चीन ने 2026 में रक्षा खर्च के लिए 19.4 खरब युआन आवंटित किए
बीजिंग, 10 मार्च (आईएएनएस)। 14वीं चीनी राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा (एनपीसी) के चौथे सत्र में चीनी जन मुक्ति सेना (पीएलए) और सशस्त्र पुलिस बल के प्रतिनिधिमंडल के प्रवक्ता चांग श्याओकांग ने 10 मार्च को मीडिया को एक साक्षात्कार दिया। इस दौरान उन्होंने इस वर्ष के रक्षा व्यय के विवरण का परिचय दिया।
उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में, राष्ट्रीय संप्रभुता, सुरक्षा और विकास हितों की रक्षा करने और चीनी विशेषताओं वाले सैन्य परिवर्तन की आवश्यकताओं के अनुकूल होने के लिए, चीन सरकार ने सतत और स्वस्थ आर्थिक और सामाजिक विकास को बढ़ावा देते हुए रक्षा खर्च में उचित और स्थिर वृद्धि बनाए रखी है, जिससे रक्षा क्षमताओं और आर्थिक शक्ति में एक साथ सुधार को बढ़ावा मिला है।
चांग श्याओकांग के अनुसार, वर्ष 2026 में, राष्ट्रीय सार्वजनिक बजट में रक्षा व्यय के लिए 19.4 खरब युआन आवंटित किए गए हैं, जो पिछले वर्ष के वास्तविक व्यय की तुलना में 6.9 प्रतिशत अधिक है, जिसमें से केंद्र सरकार का व्यय 19.1 खरब युआन है, जो वर्ष 2025 के वास्तविक व्यय की तुलना में 7 फीसदी ज्यादा है।
प्रवक्ता के मुताबिक, रक्षा खर्च में वृद्धि मुख्य रूप से चार पहलुओं के लिए की जाती है। पहला, यंत्रीकरण, सूचनाकरण और बुद्धिमत्ता के एकीकृत विकास को बढ़ावा देना, राष्ट्रीय संप्रभुता, सुरक्षा और विकास हितों की रक्षा के लिए रणनीतिक क्षमता को बढ़ाना।
दूसरा, संयुक्त लड़ाकू प्रणाली को अनुकूलित करना, नए क्षेत्र और नई गुणवत्ता वाली लड़ाकू सेनाओं के बड़े पैमाने पर, युद्ध-उन्मुख और व्यवस्थित विकास को बढ़ावा देना, पारंपरिक लड़ाकू सेनाओं का उन्नयन और रूपांतरण करना और उन्नत युद्ध क्षमता के निर्माण को मजबूत करना। तीसरा, उन्नत हथियारों व उपकरणों के विकास, राष्ट्रीय रक्षा विज्ञान व प्रौद्योगिकी के नवाचार, और आधुनिक रसद प्रणाली के निर्माण में तेजी लाना।
और चौथा, राजनीतिक सुधार को और गहरा करना जारी रखते हुए यथार्थवादी सैन्य प्रशिक्षण को ठोस रूप से आगे बढ़ाना, सैन्य मानव संसाधन नीतियों और प्रणालियों को अनुकूलित करना, सैन्य अकादमियों के शैक्षिक स्तर में सुधार करना, और उच्च गुणवत्ता वाले, पेशेवर और नए प्रकार के सैन्य प्रतिभा समूह का निर्माण करना।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
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World Kidney Day 2026: गर्मियों में क्यों बढ़ जाता है किडनी स्टोन का खतरा? जानें कारण और बचाव
World Kidney Day 2026: गर्मियों का मौसम शुरू होते ही शरीर में कई तरह की समस्याएं बढ़ जाती हैं. इन्हीं में से एक है किडनी स्टोन यानी पथरी की समस्या होना. डॉक्टरों के अनुसार, हर साल गर्मियों के महीनों में किडनी स्टोन के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिलती है. वर्ल्ड किडनी डे के उपलक्ष्य पर जानते हैं किडनी स्टोन होने के कारण. किडनी स्टोन डे हर वर्ष 12 मार्च को मनाया जाता है. इस दिन लोगों को किडनी से जुड़ी समस्याओं के बारे में जागरुक करने और उन्हें इससे बचने के लिए उपाय बताए जाते हैं.
