World Kidney Day 2026: गर्मियों में क्यों बढ़ जाता है किडनी स्टोन का खतरा? जानें कारण और बचाव
World Kidney Day 2026: गर्मियों का मौसम शुरू होते ही शरीर में कई तरह की समस्याएं बढ़ जाती हैं. इन्हीं में से एक है किडनी स्टोन यानी पथरी की समस्या होना. डॉक्टरों के अनुसार, हर साल गर्मियों के महीनों में किडनी स्टोन के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिलती है. वर्ल्ड किडनी डे के उपलक्ष्य पर जानते हैं किडनी स्टोन होने के कारण. किडनी स्टोन डे हर वर्ष 12 मार्च को मनाया जाता है. इस दिन लोगों को किडनी से जुड़ी समस्याओं के बारे में जागरुक करने और उन्हें इससे बचने के लिए उपाय बताए जाते हैं.
गर्मियों में क्यों बढ़ता है किडनी स्टोन का रिस्क?
हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि इसकी सबसे बड़ी वजह शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन मानी जाती है. जब शरीर में पर्याप्त पानी नहीं होता, तो पेशाब में मौजूद मिनरल्स और साल्ट्स जमा होकर पथरी का रूप ले सकते हैं.
ये भी पढ़ें- Tanning Removal Remedies: गर्मियों में टैनिंग से हाथ हो गए काले? अपनाएं ये देसी नुस्खे, एक ही बार में दिखेगा रिजल्ट
किडनी का शरीर में क्या काम है?
किडनी का हमारे शरीर में मुख्य काम खून को साफ करना और शरीर से विषैले पदार्थों को पेशाब के जरिए बाहर निकालना होता है. लेकिन जब शरीर में पानी की मात्रा कम हो जाती है, तो पेशाब गाढ़ा हो जाता है और उसमें मौजूद कैल्शियम, ऑक्सलेट और यूरिक एसिड जैसे तत्व जमा होकर क्रिस्टल बनाने लगते हैं. समय के साथ ये क्रिस्टल बड़े होकर किडनी स्टोन का रूप ले लेते हैं.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि गर्मियों में पसीना ज्यादा आने के कारण शरीर से काफी मात्रा में पानी निकल जाता है. अगर लोग पर्याप्त पानी नहीं पीते हैं, तो पेशाब की मात्रा कम हो जाती है और उसमें मिनरल्स की सघनता बढ़ जाती है. यही कारण है कि गर्मियों में किडनी स्टोन बनने का रिस्क ज्यादा बढ़ जाता है.
गर्मियों में किडनी स्टोन होने के कारण (Kidney Stone Causes)
1.शरीर में डिहाइड्रेशन
गर्मी के मौसम में पसीना ज्यादा निकलने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है. अगर दिनभर पर्याप्त पानी नहीं पिया जाए तो पेशाब कम बनता है और मिनरल्स जमा होने लगते हैं.
2.ज्यादा नमक और जंक फूड का सेवन
डाइट में अधिक नमक, प्रोसेस्ड फूड और फास्ट फूड लेने से शरीर में कैल्शियम और अन्य मिनरल्स का स्तर बढ़ सकता है, जिससे किडनी स्टोन बनने की संभावना बढ़ जाती है.
3.ज्यादा ऑक्सलेट वाले फूड्स का सेवन
पालक, चाय, चॉकलेट और कुछ नट्स जैसे खाद्य पदार्थों में ऑक्सलेट की मात्रा अधिक होती है. इनका अत्यधिक सेवन भी किडनी स्टोन के खतरे को बढ़ा सकता है.
4.कम शारीरिक गतिविधि
लंबे समय तक बैठे रहना या शारीरिक गतिविधि की कमी भी किडनी स्टोन बनने का एक कारण हो सकता है, क्योंकि इससे शरीर का मेटाबोलिज्म प्रभावित होता है.
किडनी स्टोन के शुरुआती लक्षण (Symptoms of Kidney Stones)
किडनी स्टोन होने पर अक्सर कमर या पेट के तरफ तेज दर्द महसूस होता है, पेशाब में जलन, पेशाब में खून आना, बार-बार पेशाब आना और मतली या उल्टी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. कुछ मामलों में बुखार भी हो सकता है. ऐसे लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है.
कैसे करें बचाव?
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, गर्मियों में किडनी को स्वस्थ रखने के लिए पानी का सेवन बढ़ाना चाहिए, नमक और जंक फूड का सेवन कम करना चाहिए और संतुलित आहार खाना जरूरी है. साथ ही लंबे समय तक पेशाब रोककर रखने की आदत से बचना चाहिए. नियमित रूप से व्यायाम और अच्छी लाइफस्टाइल अपनाने से किडनी स्टोन के खतरे को कम किया जा सकता है. अगर किसी व्यक्ति को पहले किडनी स्टोन की समस्या हो चुकी है, तो गर्मियों के मौसम में उसे ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए.
