हमारा दीक्षित सोलंकी लौटकर कब आएगा, मौत के 10 दिन बाद भी ईरान में पड़ी है लाश
दीक्षित सोलंकी के परिवार के लिए यह दुख और भी गहरा है, क्योंकि चार महीने पहले ही दीक्षित की मां का निधन हुआ था. अब बेटे की अचानक मौत ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है. दीक्षित की 28 वर्षीय बहन दुबई में काम करती हैं और वह भी इस खबर से स्तब्ध हैं. दीक्षित की चाची शर्मिलाबेन ने बताया कि परिवार उनके भविष्य की योजनाएं बना रहा था. दीक्षित की शादी करवाने के बारे में विचार किया जा रहा था.
Video: दो दोस्तों ने नौकरी छोड़ गंदे पानी में तलाशा खजाना, टर्नओवर 50 लाख सालाना
Success Story: प्रतिभा और जुनून उम्र के मोहताज नहीं होते. इसे सच कर दिखाया है मुजफ्फरपुर के बोचहा प्रखंड के 21 वर्षीय अनुराग ने. साल 2021 में पिता के निधन के बाद अनुराग ने घर चलाने के लिए एक निजी बैंक में नौकरी शुरू की थी. लेकिन उनका सपना आत्मनिर्भर बनने का था. आज अनुराग अपने दोस्त हर्ष के साथ मिलकर बत्तख पालन के जरिए सालाना 20 लाख रुपये का मुनाफा कमा रहे हैं. मोतीपुर में एक बत्तख फार्म देख अनुराग को स्वरोजगार की प्रेरणा मिली. उन्होंने एमबीए की पढ़ाई कर रहे अपने दोस्त हर्ष को दिल्ली से वापस बुलाया. साथ मिलकर करीब 16 लाख रुपये का निवेश किया. वर्तमान में 3000 बत्तखों से शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट 50 लाख के टर्नओवर तक पहुंच चुका है. कल तक दूसरों के यहां काम करने वाले अनुराग आज खुद चार लोगों को रोजगार दे रहे हैं. उनका लक्ष्य इसे 3 लाख बत्तखों के विशाल प्रोजेक्ट में बदलकर बिहार स्तर पर पहचान बनाना है. अनुराग की कहानी साबित करती है कि सही प्रबंधन और साहस से कृषि क्षेत्र में भी शानदार करियर बनाया जा सकता है.
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