अब देश में आसानी से मिलेगा MBBS में एडमिशन, मोदी सरकार ने दी 43 नए मेडिकल कॉलेज को मंजूरी
Medical Education: अगर आप मेडिकल की पढ़ाई करना चाहते हैं तो आपके लिए खुशखबरी है. क्योंकि, अब आपको एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए शायद विदेश जाने की जरूरत ना पड़े. क्योंकि केंद्र की मोदी सरकार ने मेडिकल शिक्षा को और मजबूत बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. जिसके तहत देश में नई मेडिकल कॉलेज बनाने का रास्ता साफ हो गया है. इन मेडिकल कॉलेजों में 11000 से ज्यादा सीटें होगी. ऐसे में आप आपको आसानी से देश के ही किसी मेडिकल क़ॉलेज में एमबीबीएस में एडमिशन मिल सकता है और आपको इसके लिए विदेश नहीं जाना पड़ेगा.
देश में बनाए जाएंगे 43 नए मेडिकल कॉलेज, बढ़ेंगी MBBS की सीटें
बता दें कि मोदी सरकार ने साल 2025-26 के सत्र के लिए MBBS की 11,682 नई सीटों को मंजूरी दी है. इसके साथ ही केंद्र सरकार ने देश के अलग-अलग राज्यों में 43 नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना को भी स्वीकृति दे दी है. मोदी सरकार के इस फैसले से मेडिकल पढ़ाई के अवसर बढ़ेंगे साथ ही आने वाले समय में देश को ज्यादा प्रशिक्षित डॉक्टर भी मिल सकेंगे.
स्वास्थ्य राज्यमंत्री ने राज्यसभा में पेश किए
बता दें कि राज्यसभा में एक लिखित जवाब में स्वास्थ्य राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने मेडिकल शिक्षा से जुड़े ताजा आंकड़े बताए. उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार लगातार मेडिकल शिक्षा का दायरा बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है. जिससे देश में डॉक्टरों की संख्या बढ़ सके. बता दें कि मंत्रालय की ओर से जारी किए गए आंकड़े राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) द्वारा तैयार किए गए हैं. इन आंकड़ों में देशभर के सरकारी मेडिकल कॉलेज, निजी मेडिकल कॉलेज, एम्स और राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों में उपलब्ध सीटें भी शामिल हैं.
देश में बढ़ेंगी MBBS और PG की सीटें
इसके साथ ही सरकार ने नए सत्र के लिए मेडिकल पढ़ाई की सीटों में बड़ी बढ़ोतरी करने जा रही है. 2025–26 के लिए एमबीबीएस की 11,682 सीटों को मंजूरी दी गई है. इसके साथ ही मोदी सरकार ने पोस्टग्रेजुएट (PG) की 8,967 मेडिकल सीटों को मंजूरी दी गई है. ये सीटें देश के अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों, एम्स संस्थानों और अन्य राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों में होंगी. मोदी सरकार का कहना है कि इससे मेडिकल शिक्षा में एडमिशन के अधिक अवसर पैदा होंगे. साथ ही छात्रों को अपने ही देश में बेहतर पढ़ाई का मौका भी मिलेगा.
देशभर में शुरू होंगे 43 नए मेडिकल कॉलेज
11 हजार से ज्यादा मेडिकल सीटों के साथ केंद्र सरकार देश के अलग-अलग इलाकों में 43 नए मेडिकल कॉलेज शुरू करने जा रही है. जिसे मंजूरी दे दी गई है. इन मेडिकल कॉलेजों के शुरू होने से जहां मेडिकल पढ़ाई के अवसर बढ़ेंगे, वहीं कई राज्यों में स्वास्थ्य सेवाएं भी मजबूत होंगी. बता दें कि अक्सर ऐसी खबरों सामने आती हैं कि छोटे शहरों और दूरदराज के इलाकों में डॉक्टरों की कमी के चलते लोगों को समय पर उचित इलाज नहीं मिल पाता. जिससे चलते लोगों को परेशानी होती है और हादसों की हालत में कई लोगों की जान तक चली जाती है.