ये भी पढ़ें- Kidney Failure Signs: किडनी फेल होने से पहले शरीर देता है ये 7 साइलेंट संकेत, ऐसे करें पहचान
चीन और बहरीन व कुवैत के विदेश मंत्रियों के बीच फोन वार्ताएं
बीजिंग, 10 मार्च (आईएएनएस)। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने 9 मार्च को बहरीन के विदेश मंत्री अब्दुल लतीफ बिन राशिद अल जयानी के साथ फोन पर वार्ता की।
इस अवसर पर अब्दुल लतीफ बिन राशिद अल जयानी ने क्षेत्रीय परिस्थिति का परिचय देते हुए बहरीन के रुख पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बहरीन हमेशा शांति का समर्थक रहा है और इसलिए उसे अवैध हमलों का निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बहरीन चीन के निष्पक्ष और संतुलित रुख की सराहना करता है तथा इसके लिए चीन का आभार व्यक्त करता है।
जयानी ने यह भी कहा कि बहरीन खाड़ी देशों और चीन के साथ संयुक्त राष्ट्र संघ सहित द्विपक्षीय और बहुपक्षीय मंचों पर संपर्क और समन्वय को और मज़बूत करना चाहता है, ताकि क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति और स्थिरता स्थापित की जा सके। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि बहरीन चीनी नागरिकों और संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाता रहेगा।
वहीं, चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि वर्तमान में खाड़ी क्षेत्र की स्थिति लगातार तनावपूर्ण होती जा रही है, जिससे बहरीन की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि चीन इस स्थिति पर गहरी नजर बनाए हुए है। वांग यी ने दोहराया कि चीन का रुख हमेशा स्पष्ट रहा है कि सभी देशों की प्रभुसत्ता और प्रादेशिक अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए। साथ ही आम नागरिकों और गैर-सैन्य ठिकानों पर होने वाले हमलों की निंदा की जानी चाहिए।
वांग यी ने आगे कहा कि इस समय सबसे महत्वपूर्ण कार्य सैन्य कार्रवाइयों को तुरंत रोकना है, ताकि संघर्ष के और अधिक फैलने से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों का रणनीतिक साझेदार और एक जिम्मेदार प्रमुख देश होने के नाते चीन हमेशा शांति की वकालत करने और संघर्ष को रोकने के प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है।
उन्होंने बताया कि मध्य-पूर्व मामलों के लिए चीन के विशेष दूत जल्द ही बहरीन का दौरा करेंगे। वांग यी ने विश्वास व्यक्त किया कि चीन खाड़ी क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए आगे भी लगातार रचनात्मक भूमिका निभाता रहेगा।
उधर, चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने 9 मार्च को कुवैत के विदेश मंत्री जराह जाबेर अल-अहमद अल-सबाह के साथ फोन पर वार्ता की।
इस मौके पर जराह ने ताज़ा क्षेत्रीय स्थिति का परिचय दिया और कहा कि कुवैत युद्ध में शामिल नहीं है, लेकिन फिर भी युद्ध से प्रभावित है। कुवैत समेत खाड़ी देश अभी भी बातचीत के ज़रिए विवादों को सुलझाने में जुटे हुए हैं। इसके बावजूद हम अपनी कानूनी आत्मरक्षा का अधिकार नहीं छोड़ेंगे। कुवैत चीन के रुख और प्रयास की प्रशंसा करता है और चीन के साथ संपर्क व समन्वय मजबूत करना चाहता है, ताकि क्षेत्रीय स्थिति शीघ्र ही सुरक्षित और स्थिर बहाल हो सके। कुवैत चीनी लोगों और संस्थानों की सुरक्षा लगातार सुनिश्चित करेगा।
वहीं, वांग यी ने कहा कि चीन का हमेशा से यही विचार रहा है कि राजनीतिक और कूटनीतिक माध्यम से विवादों का निपटारा किया जाएगा। वर्तमान युद्ध कभी नहीं होना चाहिए था। यह किसी भी पक्षों के लिए फायदेमंद नहीं है। अमेरिका और इज़राइल ने संयुक्त राष्ट्र संघ की अनुमति के बिना ईरान-अमेरिका वार्ता के चलने के दौरान ईरान पर सैन्य हमला किया। यह बिलकुल अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। इसके साथ, खाड़ी देशों की प्रभुसत्ता, सुरक्षा और प्रादेशिक अखंडता का पूरा सम्मान करना होगा। आम लोगों और गैर-सैन्य ठिकानों पर किसी भी हमले की निंदा की जानी चाहिए। वर्तमान प्राथमिकता जल्द ही युद्धविराम करना है। चीन लगातार शांति के लिए प्रयास करेगा। मध्य-पूर्व मुद्दे के लिए चीनी विशेष दूत मध्यस्थता के लिए रवाना हुए और कुवैत व अन्य देशों के साथ संपर्क मजबूत करेंगे।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
डीकेपी/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation





















