बजट सत्र का दूसरा फेज, तीसरा दिन:स्पीकर बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होगी; विपक्ष ने पक्षपात का आरोप लगाया था
संसद के बजट सत्र के दूसरे फेज का बुधवार को तीसरा दिन है। लोकसभा में आज भी स्पीकर ओम बिरला को हटाने के लिए विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा जारी रहेगी। इस पर चर्चा के लिए 10 घंटे का समय तय हुआ है, जिसमें मंगलवार को करीब 7 घंटे तक बहस हो चुकी है। मंगलवार को सत्र के दूसरे दिन विपक्षी सांसद ओम बिरला पर सदन की कार्यवाही में पक्षपात का आरोप लगाते हुए अविश्वास प्रस्ताव लाए थे। 50 से अधिक सांसदों के प्रस्ताव के समर्थन में वोट करने के बाद पीठासीन अधिकारी ने इसे सदन में पेश करने और चर्चा की मंजूरी दी थी। बहस की शुरुआत करते हुए कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि बजट सत्र के दौरान 20 बार नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को रोका-टोका गया। उन्हें बार बार रूलिंग बुक दिखाई गई। वहीं संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा- 15वीं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष केवल 2 बार बोले। जब सेशन चलता है, तो विदेश चले जाते हैं। नेता प्रतिपक्ष अपनी बात बोल के सदन से भाग जाते हैं। किसी और की बात नहीं सुनते हैं। फिर कहते हैं कि मुझे बोलने नहीं दिया जाता है। संसद में मंगलवार को सवाल-जवाब लोकसभा के स्पीकर को हटाने की प्रक्रिया को जानिए... भारतीय संविधान का अनुच्छेद 94(c) लोकसभा को यह अधिकार देता है कि अगर सदन का बहुमत चाहे तो प्रस्ताव पास करके स्पीकर को पद से हटा सकता है। अनुच्छेद 94 (सी) के तहत लोकसभा स्पीकर को हटाने के लिए कम से कम 14 दिन पहले लिखित नोटिस देना जरूरी होता है। नोटिस लोकसभा के सेक्रेटरी जनरल को दिया जाता है। इसके बाद सदन में इस पर चर्चा और मतदान होता है, जिसके लिए साधारण बहुमत की जरूरत होती है। प्रस्ताव पर चर्चा और वोटिंग के दौरान स्पीकर सदन में लोकसभा सदस्य के तौर पर मौजूद रह सकते हैं, लेकिन खुद कार्यवाही की अध्यक्षता नहीं करते। उनकी जगह डिप्टी स्पीकर या अन्य सदस्य मौजूद सदन चलाते हैं। स्पीकर बिरला को हटाने का प्रस्ताव पास होना मुश्किल नियमों के अनुसार स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव लोकसभा में साधारण बहुमत से पारित होता है। मौजूदा लोकसभा में एनडीए के पास करीब 290 से अधिक सांसदों का समर्थन है, इसलिए प्रस्ताव पारित होना कठिन है। चर्चा के दौरान स्पीकर स्वयं सदन की अध्यक्षता नहीं करेंगे, लेकिन उन्हें अपना पक्ष रखने और मतदान करने का अधिकार होगा। सदन के दूसरे फेज के पिछले 2 दिन की कार्यवाही… 10 मार्च: गोगोई बोले- राहुल को 20 बार टोका गया; रिजिजू का जवाब- प्रियंका को नेता प्रतिपक्ष बनाते तो अच्छा होता कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने लोकसभा में कहा कि 2 फरवरी को नेता विपक्ष राहुल गांधी जब बोल रहे थे, तब उन्हें बार-बार रोका गया। स्पीकर सर ने उनके तर्क पर सबूत देने का कहा। 9 फरवरी को शशि थरूर जब बोल रहे थे, तब उनका माइक बंद कर दिया गया। इस पर संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि प्रियंका को LoP बनाते तो कुछ अच्छा होता। देखिए प्रियंका हंस रही हैं। जो अच्छा व्यवहार करे तो उसकी सराहना करनी चाहिए। पूरी खबर पढ़ें… 9 मार्च: वेस्ट एशिया पर संकट जयशंकर बोले- हम शांति और बातचीत से समाधान के पक्ष में विदेश मंत्री ने सोमवार को पहले राज्यसभा में और फिर लोकसभा में गल्फ देशों से भारतीयों की वापसी और एनर्जी संकट को लेकर तैयारियों के बारे में बताया था। उन्होंने कहा था कि इस समय ईरान की लीडरशिप से कॉन्टैक्ट मुश्किल है, लेकिन भारत शांति और बातचीत के पक्ष में है। पूरी खबर पढ़ें…
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी का अलर्ट:बिहार, झारखंड, बंगाल में भी बारिश की चेतावनी; राजस्थान, MP, छत्तीसगढ़ में पारा 40°C पहुंचा
भारतीय मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की अलर्ट जारी किया है। विभाग के मुताबिक इस दौरान बिजली चमकने और 30-50 प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का भी अनुमान है। इधर, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में बारिश और बिजली चमकने की संभावना जताई गई है। विभाग ने पूर्वोत्तर के राज्यों में भी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान तापमान में 3-4 डिग्री की गिरावट दर्ज की जाएगी। वहीं, राजस्थान में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया। यहां बाड़मेर जिले में अधिकतम तापमान 40.0 डिग्री रहा। वहीं मध्य प्रदेश के रतलाम में तापमान 39.2 डिग्री और छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में तापमान 39 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम की 2 तस्वीरें… गर्मी क्यों- फरवरी में बारिश कम, एंटी साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार असामान्य गर्मी के पीछे कई कारण हैं। फरवरी में उत्तर और मध्य भारत में पश्चिमी विक्षोभ कम रहे। इस कारण बादल-बारिश कम हुए। सूर्य की गर्मी सीधे जमीन तक पहुंचने से सतह तेजी से गर्म हो रही है। पश्चिम और मध्य भारत के ऊपर एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना है। इसमें हवा नीचे दबती है, जिससे बादल कम बनते हैं और गर्म हवाएं बनी रहती हैं। ये परिस्थितियां तापमान बढ़ाने के लिए अनुकूल रहती हैं। कब मानी जाती है हीटवेव मौसम विभाग के मुताबिक, हीटवेव तब मानी जाती है, जब मैदानों में तापमान 40 डिग्री या उससे ज्यादा पहुंच जाए। अगर सामान्य तापमान से 4 से 6 डिग्री ज्यादा दर्ज किया जाए। ऐसी स्थिति में लोगों की सेहत पर भी असर पड़ सकता है और लू लगने का खतरा बढ़ जाता है। जून में अलनीनो संभव, गर्मी बढ़ेगी, मानसून भी बिगड़ सकता है ला-नीना कमजोर हो रहा है। अगले 3 महीने एनसो न्यूट्रल, यानी न ला-नीना और न अलनीनो के हालात रहने के आसार हैं। अमेरिकन मौसम एजेंसी नोआ के अनुसार, जून के शुरू में अलनीनो दस्तक दे सकता है। इसी दौरान देश में मानसून आता है। अलनीनो न सिर्फ मानसून बिगाड़ेगा, बल्कि गर्मी का दौर भी लंबा करेगा। ला-नीना में सामान्य, या फिर सामान्य से ज्यादा बारिश होती है। तापमान सामान्य से कम रहता है। अलनीनो में पारा चढ़ता है और बारिश कम होती है। अगले 2 दिन मौसम का हाल-
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