गर्मियों में क्यों बढ़ता है किडनी स्टोन का रिस्क?
हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि इसकी सबसे बड़ी वजह शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन मानी जाती है. जब शरीर में पर्याप्त पानी नहीं होता, तो पेशाब में मौजूद मिनरल्स और साल्ट्स जमा होकर पथरी का रूप ले सकते हैं.
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किडनी का शरीर में क्या काम है?
किडनी का हमारे शरीर में मुख्य काम खून को साफ करना और शरीर से विषैले पदार्थों को पेशाब के जरिए बाहर निकालना होता है. लेकिन जब शरीर में पानी की मात्रा कम हो जाती है, तो पेशाब गाढ़ा हो जाता है और उसमें मौजूद कैल्शियम, ऑक्सलेट और यूरिक एसिड जैसे तत्व जमा होकर क्रिस्टल बनाने लगते हैं. समय के साथ ये क्रिस्टल बड़े होकर किडनी स्टोन का रूप ले लेते हैं.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि गर्मियों में पसीना ज्यादा आने के कारण शरीर से काफी मात्रा में पानी निकल जाता है. अगर लोग पर्याप्त पानी नहीं पीते हैं, तो पेशाब की मात्रा कम हो जाती है और उसमें मिनरल्स की सघनता बढ़ जाती है. यही कारण है कि गर्मियों में किडनी स्टोन बनने का रिस्क ज्यादा बढ़ जाता है.
गर्मियों में किडनी स्टोन होने के कारण (Kidney Stone Causes)
1.शरीर में डिहाइड्रेशन
गर्मी के मौसम में पसीना ज्यादा निकलने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है. अगर दिनभर पर्याप्त पानी नहीं पिया जाए तो पेशाब कम बनता है और मिनरल्स जमा होने लगते हैं.
2.ज्यादा नमक और जंक फूड का सेवन
डाइट में अधिक नमक, प्रोसेस्ड फूड और फास्ट फूड लेने से शरीर में कैल्शियम और अन्य मिनरल्स का स्तर बढ़ सकता है, जिससे किडनी स्टोन बनने की संभावना बढ़ जाती है.
3.ज्यादा ऑक्सलेट वाले फूड्स का सेवन
पालक, चाय, चॉकलेट और कुछ नट्स जैसे खाद्य पदार्थों में ऑक्सलेट की मात्रा अधिक होती है. इनका अत्यधिक सेवन भी किडनी स्टोन के खतरे को बढ़ा सकता है.
4.कम शारीरिक गतिविधि
लंबे समय तक बैठे रहना या शारीरिक गतिविधि की कमी भी किडनी स्टोन बनने का एक कारण हो सकता है, क्योंकि इससे शरीर का मेटाबोलिज्म प्रभावित होता है.
किडनी स्टोन के शुरुआती लक्षण (Symptoms of Kidney Stones)
किडनी स्टोन होने पर अक्सर कमर या पेट के तरफ तेज दर्द महसूस होता है, पेशाब में जलन, पेशाब में खून आना, बार-बार पेशाब आना और मतली या उल्टी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. कुछ मामलों में बुखार भी हो सकता है. ऐसे लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है.
कैसे करें बचाव?
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, गर्मियों में किडनी को स्वस्थ रखने के लिए पानी का सेवन बढ़ाना चाहिए, नमक और जंक फूड का सेवन कम करना चाहिए और संतुलित आहार खाना जरूरी है. साथ ही लंबे समय तक पेशाब रोककर रखने की आदत से बचना चाहिए. नियमित रूप से व्यायाम और अच्छी लाइफस्टाइल अपनाने से किडनी स्टोन के खतरे को कम किया जा सकता है. अगर किसी व्यक्ति को पहले किडनी स्टोन की समस्या हो चुकी है, तो गर्मियों के मौसम में उसे ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए.
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