IPL की वो 4 टीमें जिसके हिस्सा रहे धोनी और सौरभ गांगुली जैसे दिग्गज, कुछ ही सीजन में हमेशा के लिए हो गईं गायब
IPL 2026 की तैयारियां जोरो-शोरो से शुरु हो गई है. 28 मार्च से आईपीएल 2026 का आगाज होगा. हालांकि बीसीसीआई ने अभी तक पूरे शेड्यूल का ऐलान नहीं किया है, जिसकी फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. हालांकि कुछ ही दिन में BCCI आईपीएल 2026 के शेड्यूल का ऐलान कर देगी. आईपीएल में अब कुल 10 टीमें खेलती हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आईपीएल में 4 टीमें ऐसी भी रही, जिन्होंने 1, 2 और 3 सीजन खेला और गायब हो गईं, तो चलिए उन 4 आईपीएल टीमों के बारे में बताता हैं जो आई और फिर चली गईं.
कोच्चि टस्कर्स केरल
कोच्चि टस्कर्स केरल टीम का आईपीएल से हटने का मुख्य कारण बीसीसीआई के साथ आर्थिक विवाद था. इस टीम में कई कंपनियों का निवेश था, लेकिन इस टीम के मुख्य संचालन कंपनी Rendezvous Sports World थी, जो समय पर बैंक गारंटी को जमा नहीं कर पाई, जिसके बाद बीसीसीआई ने इस टीम के पहले सीजन खत्म होते ही इसका कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर दिया. कोच्चि टस्कर्स केरल सिर्फ एक सीजन 2011 खेल पाई. इस टीम के कप्तान श्रीलंका के दिग्गज महेला जयवर्धने थे. इस टीम में रवींद्र जडेजा, आरपी सिंह और वीवीएस लक्ष्मण जैसे स्टार खिलाड़ी शामिल थे.
पुणे वॉरियर्स इंडिया
पुणे वॉरियर्स इंडिया ने अपना पहला सीजन 2011 में खेला था. इस टीम ने कुल 3 2011, 2012, और 2013 का सीजन खेला था. इस टीम का मालिकाना हक Sahara India Pariwar के पास था. बीसीसीआई और सहारा इंडिया के बीच फीस और नियमों को लेकर विवाद हो गया था, जिसके बाद 2013 के सीजन के बाद सहारा इंडिया ने आईपीएल से अपने टीम का नाम वापस ले लिया था. पुणे वॉरियर्स इंडिया में युवराज सिंह (2011), सौरव गांगुली (2012) और एंजेलो मैथ्यूज (2013) ने कप्तानी की जिम्मेदारी निभाई थी.
राइजिंग पुणे सुपरजायंट और गुजरात लायंस
राइजिंग पुणे सुपरजायंट को आईपीएल से हटने की वजह कोई आर्थिक समस्या नहीं थी. बता दें कि राइजिंग पुणे सुपरजायंट की टीम को अस्थायी तौर पर बनाई गई थी. दरअसल 2015 के बाद चन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स की टीम को स्पॉट-फिक्सिंग मामले की वजह से 2 साल के लिए बैन कर दिया गया था. चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के बैन होने के बाद 2 नई टीम गुजरात लायंस और राइजिंग पुणे सुपरजायंट बनाई गई थी, जो उनकी जगह ली थी.लेकिन जब आईपीएल 2018 में सीएसके और राज्यस्थान की टीम की आईपीएल में वापसी हुई तो गुजरात लायंस और राइजिंग पुणे सुपरजायंट दोनों अस्थायी टीमें अपने आप आईपीएल से हट गईं.
एमएस धोनी ने भी की थी राइजिंग पुणे सुपरजायंट की कप्तानी
राइजिंग पुणे सुपरजायंट की टीम का प्रदर्शन आईपीएल 2016 में ठीक-ठाक रहा, लेकिन आईपीएल 2018 में राइजिंग पुणे सुपरजायंट ने शानदार प्रदर्शन किया था और आईपीएल में जगह बनाने में कामयाब हुई, लेकिन फाइनल में रोहित शर्मा की कप्तानी वाली मुंबई इंडियंस इंडिया के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था. राइजिंग पुणे सुपरजायंट के लिए एमएस धोनी, अजिंक्य रहाण के अलावा मिचेल मार्श और स्टीव स्मिथ जैसे स्टार खिलाड़ी भी खेले.
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ईरान हमले के बाद फिनलैंड ने अजरबैजान के प्रति जताया समर्थन, दोनों राष्ट्राध्यक्षों में हुई बातचीत
नई दिल्ली, 10 मार्च (आईएएनएस)। फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव से फोन पर बातचीत कर मिडिल ईस्ट के हालात पर अजरबैजान के प्रति समर्थन व्यक्त किया।
अलेक्जेंडर स्टब और इल्हाम अलीयेव ने फोन पर बातचीत के दौरान क्षेत्रीय हालात, द्विपक्षीय संबंधों और रूस-यूक्रेन युद्ध समेत कई मुद्दों पर चर्चा की।
फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेडर स्टब ने ईरान की ओर से नखचिवान स्वायत्त गणराज्य पर किए गए हमले के संबंध में अजरबैजान के प्रति अपने देश का समर्थन व्यक्त किया।
अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने फोन कॉल और दिखाए गए समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।
फोन पर हुई बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने अपनी पिछली मुलाकातों और उन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों के विकास को लेकर हुई चर्चाओं को याद किया।
अजरबैजान और फिनलैंड के राष्ट्राध्यक्षों ने सहयोग की संभावनाओं और अन्य आपसी हित के मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेडर स्टब ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, मैंने अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव से बात की। ईरान और मिडिल ईस्ट के हालात पर उनका हाल जाना। हमने यूक्रेन के खिलाफ रूस के हमले पर भी बात की। मैंने अजरबैजान के लिए अपना सपोर्ट जताया। हम संपर्क में रहेंगे।
बता दें कि पांच मार्च को अजरबैजान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर हमले की जानकारी दी थी। उन्होंने कहा, “एक ड्रोन ने नखचिवन स्वायत्त गणराज्य में हवाई अड्डे की टर्मिनल बिल्डिंग पर हमला किया, जबकि दूसरा ड्रोन शकराबाद गांव में एक स्कूल बिल्डिंग के पास गिरा।”
इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया गया था।
पिछले हफ्ते इस हमले के बाद अजरबैजान ने ईरान के साथ अपनी सीमा को बंद कर दिया था। नखिचेवन अजरबैजान का एक अलग क्षेत्र है, जो ईरान के रास्ते उसके सहयोगी रूस से जुड़ता है, और यह सबसे छोटा जमीनी रास्ता माना जाता है। हालांकि, अजरबैजान ने सोमवार को ईरान के साथ अपनी सीमा को फिर से माल ढुलाई (कार्गो) के लिए खोल दिया है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव से फोन पर बात की थी। अजरबैजान के राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक, पेजेशकियान ने भरोसा दिलाया कि नखिचेवन की घटना में ईरान का कोई हाथ नहीं है और तेहरान इस मामले की जांच कर रहा है।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
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