आईपीएल ट्रॉफी में संस्कृत में क्या लिखा होता है? आपको नहीं पता है उसका मतलब तो जानिए
IPL : आईपीएल 2026 की शुरुआत 28 मार्च से होने जा रही है. इस बार 10 टीमों के बीच एक ट्रॉफी के लिए जंग होने वाली है. पिछली बार की चैंपियन आरसीबी के पास मौका होगा कि वो लगातार दूसरी बार ट्रॉफी अपने नाम करे, तो वहीं दिल्ली कैपिटल्स, पंजाब किंग्स और लखनऊ सुपर जायंट्स की टीमें पहली बार आईपीएल की ट्रॉफी अपने नाम करने के लिए बेताब होंगी. आईपीएल की ट्रॉफी को पाना इन सभी 10 टीमों का सपना होगा. चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस ने इस ट्रॉफी पर 5-5 बार कब्जा किया है.
इसके साथ ही कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम भी 3 बार आईपीएल की ट्ऱॉफी जीत चुकी है. अब इस बार कौन सी टीम आईपीएल ट्रॉफी पर कब्जा करेगी. इसके बारे में तो कुछ कहा नहीं जा सकता है लेकिन आज हम आपको आईपीएल की ट्रॉफी से जुड़ी एक अहम बात बताने वाले हैं. आज हम आपको बताएंगे कि आईपीएल की ट्रॉफी पर संस्कृत में क्या लिखा होता है. उनका क्या मतलब होता है.
आईपीएल ट्रॉफी में संस्कृत में क्या लिखा है?
दरअसल, आईपीएल की ट्रॉफी पर संस्कृत में "यत्र प्रतिभा अवसरं प्राप्नोति" लिखा होता है. इसका मतलब "जहां प्रतिभा को अवसर मिलता है" होता है. इसके वाक्य के जरिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और भारत देश ये संदेश देना चाहता है कि, इस वाक्य का संदेश यह है कि, आईपीएल एक ऐसा मंच है जहां पर नए और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपने टैलेंट दिखाने का मौका मिलता है.
Genelia D'Souza said - "It was very special to see Virat Kohli winning the IPL Trophy. And the way Virat Kohli went to Ab De Villiers & Chris Gayle and said these people fought for this, they deserve to lift the trophy, these are the moments you want to see as audience". pic.twitter.com/9gCr7NJcub
— Tanuj (@ImTanujSingh) December 15, 2025
आईपीएल ट्रॉफी में संस्कृत में लिखा ये वाक्य प्रतिभा और अवसर के मिलन को दर्शाता है. ये वाक्य सार्थक होता हुआ भी नजर आता है. आईपीएल ने इंडियन क्रिकेट टीम को कुछ ऐसे ही युवा सितारे को बड़ा मंच दिया है कि उन्होंने इस मंच के दम पर इंडियन क्रिकेट टीम में भी जगह हासिल की है.
आईपीएल से इन युवा खिलाड़ियों की चमकी किस्मत
इंडियन प्रीमियर लीग में भारत ओर दुनिया के तमाम युवा क्रिकेटर्स ने अपना जलवा बिखेरा है.
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पाकिस्तान: इमरान खान की बहन अलीमा बोलीं, 'ईद में भाई को सरकार नहीं करेगी रिहा, तारीख याद रखेगी'
इस्लामाबाद, 11 मार्च (आईएएनएस)। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहनें अडियाला जेल के बाहर फिर से धरने पर बैठ गई हैं। तीनों को चेक पोस्ट पर रोका गया जिसके विरोध में उन्होंने धरना दिया। स्थानीय मीडिया ने बुधवार को बताया कि पुलिस ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के कार्यकर्ताओं को भी पीछे धकेल दिया, जो जेल की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे।
मंगलवार को जेल के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए, इमरान खान की अलीमा खान ने इसे बेहद निराशाजनक रवैया करार दिया। उन्होंने कहा कि कोर्ट के ऑर्डर के बावजूद परिवार के लोगों को पीटीआई संस्थापक से मिलने नहीं दिया गया।
पीटीआई के आधिकारिक एक्स हैंडल पर अलीमा खान की एक वीडियो क्लिप अपलोड की गई है, जिसमें वह गुस्से और हताशा में कह रही हैं कि उन्हें यकीन है कि भाई को ईद में भी रिहा नहीं किया जाएगा। एक सवाल के जवाब में, अलीमा खान ने उन खबरों को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि उनके भाई को ईद से पहले रिहा कर दिया जाएगा।
पाकिस्तान के प्रमुख अंग्रेजी दैनिक डॉन के अनुसार, अलीमा ने उन खबरों को लेकर पूछे गए सवाल पर जवाब दिया जिसमें इमरान खान को ईद में रिहा किए जाने का दावा किया गया था।
उन्होंने कहा, वे उसे रिहा नहीं करना चाहते। आजकल जो दुनिया में हो रहा है उस पर ध्यान देंगे तो, और आपको पता चल जाएगा कि इमरान खान जेल में क्यों हैं? उनके साथ जो हो रहा है उसे तारीख (इतिहास) याद रखेगी।
इससे पहले फरवरी में, जेल में बंद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेताओं ने पाकिस्तान के चीफ जस्टिस को एक पत्र लिखा था, जिसमें इमरान खान को कानूनी और मेडिकल मदद देने में कथित रुकावटों पर गंभीर चिंता जताई गई थी।
नेताओं ने चीफ जस्टिस याह्या अफरीदी को लिखे अपने खत में उनसे इस मामले में दखल देने की अपील की ताकि इस मामले में इंसाफ हो सके। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने अफरीदी से यह भी अनुरोध किया कि वे इस मामले पर ध्यान दें और यह पक्का करें कि इमरान खान को कानून के मुताबिक निजी चिकित्सक, कानूनी सलाहकार और परिवार के लोगों से मिलने की इजाजत मिले।
पत्र में, पीटीआई नेताओं ने इमरान खान के इलाज की तुलना पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के 2019 में हुए मेडिकल ट्रीटमेंट से की। उन्होंने कहा कि तब की सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि नवाज शरीफ को लाहौर के सर्विसेज हॉस्पिटल ले जाया जाए और जब उनका प्लेटलेट काउंट कम था तो उन्हें सही मेडिकल केयर दी जाए। उन्होंने आगे कहा कि नवाज शरीफ के पर्सनल डॉक्टर मेडिकल बोर्ड की सभी मीटिंग में शामिल होते थे, उनका परिवार और वकील भी उनसे नियमित तौर पर मिलते थे।
--आईएएनएस
केआर/
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