पहले राजपाल यादव को बताया अनपढ़, अब अपने ही बयान से मुकरे प्रियदर्शन, कमेंट पर दी सफाई
Priyadarshan on Rajpal Yadav: बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव चेक बाउंस केस मामले को लेकर चर्चा में हैं. एक्टर जब जेल में थे तो कई सेलेब्स उनकी मदद के लिए आगे आए थे. वहीं, निर्देशक प्रियदर्शन ने एक्टर की एजुकेशन पर सवाल खड़े किए थे. जिस पर राजपाल ने रिएक्ट किया था और कहा था कि वो पढ़ें लिखें हैं. वहीं, अब राजपाल के रिएक्शन के बाद प्रियदर्शन अपने ही बयान से मुकर गए हैं. चलिए जानते हैं, उन्होंने क्या कहा.
अपने ही बयान से मुकरे प्रियदर्शन
हाल ही में एक न्यूज वेबसाइट से प्रियदर्शन ने बात की. इस दौरान उन्होंने राजपाल यादव के एजुकेशन बैकग्राउंड वाले बयान पर सफाई दी. उन्होंने कहा- 'असल में मेरा वो मतलब बिल्कुल भी नहीं था. एजुकेशन एक ऐसी चीज है, जो हम सड़क से सीखते हैं और कुछ ऐसा जो किताबों से. मेरा मतलब था स्ट्रीट स्मार्टनेस शायद इसलिए क्योंकि एजुकेशन में अवेयरनेस भी है. मेरा ऑब्जर्वेशन राजपाल की सादगी और भरोसे वाले नेचर को लेकर था. वो शायद गांव से हैं और गांव के लोग इतने मासूम हैं, वो समझते नहीं हैं.'
'मेरा मतलब अपमान करने का नहीं'
प्रियदर्शन ने बातचीत में आगे कहा कि वो राजपाल का अपमान नहीं करना चाहते थे. उन्होंने कहा- 'आपको सही लोगों और गलत लोगों के बीच फर्क करना आना चाहिए. साथ ही डायरेक्टर ने यह भी कहा कि, उनका बयान एक्टर को नीचा दिखाने के लिए नहीं था. मेरा मतलब उनका अपमान करने या कुछ और करने का नहीं था. क्योंकि मैंने अपनी ज़िंदगी में राजपाल जैसा मासूम इंसान कभी नहीं देखा. मासूमियत बड़े पैमाने पर एजुकेशन की कमी से आती है.'
प्रियदर्शन ने आखिर क्या कहा था?
दरअसल, जब राजपाल यादव जेल में बंद थे तो प्रियदर्शन ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्होंने राजपाल की अगली फिल्म के निर्माताओं से एक्टर की फीस में बढ़ोतरी करने को कहा है. इसके अलावा उन्होंने एक्टर की एजुकेशन का भी जिक्र किया था और कहा था कि राजपाल कम पढ़ें लिखे हैं इसी वजह से परेशानी में फंसे हैं. वहीं, जेल से बाहर आने के बाद राजपाल यादव ने डायरेक्टर के बयान पर रिएक्ट किया था.
राजपाल यादव ने कही थी ये बात
कुछ समय पहले स्क्रीन को दिए एक इंटरव्यू में राजपाल यादव ने प्रियदर्शन की टिप्पणी पर जवाब दिया था. उन्होंने कहा था- 'ये बिल्कुल गलत है. प्रियन जी मुझे नहीं जानते. मैं एक पढ़ा-लिखा इंसान हूं. मैंने 11 साल की उम्र से लेकर 55 साल की उम्र तक काम किया है. बड़े-बड़े दिग्गज भी कभी न कभी मुश्किलों में फंस जाते हैं, लेकिन इसका उनकी शिक्षा से कोई लेना-देना नहीं है. अगर मेरी शिक्षा कम होती, तो मैं यहां 25-30 साल तक टिक नहीं पाता.'
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