भाजपा-कांग्रेस समेत 68 पार्टियों का नया संविधान रिकॉर्ड में नहीं:चुनाव आयोग ने पारदर्शिता लिए आदेश दिया था, सिर्फ 5 दलों ने जानकारी अपडेट की
चुनाव आयोग के आदेश के नौ महीने बीत जाने के बाद भी देश की 68 मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों के नए संविधान सामने नहीं आ सके हैं। आयोग की वेबसाइट के मुताबिक, कुल 73 मान्यता प्राप्त दलों में से सिर्फ 5 पार्टियों ने ही 8 दिसंबर 2025 के निर्देश के बाद अपने नए नियम रिकॉर्ड में दर्ज कराए हैं। इन 5 दलों में एआईएमआईएम, बीजू जनता दल, रिवोल्यूशनरी गोअन्स पार्टी, वॉयस ऑफ द पीपल पार्टी और भारत आदिवासी पार्टी शामिल हैं। चुनाव आयोग ने 8 दिसंबर 2025 को यह आदेश इसलिए दिया था ताकि राजनीतिक दलों के कामकाज में पारदर्शिता लाई जा सके और उनके सभी संशोधनों संविधान को आयोग की वेबसाइट पर सार्वजनिक रूप से अपडेट किया जा सके। 6 राष्ट्रीय दलों का संविधान भी अपडेट नहीं भास्कर ने आयोग की अगस्त 2025 की 6 राष्ट्रीय और 67 राज्य मान्यता प्राप्त दलों की सूची का मिलान संविधान और संगठनात्मक चुनाव से जुड़े सार्वजनिक रिकॉर्ड से किया। पड़ताल में दस्तावेजों के अद्यतन होने के साथ संगठनात्मक चुनाव की अवधि पर भी अंतर सामने आया। भाजपा, कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी, आम आदमी पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और नेशनल पीपुल्स पार्टी में से किसी का भी संविधान निर्देश के बाद नई तारीख के साथ सार्वजनिक रिकॉर्ड में दिखाई नहीं देता। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के संविधान पर जुलाई 2022 और शिवसेना के दस्तावेज पर मई 2022 की तारीख दर्ज है। कुछ दलों ने निर्देश से पहले किए बदलाव जननायक जनता पार्टी का संविधान 24 नवंबर 2025 को अपलोड हुआ था। भारत राष्ट्र समिति का दस्तावेज 15 सितंबर, बहुजन समाज पार्टी का 1 सितंबर और विदुथलाई चिरुथैगल कच्ची तथा जनसेना पार्टी के दस्तावेज 31 जुलाई 2025 को दर्ज हुए। समाजवादी पार्टी और वाईएसआर कांग्रेस के दस्तावेज भी जून 2025 में वेबसाइट पर आए थे। ----------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… 5 राज्यों के चुनाव में भाजपा को ₹1,473 करोड़ चंदा:कांग्रेस से 7 गुना ज्यादा; असम में ₹96 करोड़ खर्च किए, 22 सीटें ज्यादा जीतीं असम, बंगाल, पुडुचेरी, केरलम और तमिलनाडु के विधानसभा चुनाव में BJP को कांग्रेस के मुकाबले 7 गुना ज्यादा चंदा मिला। पूरी खबर पढ़ें…
मोदी ने पवार से कहा-सुप्रिया तैयार हैं, साथ देश संभालेंगे:पवार बोले- आप साथ, तो देश की चिंता नहीं; पहले NCP के विलय की अटकलें आई थीं
पीएम मोदी ने बुधवार को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद NCP (SP) प्रमुख शरद पवार से फोन पर बात की। इस दौरान उन्होंने पवार से कहा कि सुप्रिया अब तैयार हैं। सुप्रिया और हम मिलकर देश संभालेंगे। आप आराम कीजिए। ये जानकारी पवार के करीबी विट्ठल मनियार ने मीडिया से बात करते हुए दी। विट्ठल के मुताबिक पवार ने जवाब दिया, “मैं आराम कर रहा हूं। जब आप सभी साथ हैं, तो मुझे देश की कोई चिंता नहीं है।” हालांकि, शरद पवार और पीएम ने इस बातचीत की पुष्टि नहीं की है। पवार को खांसी और सांस लेने पर सीने में दर्द की शिकायत के बाद 2 नवंबर को पुणे के रूबी हॉल क्लिनिक में भर्ती कराया गया था। दरअसल, रविवार को NCP के कई बड़े नेता डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार और उनके बेटे पार्थ पवार के बिना गृह मंत्री शाह से मिले थे। इसके बाद कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में पार्टी के दोनों धड़ों के विलय की खबर आई थी। हालांकि, पार्टी ने इन्हें खारिज कर दिया। अमित शाह से मुलाकात के बाद बढ़ी विलय चर्चा इसी दौरान, दिवंगत अजित पवार के NCP के वरिष्ठ नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने रविवार रात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। कुछ मीडिया रिपोट्स ने दावा किया था की नेताओं ने सुनेत्रा पवार और उनके बेटे, राज्यसभा सांसद पार्थ पवार के एकतरफा फैसलों को लेकर चिंता जताई थी। हालांकि, NCP ने सोमवार को मुंबई में हुई कोर कमेटी की बैठक के बाद सार्वजनिक तौर पर विलय की संभावना खारिज कर दी। महाराष्ट्र NCP अध्यक्ष सुनील तटकरे ने कहा, “हम सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में मिलकर काम करेंगे। NCP (शरदचंद्र पवार) के साथ विलय की संभावना खारिज कर दी गई है।” मोदी-पवार के निजी रिश्ते मजबूत मोदी और पवार के बीच रिश्ते निजी तौर पर बेहद सौहार्दपूर्ण और आदरपूर्ण हैं। हालांकि चुनावी राजनीति के मंच पर दोनों एक-दूसरे पर तीखे हमले करने से नहीं चूकते। पीएम मोदी ने 2015 में बारामती के दौरे के दौरान सार्वजनिक रूप से शरद पवार के लंबे राजनीतिक अनुभव की प्रशंसा की थी। उन्होंने कहा था कि पवार ने राजनीति के शुरुआती दिनों में उनका हाथ पकड़कर चलना सिखाया था। राजनीतिक मतभेदों के बावजूद मोदी सरकार ने 2017 में शरद पवार को देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से नवाजा था। शरद पवार देश के उन चुनिंदा विपक्षी नेताओं में गिने जाते हैं, जिनका प्रधानमंत्री से सीधा संपर्क है। वे राष्ट्रीय मुद्दों या महाराष्ट्र के प्रशासनिक संकटों पर अक्सर पीएम मोदी से वन-टू-वन मुलाकात करते हैं। शरद पवार ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती अब शरद पवार को आगे की जांच के लिए मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी बेटी और पार्टी सांसद सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी दी। करीब 4 घंटे पहले ही उन्हें शरद पवार को पुणे के रूबी हॉल क्लिनिक से छुट्टी दे दी गई थी। सीने में सांस लेने के दौरान होने वाले दर्द (प्ल्यूरिटिक पेन) की शिकायत के बाद उन्हें दो दिनों तक डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया था। अब आगे की चिकित्सकीय जांच के लिए उन्हें मुंबई के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ------------------ ये खबर भी पढ़ें… शरद पवार अस्पताल में भर्ती, सीने में दर्द की शिकायत: हालत स्थिर, लेकिन हॉस्पिटल में ही रहेंगे; 85 साल के नेता कैंसर सर्वाइवर हैं NCP (SP) प्रमुख शरद पवार को सोमवार को पुणे के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्हें सांस लेने पर बढ़ने वाले सीने के दर्द की शिकायत थी। 85 साल के पवार को खांसी होने के बाद पुणे के प्राइवेट हॉस्पिटल रूबी हॉल क्लिनिक लाया गया। उनकी बेटी, बारामती सांसद और NCP (SP) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने यह जानकारी दी। सुले के मुताबिक, पवार के मेडिकल टेस्ट चल रहे हैं। उनके स्वास्थ्य से जुड़े सभी पैरामीटर स्थिर हैं। पढ़ें पूरी खबर…
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