व्यवस्थित पार्किंग, शौचालय और सुरक्षा संबंधी सुविधाओं का विकास जरूरी हो गया है.
सड़क पर अव्यवस्थित पार्किंग से मिलेगी राहत
प्रस्तावित परियोजना के तहत 84 वाहनों की पार्किंग क्षमता विकसित होने से सड़क किनारे अनियंत्रित तरीके से वाहन खड़े करने की समस्या में कमी आने की उम्मीद है. इससे स्थानीय लोगों के आवागमन के साथ पर्यटकों को भी सुविधा मिलेगी. पार्किंग परिसर में शौचालय ब्लॉक का निर्माण होने से विशेष रूप से महिलाओं, बुजुर्गों और परिवार के साथ आने वाले पर्यटकों को राहत मिलेगी. वहीं गार्ड रूम के निर्माण से पार्किंग परिसर की सुरक्षा और नियमित देखरेख सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी.
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा प्रोत्साहन
आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार के अनुसार, ग्राम वाण की धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन संबंधी महत्ता को देखते हुए यहां आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाना आवश्यक है. प्रस्तावित परियोजना से पर्यटकों और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से बढ़ावा देने में मदद मिलेगी. इससे स्थानीय स्तर पर पर्यटन आधारित गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को भी प्रोत्साहन मिलने की संभावना है.मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में प्रदेश के महत्वपूर्ण धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर सुविधाओं के विस्तार की यह पहल उत्तराखंड में पर्यटन आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. वाण में प्रस्तावित पार्किंग परियोजना से नंदा राजजात यात्रा, लाटू देवता मंदिर और रूपकुंड-बेदनी बुग्याल आने वाले पर्यटकों को सुविधाजनक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है.
आधार ऑफलाइन वेरिफिकेशन को मिली रफ्तार, यूआईडीएआई से जुड़ीं 300 संस्थाएं, 7.5 करोड़ बार डाउनलोड हुआ आधार ऐप
नई दिल्ली, 5 नवंबर (आईएएनएस)। सरकार ने गुरुवार को बताया कि जनवरी में अपनी शुरुआत के बाद से, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने 300 ऐसी संस्थाओं (ओवीएसई) को अपने साथ जोड़ा है जो ऑफलाइन सत्यापन (वेरिफिकेशन) की सुविधा देती हैं। इससे नागरिकों के बीच आधार के इस्तेमाल को और बढ़ावा मिला है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, यह उपलब्धि होटल, हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर, शिक्षा, इवेंट्स, गिग इकॉनमी और उपभोक्ताओं से सीधे जुड़े क्षेत्रों में आधार-आधारित ऑफलाइन वेरिफिकेशन के इस्तेमाल को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
इसने आधार ऑफलाइन वेरिफिकेशन मैकेनिज्म के जरिए सुरक्षित, सहमति-आधारित और पेपरलेस वेरिफिकेशन को संभव बनाया है, जिससे सर्विस प्रोवाइडर्स और नागरिकों, दोनों को सशक्त बनाया गया है।
बयान में कहा गया है कि इन ओवीएसई पार्टनर्स का जुड़ना, आधार-आधारित और प्राइवेसी को प्राथमिकता देने वाले डिजिटल वेरिफिकेशन फ्रेमवर्क में बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। ये फ्रेमवर्क डीपीडीपी एक्ट के प्रावधानों के अनुरूप, यूजर के कंट्रोल को प्राथमिकता देते हैं, साथ ही आसान एक्सेस और डेटा के न्यूनतम इस्तेमाल (डेटा मिनिमाइजेशन) को सुनिश्चित करते हैं।
यूआईडीएआई नागरिकों के स्मार्टफोन तक जरूरी सेवाएं पहुंचाकर और ऑफलाइन वेरिफिकेशन के लिए संस्थागत इकोसिस्टम का विस्तार करके, नागरिकों और संगठनों के लिए डिजिटल पहचान के अनुभव को मजबूत कर रहा है।
आधार ऐप लगातार लोकप्रिय हो रहा है और अब तक इसके लगभग 7.5 करोड़ डाउनलोड हो चुके हैं। यह भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) और नागरिकों के बीच एक महत्वपूर्ण डिजिटल इंटरफेस के रूप में काम कर रहा है। इस ऐप की मदद से आधार नंबर धारक अपने स्मार्टफोन के जरिए आधार से जुड़ी कई सेवाओं का आसानी से लाभ उठा सकते हैं।
इस ऐप के जरिए कई प्रमुख सेवाओं का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हुआ है। इसमें बिना किसी सेंटर पर जाए, 86 लाख से ज्यादा मोबाइल नंबर अपडेट, 22.16 लाख पते (एड्रेस) अपडेट और 40.25 लाख ईमेल अपडेट शामिल हैं।
ऐप पर 4.6 करोड़ बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक ट्रांजेक्शन भी दर्ज किए गए हैं। यह सुरक्षा फीचर्स के प्रति बढ़ती जागरूकता और उन्हें अपनाने की प्रवृत्ति को दिखाता है, जिससे नागरिकों को अपने बायोमेट्रिक्स के इस्तेमाल पर बेहतर कंट्रोल मिलता है।
इसके अलावा, ऐप पर 3.61 लाख आधार लॉक या अनलॉक ट्रांजेक्शन भी दर्ज किए गए। बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक और आधार लॉक/अनलॉक जैसे फीचर्स, आधार नंबर धारकों को अपनी मर्जी से प्राइवेसी की एक अतिरिक्त परत (लेयर) जोड़ने का विकल्प देते हैं।
ये पहल सरकार के डिजिटल इंडिया विजन और विकसित भारत के लिए सुरक्षित, सुलभ और तकनीक-आधारित सार्वजनिक सेवाओं के जरिए लोगों का जीवन आसान बनाने के व्यापक उद्देश्य के अनुरूप हैं।
--आईएएनएस
एससीएच
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