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मध्य पूर्व में तनाव के बीच भारत कई स्रोतों और मार्गों से ऊर्जा आयात सुरक्षित कर रहा है: हरदीप सिंह पुरी

नई दिल्ली, 10 मार्च (आईएएनएस)। मध्य-पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के बीच भारत सरकार ने देश में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए केवल मध्य-पूर्व पर निर्भर नहीं है, बल्कि अलग-अलग स्रोतों और मार्गों से तेल और गैस की आपूर्ति सुनिश्चित कर रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने मीडिया से बातचीत में बताया कि भारत के ऊर्जा आयात लगातार विभिन्न देशों और मार्गों से आ रहे हैं, जिससे देश की आपूर्ति शृंखला सुरक्षित बनी हुई है।

मंत्री ने कहा कि सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए हैं कि युद्ध जैसी स्थिति के बावजूद आम लोगों को गैस की आपूर्ति प्रभावित न हो।

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, मीडिया जगत के सदस्यों के साथ आज हुई अनौपचारिक बातचीत में हमने चर्चा की कि भारत का ऊर्जा आयात विभिन्न स्रोतों और मार्गों से निरंतर जारी है।

उन्होंने आगे कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बावजूद घरेलू उपभोक्ताओं को ईंधन की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उपाय किए गए हैं।

मंत्री ने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सीएनजी और पीएनजी की 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। साथ ही, युद्ध की स्थिति के बावजूद अन्य उद्योगों को भी उनकी जरूरत के अनुसार लगभग 70 से 80 प्रतिशत तक गैस आपूर्ति जारी है।

उन्होंने कहा कि सरकार सस्ती और निर्बाध ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की कोई कमी नहीं है, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, भारत आपूर्ति को और मजबूत करने के लिए मध्य-पूर्व के बाहर के देशों से अतिरिक्त द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) कार्गो भी खरीद रहा है। इसका उद्देश्य वैश्विक आपूर्ति शृंखला में संभावित बाधाओं के बावजूद देश में ऊर्जा उपलब्धता को स्थिर बनाए रखना है।

यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर चिंता है, क्योंकि दुनिया के तेल और गैस व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से गुजरता है।

इसी बीच अमेरिका ने भारत द्वारा रूस से कच्चा तेल खरीदने पर लगाए गए कुछ प्रतिबंधों में अस्थायी ढील दी है। अमेरिका का कहना है कि इससे मौजूदा संकट के दौरान वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने में मदद मिलेगी।

--आईएएनएस

डीबीपी/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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कतर में फंसे भारतीयों के लिए दूतावास की एडवाइजरी, वेबसाइट पर जानकारी दर्ज कराने की अपील

नई द‍िल्‍ली, 10 मार्च (आईएएनएस)। भारत सरकार दोहा में फंसे अपने नागरिकों को अपने वतन लाने का हरसंभव प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में दोहा स्‍थ‍ित भारतीय दूतावास ने भारतीयों के ल‍िए एडवायजरी जारी की है।

भारतीय दूतावास की ओर से कहा गया, हमारी पहले जारी की गई सलाह के संदर्भ में वे भारतीय नागरिक जो वर्तमान में कतर में पर्यटक/कम अवधि के आगंतुक के रूप में फंसे हुए हैं (हाया A1 वीजा धारक) और 28 फरवरी 2026 से कतर से उड़ानों के रद्द होने के कारण वापस नहीं जा पा रहे हैं, उनसे अनुरोध है कि इंडियन एम्बेसी कतर की आधिकारिक वेबसाइट पर अपनी जानकारी भरें।

भारतीय दूतावास की ओर से स्‍पष्‍ट क‍िया गया क‍ि यह केवल कतर में फंसे उन भारतीय नागरिकों की संख्या और विवरण जानने के लिए है, जो कतर के निवासी नहीं हैं।

साथ ही यह भी स्‍पष्‍ट क‍िया गया क‍ि जिन लोगों ने पहले वाले लिंक के माध्यम से अपनी जानकारी पहले ही जमा कर दी है, उन्हें दोबारा भरने की आवश्यकता नहीं है।

दोहा में फंसे भारतीय नागरिकों को भारत वापस लाने के प्रयास तेज हो गए हैं। दोहा में भारतीय दूतावास ने बताया कि कतर में फंसे यात्रियों की मदद के लिए अतिरिक्त उड़ानों, हेल्पलाइन और वैकल्पिक यात्रा मार्गों की व्यवस्था की जा रही है।

