Reliance US Deal Explained | Donald Trump का धमाका! टेक्सास में खुलेगी 50 साल की पहली नई रिफाइनरी, रिलायंस करेगा 300 अरब डॉलर का 'ऐतिहासिक' निवेश
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार (10 मार्च 2026) को एक ऐसी घोषणा की है जिसने वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल पैदा कर दी है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर जानकारी दी कि भारत की दिग्गज कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) टेक्सास के ब्राउन्सविले बंदरगाह पर एक नई विशाल तेल रिफाइनरी के निर्माण में निवेश करेगी। ट्रंप ने इसे "अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा ऊर्जा समझौता" करार दिया है। इस घोषणा के बाद बुधवार को रिलायंस के शेयरों में भी करीब 2% का उछाल देखा गया।
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ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच पर मंगलवार को एक संदेश में इसे “300 अरब अमेरिकी डॉलर का ऐतिहासिक समझौता” बताते हुए कहा कि यह परियोजना उनके प्रशासन के ‘‘अमेरिका फर्स्ट एजेंडा’’ के कारण संभव हो रही है। उन्होंने कहा कि यह समझौता ‘‘अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा समझौता है और अमेरिकी कामगारों, ऊर्जा क्षेत्र एवं ‘साउथ टेक्सास’ के लोगों के लिए बड़ी जीत है।’’
रिलायंस इंडस्ट्रीज की ओर से हालांकि अभी तक इस समझौते को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। ट्रंप ने कहा, ‘‘ भारत में हमारे साझेदारों और उनकी सबसे बड़ी निजी ऊर्जा कंपनी रिलायंस को इस बड़े निवेश के लिए धन्यवाद।’’ उन्होंने कहा कि ब्राउन्सविल बंदरगाह पर बनने वाली नई रिफाइनरी अमेरिकी बाजारों को ऊर्जा उपलब्ध कराएगी, राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करेगी, अमेरिकी ऊर्जा उत्पादन बढ़ाएगी एवं हजारों रोजगार उत्पन्न करेगी।
‘अमेरिका फर्स्ट रिफाइनिंग’ की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उसे फरवरी में एक ‘‘वैश्विक प्रमुख ऊर्जा कंपनी’’ से नौ अंकों की राशि का निवेश प्राप्त हुआ है जिसका मूल्यांकन 10 अंकों में किया गया है। ‘अमेरिका फर्स्ट रिफाइनिंग’ ने यह भी कहा कि उसने उसी वैश्विक ऊर्जा कंपनी के साथ 20 वर्ष के लिए बाध्यकारी आपूर्ति समझौते का प्रारूप भी तैयार किया है, जिसके तहत अमेरिका में उत्पादित ऊर्जा, जो पूरी तरह ‘अमेरिकी शेल’ तेल से प्राप्त होगी...की खरीद, प्रसंस्करण और वितरण के लिए प्रतिबद्धता सुनिश्चित की गई है।
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विज्ञप्ति में रिलायंस इंडस्ट्रीज का नाम नहीं दिया गया है और न ही परियोजना में किए जाने वाले निवेश की राशि का उल्लेख किया गया है। कंपनी ने कहा कि वह इस रिफाइनरी परियोजना का निर्माण कार्य 2026 की दूसरी तिमाही में शुरू करने की योजना बना रही है।
West Asia crisis के बीच Air India का 'मिशन गल्फ'! बुधवार को संचालित होंगी 58 विशेष उड़ानें
पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और युद्ध जैसी स्थितियों के बावजूद, भारतीय विमानन कंपनियां वहां फंसे यात्रियों और सामान्य कनेक्टिविटी को बनाए रखने के लिए मुस्तैद हैं। विमानन दिग्गज एयर इंडिया और उसकी कम लागत वाली सहयोगी कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस बुधवार (11 मार्च) को क्षेत्र के लिए कुल 58 निर्धारित और गैर-निर्धारित (Scheduled & Non-scheduled) उड़ानों का संचालन करेंगी।
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क्षेत्र में अमेरिका, इजराइल और ईरान से जुड़े बढ़ते संघर्ष के बीच विमानन कंपनियां सेवाओं का संचालन सावधानीपूर्वक कर रही हैं, क्योंकि कई क्षेत्रों के हवाई मार्ग प्रतिबंधित हैं और कुछ मार्ग बंद भी किए गए हैं। एयर इंडिया ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा कि दोनों कंपनियां 11 मार्च को जेद्दा और मस्कट से आने-जाने वाली अपनी-अपनी निर्धारित सेवाएं जारी रखेंगी।
बयान के अनुसार, एयर इंडिया जेद्दा से आने-जाने वाली आठ उड़ानों का संचालन करेगी, जबकि एयर इंडिया एक्सप्रेस मस्कट से आने-जाने वाली 14 निर्धारित उड़ानों का संचालन करेगी। एयर इंडिया बुधवार को दिल्ली और मुंबई से जेद्दा के लिए एक-एक आने-जाने वाली उड़ान संचालित करेगी। वहीं एयर इंडिया एक्सप्रेस हैदराबाद और कोझिकोड से जेद्दा के लिए एक-एक आने-जाने वाली उड़ान चलाएगी।
एयर इंडिया एक्सप्रेस, मस्कट के लिए अपनी निर्धारित सेवाएं भी संचालित करेगी। इनमें दिल्ली, मुंबई, कन्नूर, तिरुवनंतपुरम और तिरुचिरापल्ली से एक-एक आने-जाने वाली उड़ान तथा कोच्चि से दो आने-जाने वाली उड़ानें शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, निर्धारित सेवाओं के अलावा एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस संयुक्त रूप से संयुक्त अरब अमीरात से आने-जाने के लिए कुल 36 अतिरिक्त गैर-निर्धारित उड़ानों का भी संचालन करेंगी।
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यह उड़ानें प्रस्थान स्थल पर उस समय की परिस्थितियों पर निर्भर होंगी। बयान में कहा गया कि इन उड़ानों का संचालन संबंधित भारतीय और स्थानीय नियामक प्राधिकरणों से आवश्यक अनुमति प्राप्त कर किया जा रहा है।
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