Cabinet Meeting: हरियाणा, बंगाल और MP के लोगों की हो गई मौज, मोदी सरकार ने इन छह परियोजनाओं को दी मंजूरी
मोदी सरकार ने मंगलवार को छह बड़े फैसले किए हैं, जिससे मध्यप्रदेश, हरियाणा और बंगाल के लोगों को बड़ा तोहफा मिलेगा. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने खुद इसकी जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि आज कैबिनेट में छह बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है. सभी परियोजनाओं की लागत करीब 8,80,000 करोड़ रुपये है.
- जल जीवन मिशन 2.0
- मदुरै एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट घोषित करना
- पश्चिम बंगाल में संतरागाछी से खड़गपुर तक चौथी रेलवे लाइन बनाना
- सैंथिया-पाकुड़ के बीच रेलवे की चौथी लाइन बनाना
- मध्य प्रदेश में बदनावर-थांदला-टिमरवानी हाईवे को चार लेन का बनाना
- जेवर एयरपोर्ट को फरीदाबाद से जोड़ना
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ईरान में हमलों से उठा धुआं पहुंच सकता है पश्चिमी पाकिस्तान, एक्यूआई बिगड़ने का खतरा
इस्लामाबाद, 10 मार्च (आईएएनएस)। पाकिस्तान के मौसम विभाग (पीएमडी) ने कहा है कि ईरान में हुए हवाई हमलों के बाद वहां से उठने वाला धुआं और प्रदूषण पाकिस्तान की हवा को भी खराब कर सकता है।
विभिन्न सोशल प्लेटफॉर्म्स पर पाकिस्तान के मेट डिपार्टमेंट ने वीकली वेदर आउटलुक (10 मार्च से 16 मार्च 2026) में इसकी जानकारी दी है। एक्स पर एक नोट
के साथ चेतावनी दी है। लिखा है कि ईरान के हालात की वजह से, हवाएं प्रदूषक तत्व ले जा सकती हैं, और पाकिस्तान के पश्चिमी हिस्सों में वायु गुणवत्ता खराब हो सकती है।
मौसम विभाग के मुताबिक, ईरान से आने वाली हवाएं प्रदूषण को पाकिस्तान के पश्चिमी इलाकों तक ला सकती हैं। इससे वहां की हवा की क्वालिटी खराब हो सकती है। पीएमडी ने यह भी बताया कि पश्चिमी पाकिस्तान के कुछ हिस्सों में 12 मार्च तक बारिश, तेज हवाएं और गरज के साथ तूफान आ सकता है।
पाकिस्तान और ईरान के बीच करीब 900 किलोमीटर लंबी सीमा है, इसलिए ईरान में होने वाली घटनाओं का असर पाकिस्तान पर भी पड़ सकता है।
पाकिस्तान का पश्चिमी पड़ोसी ईरान, अमेरिका और इजरायल के साथ सैन्य संघर्ष में उलझा हुआ है। 28 फरवरी को इजरायल पर हवाई हमले हुए जिसमें उनके सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी।
7 मार्च को तेहरान की रिफाइनरियों और फ्यूल डिपो पर बड़े हवाई हमलों ने राजधानी तेहरान को जहरीले अंधेरे में डुबो दिया था। इसके बाद रविवार को काली, तैलीय बारिश हुई थी।
तेहरान में, तेल की जगहों से निकलने वाले घने काले धुएं ने सूरज को ढक लिया था।
ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने आम लोगों की सेहत पर फिक्र जाहिर करते हुए चेतावनी दी और कहा कि “जहरीले हाइड्रोकार्बन, सल्फर और नाइट्रोजन ऑक्साइड की काफी मात्रा” से केमिकल बर्न और फेफड़ों को नुकसान हो सकता है।
इस बीच, विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान के ऑयल स्टोरेज ठिकानों पर हमलों के बाद शहर के ऊपर अभी भी घना काला धुआं छाया हुआ है और वहां की हवा में सांस लेना मुश्किल हो गया है।
--आईएएनएस
केआर/
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