रुकने का नाम नहीं ले रहा ईरान, अब इजराइल के एयर डिफेंस सिस्टम की फूल रही सांसें, ग्राउंड जीरो से मिडिल-ईस्ट वॉर रिपोर्ट
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब अपने सबसे चरम पर पहुंच गया है. इजराइल, अमेरिका और ईरान के बीच की यह जंग अब रुकने का नाम नहीं ले रही है. न्यूज नेशन के सीनियर रिपोर्टर मधुरेंद्र के जरिए ग्राउंड जीरो से मिल रही जानकारी के मुताबिक, यह अब एक 'न्यू नॉर्मल' बन गया है कि दिन भर सायरन बजते हैं और लोग बंकरों की ओर भागते हैं. ईरान की ओर से लगातार मिसाइलों की बारिश हो रही है, जबकि इजराइल का एयर डिफेंस सिस्टम उन्हें आसमान में ही ढेर करने की कोशिश कर रहा है.
वार ज़ोन में मौजूद रिपोर्टर के मुताबिक, तेल अवीव और हाइफा जैसे बड़े शहरों को ईरान सीधे निशाना बनाने की कोशिश कर रहा है. हालांकि, इजराइल के डिफेंस सिस्टम ने कई हमलों को नाकाम किया है, लेकिन वॉर हेड्स गिरने से नुकसान की खबरें भी आ रही हैं. इस बीच, सोशल मीडिया पर कई पुराने और एआई (AI) जनरेटेड वीडियो भी वायरल हो रहे हैं, जो भ्रम फैला रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि ईरान का स्टॉक खत्म होने के बजाय उसके हमले और ज्यादा बढ़ गए हैं.
लेबनान में भारी तबाही और मौतों का मंजर
इजराइल की सेना ने लेबनान की राजधानी बेरूत में भीषण एयर स्ट्राइक की है. बेरूत के आयशा बकर इलाके में किए गए हमले में एक बहुमंजिला इमारत मलबे के ढेर में तब्दील हो गई. इस हमले में अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं. इजराइल का दावा है कि वह हिजबुल्ला के ठिकानों और उनके कमांड सेंटर को चुन-चुन कर निशाना बना रहा है, लेकिन रिहायशी इलाकों में हो रहे इन हमलों से आम लोगों की जान जा रही है.
हिजबुल्ला भी पीछे हटने को तैयार नहीं है. उसने इजराइल के उत्तरी बॉर्डर पर स्थित मिलिट्री बेस, रडार सेंटर और टेलीकम्युनिकेशन सेंटर्स पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं. इजराइल की सेना लेबनान के अंदर दाखिल तो हुई है, लेकिन फिलहाल उसके ऑपरेशंस बॉर्डर एरिया तक ही सीमित हैं. हिजबुल्ला के पास मौजूद ड्रोन और मिसाइलों के भंडार ने इजराइल के लिए नई मुश्किलें खड़ी कर दी हैं.
रिफाइनरी पर हमला और तेल की सप्लाई ठप
जंग की सबसे बड़ी आंच अब दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ने लगी है. ईरान ने यूएई की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी, रुएस प्लांट पर ड्रोन से हमला किया है. इस प्लांट से हर दिन 9 लाख बैरल से ज्यादा तेल प्रोसेस किया जाता है. हमले के बाद प्लांट में भीषण आग लग गई, जिससे ग्लोबल ऑयल मार्केट में हड़कंप मच गया है. ईरान अब रणनीतिक रूप से उन देशों को निशाना बना रहा है जो अमेरिका और इजराइल के करीबी माने जाते हैं.
ईरान ने इसके साथ ही हॉर्मुज ट्रेड (Strait of Hormuz) को बंद करने का बड़ा फैसला लिया है. यह दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग है, जहां से वैश्विक पेट्रोलियम सप्लाई का करीब 20 पर्सेंट हिस्सा गुजरता है. हर दिन लगभग 1.78 करोड़ बैरल कच्चा तेल इसी रास्ते से एशियाई और यूरोपीय देशों तक पहुंचता है. ईरान के इस कदम से इराक, कुवैत, सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों का तेल निर्यात बुरी तरह प्रभावित हुआ है.
