तूफान मुरासु के असर से आंध्रप्रदेश में भारी बारिश:चेन्नई में बाढ़ के हालात, मध्यप्रदेश के 5 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट
तूफान मुरासु के असर से आंध्रप्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश हो रही है। पेड्डा वागु नदी खतरे के निशान को पार गई है, जिससे एलुरु जिले में बाढ़ के हालात हैं। करीब एक दर्जन गांवों से लोगों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया गया है। तमिलनाडु के चेन्नई में भी बाढ़ के हालात हैं। पहाड़ियों से आ रहे बाढ़ के पानी से सड़कों पर नदियां बहने जैसा नजारा है। कई गांवों के हजारों एकड़ खेत डूब गए हैं। वहीं, चेन्नई के गोपालपुरम में भारी बारिश से निचले इलाकें डूब गए हैं। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में चक्रवाती तूफान 'मुरासु' का असर है। मंगलवार को कई जिलों में बादल छाए रहे। अगले 24 घंटे के दौरान 5 जिले- सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर में ही आंधी-बारिश का अलर्ट है। तूफान मुरासु के असर से छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में लगातार दो दिनों से बारिश हो रही है। मंगलवार रात को तेज बारिश के बाद बुधवार को भी दिन भर रिमझिम बारिश होती रही। इससे धान की फसल खराब होने होने की आशंका बढ़ गई है। सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति देशभर से मौसम की तस्वीरें
भाजपा-कांग्रेस समेत 68 पार्टियों का नया संविधान रिकॉर्ड में नहीं:चुनाव आयोग ने पारदर्शिता लिए आदेश दिया था, सिर्फ 5 दलों ने जानकारी अपडेट की
चुनाव आयोग के आदेश के नौ महीने बीत जाने के बाद भी देश की 68 मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों के नए संविधान सामने नहीं आ सके हैं। आयोग की वेबसाइट के मुताबिक, कुल 73 मान्यता प्राप्त दलों में से सिर्फ 5 पार्टियों ने ही 8 दिसंबर 2025 के निर्देश के बाद अपने नए नियम रिकॉर्ड में दर्ज कराए हैं। इन 5 दलों में एआईएमआईएम, बीजू जनता दल, रिवोल्यूशनरी गोअन्स पार्टी, वॉयस ऑफ द पीपल पार्टी और भारत आदिवासी पार्टी शामिल हैं। चुनाव आयोग ने 8 दिसंबर 2025 को यह आदेश इसलिए दिया था ताकि राजनीतिक दलों के कामकाज में पारदर्शिता लाई जा सके और उनके सभी संशोधनों संविधान को आयोग की वेबसाइट पर सार्वजनिक रूप से अपडेट किया जा सके। 6 राष्ट्रीय दलों का संविधान भी अपडेट नहीं भास्कर ने आयोग की अगस्त 2025 की 6 राष्ट्रीय और 67 राज्य मान्यता प्राप्त दलों की सूची का मिलान संविधान और संगठनात्मक चुनाव से जुड़े सार्वजनिक रिकॉर्ड से किया। पड़ताल में दस्तावेजों के अद्यतन होने के साथ संगठनात्मक चुनाव की अवधि पर भी अंतर सामने आया। भाजपा, कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी, आम आदमी पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और नेशनल पीपुल्स पार्टी में से किसी का भी संविधान निर्देश के बाद नई तारीख के साथ सार्वजनिक रिकॉर्ड में दिखाई नहीं देता। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के संविधान पर जुलाई 2022 और शिवसेना के दस्तावेज पर मई 2022 की तारीख दर्ज है। कुछ दलों ने निर्देश से पहले किए बदलाव जननायक जनता पार्टी का संविधान 24 नवंबर 2025 को अपलोड हुआ था। भारत राष्ट्र समिति का दस्तावेज 15 सितंबर, बहुजन समाज पार्टी का 1 सितंबर और विदुथलाई चिरुथैगल कच्ची तथा जनसेना पार्टी के दस्तावेज 31 जुलाई 2025 को दर्ज हुए। समाजवादी पार्टी और वाईएसआर कांग्रेस के दस्तावेज भी जून 2025 में वेबसाइट पर आए थे। ----------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… 5 राज्यों के चुनाव में भाजपा को ₹1,473 करोड़ चंदा:कांग्रेस से 7 गुना ज्यादा; असम में ₹96 करोड़ खर्च किए, 22 सीटें ज्यादा जीतीं असम, बंगाल, पुडुचेरी, केरलम और तमिलनाडु के विधानसभा चुनाव में BJP को कांग्रेस के मुकाबले 7 गुना ज्यादा चंदा मिला। पूरी खबर पढ़ें…
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