भारतीय दूतावास ने बताया क‍ि पिछले तीन दिनों में कतर एयरवेज की उड़ानों से ट्रांजिट या अल्पकालिक यात्रा पर दोहा में फंसे लगभग एक हजार यात्री भारत के लिए रवाना हो चुके हैं। इसके अलावा, एक भारतीय नागरिक के पार्थिव शरीर (प्राकृतिक कारणों से मृत्यु) को भारत भेजने और उनके परिवार की यात्रा की व्यवस्था करने में भी कतर एयरवेज ने मदद की। हम भारतीय समुदाय के स्वयंसेवकों का भी धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने संबंधित परिवार की सहायता की।

दूतावास ने कहा क‍ि भारतीय समुदाय को सलाह दी जाती है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए कतर के मिनिस्ट्री ऑफ इंटीरियर की गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करें। सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करें और मौजूदा स्थिति से जुड़ी तस्वीरें न लें और न ही साझा करें। केवल भरोसेमंद स्रोतों से मिली जानकारी पर ही विश्वास करें और अफवाहों से बचें।

--आईएएनएस

एवाई/वीसी

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  Sports

World Cup के बाद हवाई क्षेत्र प्रतिबंध के कारण कोलकाता में फंसी वेस्ट इंडीज और दक्षिण अफ्रीका की क्रिकेट टीमें

विश्व कप समाप्त होने के बाद वेस्ट इंडीज और दक्षिण अफ्रीका की क्रिकेट टीमें कोलकाता में ही फंस गई हैं क्योंकि उनके लिए तय किया गया विशेष विमान अंतिम समय में रद्द हो गया।

मौजूद जानकारी के अनुसार दोनों टीमों को कोलकाता से दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग के लिए एक विशेष विमान से रवाना होना था। योजना यह थी कि दक्षिण अफ्रीका पहुंचने के बाद वेस्ट इंडीज की टीम आगे अपने देश एंटीगुआ के लिए रवाना होगी। हालांकि हवाई क्षेत्र की अनुमति से जुड़ी समस्या के कारण यह उड़ान रद्द करनी पड़ी।

बता दें कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण कई अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्ग प्रभावित हुए हैं। कई देशों के ऊपर से उड़ान भरने पर प्रतिबंध या अतिरिक्त सुरक्षा नियम लागू होने के कारण लंबी दूरी की उड़ानों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय करना मुश्किल हो रहा है।

गौरतलब है कि वेस्ट इंडीज की टीम एक मार्च को कोलकाता के ईडन गार्डन्स मैदान पर भारत से हारने के बाद से ही शहर में मौजूद है। वहीं दक्षिण अफ्रीका की टीम भी चार मार्च को उसी मैदान पर खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में हारने के बाद से यहां रुकी हुई है।

मौजूद जानकारी के अनुसार वेस्ट इंडीज के बारह खिलाड़ी और दस सहयोगी स्टाफ सदस्य अभी भी कोलकाता में मौजूद हैं। इसी तरह दक्षिण अफ्रीका के बारह खिलाड़ी और दो स्टाफ सदस्य भी शहर में ही ठहरे हुए हैं और अपने देश लौटने का इंतजार कर रहे हैं।

विशेष विमान रद्द होने के बाद कुछ खिलाड़ियों ने खुद से अलग-अलग उड़ानों के जरिए यात्रा करने की कोशिश भी शुरू कर दी है। हालांकि यह प्रयास भी पूरी तरह हवाई क्षेत्र की अनुमति पर निर्भर हैं।

बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद और वेस्ट इंडीज क्रिकेट बोर्ड इस समस्या का समाधान निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल वैकल्पिक उड़ान की व्यवस्था पर चर्चा जारी है, लेकिन अभी तक किसी निश्चित रवाना होने की तारीख की घोषणा नहीं हुई है।

दरअसल वेस्ट इंडीज की टीम इस टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद लेकर भारत आई थी। टीम का अभियान सुपर आठ चरण में समाप्त हो गया और उसके बाद से खिलाड़ी घर लौटने का इंतजार कर रहे हैं।

दक्षिण अफ्रीका की स्थिति भी लगभग वैसी ही है। सेमीफाइनल में हार के बाद टीम को उम्मीद थी कि वह जल्द ही अपने देश लौट जाएगी, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों ने उनकी योजना बदल दी।

फिलहाल दोनों टीमों के खिलाड़ी और अधिकारी कोलकाता में ही ठहरे हुए हैं और हवाई मार्ग सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं। जब तक हवाई क्षेत्र से जुड़ी स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक दोनों टीमों के पास इंतजार करने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है।
Tue, 10 Mar 2026 21:43:51 +0530

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