केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को जल जीवन मिशन के विस्तार को मंजूरी दे दी, जिसके लिए अतिरिक्त आवंटन बढ़ाकर 8.69 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल के निर्णयों पर पत्रकारों को जानकारी देते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि केंद्र सरकार ने जल शक्ति मंत्रालय के उस प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिसमें जल जीवन मिशन (जेजेएम) के कार्यान्वयन को बुनियादी ढांचे के निर्माण से हटाकर सेवा वितरण पर केंद्रित करने की बात कही गई है। इसमें पेयजल प्रबंधन और संस्थागत पारिस्थितिकी तंत्र का सहयोग भी शामिल है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में पाइपलाइन के माध्यम से स्थायी रूप से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
संरचनात्मक सुधारों पर ध्यान केंद्रित करते हुए जेजेएम के पुनर्गठन के लिए मंत्रिमंडल ने कुल आवंटन को बढ़ाकर 8.69 लाख करोड़ रुपये करने की मंजूरी दी है, जिसमें केंद्र की ओर से 3.59 लाख करोड़ रुपये की सहायता शामिल है। यह राशि 2019-20 में स्वीकृत 2.08 लाख करोड़ रुपये से अधिक है, यानी केंद्र की ओर से 1.51 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त हिस्सेदारी है। एक विज्ञप्ति के अनुसार, "सुजलम भारत" नामक एक समान राष्ट्रीय डिजिटल ढांचा लागू किया जाएगा, जिसके तहत प्रत्येक गांव को एक विशिष्ट सुजल गांव/सेवा क्षेत्र आईडी आवंटित की जाएगी, जो स्रोत से नल तक संपूर्ण पेयजल आपूर्ति प्रणाली का डिजिटल मानचित्रण करेगी।
पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए, जल अर्पण के माध्यम से योजनाओं के शुभारंभ और औपचारिक हस्तांतरण में ग्राम पंचायतों और पशु एवं जल आपूर्ति केंद्रों (वीडब्ल्यूएससी) की भागीदारी होगी। ग्राम पंचायत कार्यों के पूर्ण होने का प्रमाण पत्र तभी जारी करेगी और स्वयं को "हर घर जल" घोषित करेगी जब राज्य सरकार द्वारा गांव में पर्याप्त संचालन और रखरखाव तंत्र स्थापित किए जाने की पुष्टि हो जाएगी।
यह मानते हुए कि सामुदायिक स्वामित्व और भागीदारी परिचालन दक्षता और स्रोत की स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण हैं, कार्यक्रम "जल उत्सव" को एक वार्षिक, समुदाय-नेतृत्व वाले रखरखाव और समीक्षा कार्यक्रम के रूप में बढ़ावा देगा, जो स्थानीय सांस्कृतिक मूल्यों को एकीकृत करते हुए पेयजल सुरक्षित भविष्य के लिए सामूहिक जिम्मेदारी को मजबूत करेगा, विज्ञप्ति में कहा गया है। 2019 में नल के पानी के कनेक्शन वाले 3.23 करोड़ (17%) ग्रामीण परिवारों के आधारभूत स्तर से, अब तक जेजेएम के तहत 12.56 करोड़ से अधिक अतिरिक्त ग्रामीण परिवारों को नल के पानी के कनेक्शन प्रदान किए गए हैं।
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नेपाल की 165 सीटों के चुनावी नतीजे घोषित हो चुके हैं। इनमें बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) ने सर्वाधिक 125 सीटें जीती है। शेर बहादुर देउबा की नेपाली कांग्रेस को 17, पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली की सीपीएन-यूएमएल को 8 और पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' की एनसीपी को 7 सीटें मिली हैं। इस बार 40 साल से कम उम्र के युवा सांसद 59 (करीब 38%) हैं। 2022 में ऐसे सांसद 30 (करीब 11%) थे। युवा सांसदों में 51 आरएसपी से हैं। इस बार 14 महिलाएं चुनाव जीतकर संसद पहुंची। 2022 में 9 महिलाएं थीं।
आरएसपी ने 125 सीट जीतीं
नेपाल में संसदीय चुनावों में प्रत्यक्ष मतदान प्रणाली के तहत मतगणना पूरी होने के साथ ही राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) ने 165 में से 125 सीटें जीत ली हैं जिससे वह बहुमत की सरकार बनाने की स्थिति में आ गई है। निर्वाचन आयोग के अनुसार, प्रत्यक्ष मतदान प्रणाली के तहत सभी 165 सीट की मतगणना पूरी हो चुकी है और आरएसपी 125 सीट के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। अन्य दलों में नेपाली कांग्रेस (एनसी) को 18 सीट मिली हैं, जबकि सीपीएन-यूएमएल को नौ, नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) को आठ, श्रम संस्कृति पार्टी (एसएसपी) को तीन और राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (आरपीपी) को एक सीट मिली है। इसके अलावा एक निर्दलीय उम्मीदवार भी निर्वाचित हुआ है। निर्वाचन आयोग ने बताया कि आनुपातिक मतदान (पीआर) प्रणाली के तहत मतगणना अभी जारी है और इसके मंगलवार रात तक समाप्त होने की उम्मीद है। पीआर प्रणाली के तहत अब तक आरएसपी को 49,74,957 वोट मिले हैं। इसके बाद नेपाली कांग्रेस को 16,85,722, सीपीएन-यूएमएल को 14,02,157, नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी को 7,63,633, श्रम संस्कृति पार्टी को 3,50,809 और राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी को 3,23,744 वोट मिले हैं। वर्तमान रुझानों के आधार पर आरएसपी को आनुपातिक मतदान प्रणाली के तहत कम से कम 50 और सीट मिलने की संभावना है। ऐसा होने पर 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में उसकी कुल सीट की संख्या लगभग 175 तक पहुंच सकती है। ऐसी स्थिति में पार्टी नेपाल के संविधान के अनुच्छेद 76 (1) के तहत बहुमत की सरकार बनाने में सक्षम होगी। हालांकि चुनाव आयोग ने कहा कि आनुपातिक मतदान प्रणाली के तहत अंतिम परिणाम घोषित करने और विभिन्न दलों के उम्मीदवारों को औपचारिक रूप से सीट आवंटित करने में अभी कुछ और दिन लगेंगे।
पीएम मोदी ने की बात
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नेपाल की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के नेताओं रबी लामिछाने तथा बालेंद्र शाह से बात की और उन्हें चुनाव में जीत के लिए बधाई दी। उन्होंने दोनों देशों की पारस्परिक समृद्धि, प्रगति और खुशहाली के लिए उनके साथ मिलकर काम करने की भारत की प्रतिबद्धता व्यक्त की। नेपाल के दोनों नेताओं के साथ टेलीफोन पर हुई बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि संयुक्त प्रयासों से भारत-नेपाल संबंध आने वाले वर्षों में नयी ऊंचाइयों को छुएंगे। मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के अध्यक्ष रबी लामिछाने और आरएसपी के वरिष्ठ नेता बालेंद्र शाह के साथ फोन पर सौहार्दपूर्ण बातचीत हुई।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने दोनों नेताओं को उनकी चुनावी जीत और नेपाल चुनाव में आरएसपी की शानदार सफलता पर बधाई दी। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने उनकी आगामी नयी सरकार के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं और दोनों देशों की पारस्परिक समृद्धि, प्रगति एवं कल्याण के लिए उनके साथ काम करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।
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