12 देशों में बारूद की बारिश
मिडिल ईस्ट के करीब 12 देश इस वक्त बारूद की गंध से दहल रहे हैं. ईरान ने सिर्फ इजराइल ही नहीं, बल्कि बहरीन, कतर और सऊदी अरब की तरफ भी अपनी मिसाइलों का रुख मोड़ दिया है. कतर के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा है कि उसने ईरान की ओर से किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों को नाकाम कर दिया है. अमेरिका के सैन्य बेस भी ईरान के निशाने पर हैं, जिससे पूरी दुनिया में तीसरे विश्व युद्ध जैसा डर पैदा हो गया है.
जानकारों का मानना है कि अगर यह जंग जल्द नहीं रुकी, तो दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है. एशियाई देश, जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए सबसे ज्यादा गल्फ देशों पर निर्भर हैं, उनके लिए यह स्थिति काफी चिंताजनक है. फिलहाल मिडिल ईस्ट का आसमान मिसाइलों और धुएं से भरा हुआ है और शांति का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा है.
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अदाणी टोटल गैस के शेयर में 20 प्रतिशत की उछाल, अन्य गैस कंपनियों के स्टॉक्स भी चढ़े
अहमदाबाद, 11 मार्च (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनावों के चलते पिछले दिन की तेजी के बाद बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में फिर से बड़ी गिरावट देखने को मिली और घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्क लाल निशान में बंद हुए। इस बीच, देश में प्राकृतिक गैस की आपूर्ति को लेकर बढ़ते संकट के बावजूद अदाणी टोटल गैस के शेयर करीब 20 प्रतिशत उछलकर अपर सर्किट पर पहुंच गए। इस दौरान एनएसई पर कंपनी के शेयर 566.90 रुपए पर बंद हुए।
कंपनी के शेयरों में यह तेज बढ़त उस घोषणा के बाद देखने को मिली, जिसमें कहा गया कि सरकार के हालिया आदेश के तहत घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) और वाहनों में इस्तेमाल होने वाली कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) को गैस आपूर्ति में प्राथमिकता दी गई है।
इस दौरान कंपनी के शेयरों में भारी ट्रेडिंग भी देखने को मिली। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और बीएसई पर कुल 1.64 करोड़ से अधिक शेयरों का कारोबार हुआ, जो सामान्य से करीब 20 गुना ज्यादा रहा।
अदाणी टोटल गैस सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस में काम करती है और घरेलू, व्यावसायिक, औद्योगिक तथा वाहन उपयोगकर्ताओं को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति करती है।
बाजार में गिरावट के बावजूद अन्य गैस कंपनियों के शेयरों में भी इंट्रा-डे ट्रेडिंग के दौरान तेजी देखने को मिली।
गुजरात गैस का शेयर लगभग 12 प्रतिशत बढ़कर 420 रुपए तक पहुंच गया और कारोबार के अंत में 3.96 प्रतिशत बढ़कर 390 रुपए पर बंद हुआ।
इसके अलावा, पेट्रोनेट एलएनजी, गेल (इंडिया), इंद्रप्रस्थ गैस (आईजीएल) और महानगर गैस (एमजीएल) के शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली और ये करीब 2 प्रतिशत तक बढ़कर बंद हुए।
अदाणी टोटल गैस अपने मुख्य कारोबार के अलावा बायोगैस, बायोफ्यूल, बायोमास, लिक्विफाइड कंप्रेस्ड नेचुरल गैस, हाइड्रोजन-एनरिच्ड सीएनजी, इलेक्ट्रिक वाहन और हाइड्रोजन से जुड़े व्यवसायों में भी संभावनाएं तलाश रही है।
कंपनी ने एक नियामकीय फाइलिंग में बताया कि मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण उसके कुछ गैस आपूर्तिकर्ताओं ने सप्लाई कम कर दी है।
इससे कंपनी के लिए कुछ औद्योगिक ग्राहकों को गैस उपलब्ध कराना मुश्किल हो गया है।
कंपनी ने कहा कि वह सरकार के त्वरित फैसले की सराहना करती है, जिसमें घरेलू पीएनजी और सीएनजी उपभोक्ताओं के साथ-साथ औद्योगिक और व्यावसायिक ग्राहकों के लिए गैस आपूर्ति को प्राथमिकता दी गई है।
कंपनी ने अपने बयान में कहा, सरकार द्वारा इस आदेश को जल्द जारी करने और घरेलू पीएनजी व सीएनजी ग्राहकों के साथ-साथ औद्योगिक और व्यावसायिक ग्राहकों के लिए गैस आपूर्ति को प्राथमिकता देने के प्रयासों की हम सराहना करते हैं।
--आईएएनएस
डीबीपी/
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