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Dubai से Ravi Uppal का प्रत्यर्पण तेज, Mahadev Betting App के हवाला नेटवर्क पर कसेगा शिकंजा

महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप के सह-संस्थापक और करोड़ों के अवैध बेटिंग सिंडिकेट के मुख्य आरोपी रवि उप्पल को दुबई में गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले से जुड़े अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी और इसे एक हफ्ते के भीतर इस केस में एक और "बड़ी कामयाबी" बताया। यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है, जब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ओमान से उसके कारोबारी साझेदार और इस सिंडिकेट के एक अन्य कथित मास्टरमाइंड, सौरभ चंद्राकर के प्रत्यर्पण को सुनिश्चित किया है।

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दुबई में उप्पल की गिरफ्तारी को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है
भारतीय एजेंसियों को उप्पल के पकड़े जाने की जानकारी अनौपचारिक स्रोतों से मिली है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की ओर से भारत को अभी तक कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि वे उचित माध्यमों से और अधिक जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं और उसे भारत वापस लाने (प्रत्यर्पण) की प्रक्रिया में तेजी ला रहे हैं। भारत सरकार के एक अधिकारी ने, जिन्होंने अपना नाम न बताने की शर्त रखी, कहा हमें विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है कि रवि उप्पल को दुबई में गिरफ्तार कर लिया गया है। यह एक बड़ी कामयाबी है। हम उसे जल्द से जल्द UAE से भारत वापस लाने की कोशिश करेंगे। छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला उप्पल दुबई से भी अपना काम चलाता था। अक्टूबर 2023 में उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड नोटिस जारी किया गया था, जिसके बाद उसी साल दिसंबर में दुबई के अधिकारियों ने उसे हिरासत में ले लिया। हालांकि, 45 दिनों के भीतर ही उसे रिहा कर दिया गया, जबकि ED ने जनवरी 2024 में UAE को उसके प्रत्यर्पण (extradition) के लिए अनुरोध भेजा था।

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उप्पल और चंद्राकर के पास वानुअतु के पासपोर्ट हैं
नाम न बताने की शर्त पर ED के एक अधिकारी ने बताया कि उप्पल और चंद्राकर, दोनों के पास वानुअतु के पासपोर्ट हैं। उन्होंने भारत से भागने के बाद ये पासपोर्ट हासिल किए थे। ED अधिकारी ने कहा, "पूरे महादेव संगठन में उप्पल एक अहम कड़ी है। वह सैकड़ों करोड़ रुपये के हवाला लेनदेन को संभालता था और छत्तीसगढ़ में नेताओं तथा नौकरशाहों के साथ संपर्क रखने के लिए मुख्य व्यक्ति था। मनी ट्रेल (पैसे के रास्ते) का पता लगाने और अवैध कमाई से फायदा उठाने वालों की पहचान करने के लिए उससे पूछताछ करना बहुत महत्वपूर्ण होगा।

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Explainer: न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच में शुभमन गिल के माथे पर दिखी रहस्यमयी डिवाइस, जानें इसका रोल और कैसे करता है काम

Shubman Gil: भारत और न्यूजीलैंड के बीच ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेले गए पहले वनडे मैच के दौरान क्रिकेट फैंस की नजरें सिर्फ बल्ले और गेंद पर नहीं, बल्कि भारतीय कप्तान शुभमन गिल के माथे पर भी टिकी थीं. मैच की शुरुआत और बल्लेबाजी के दौरान शुभमन गिल के दाहिने माथे पर एक छोटा गैजेट चिपका हुआ नजर आया. इसे देखकर सोशल मीडिया पर यह बहस छिड़ गई कि आखिर यह कोई पट्टी है, स्टिकर है या कोई नई तकनीक? आपको बता दें कि यह कोई साधारण स्टिकर नहीं, बल्कि एक बेहद आधुनिक और प्रीमियम हेल्थ-टेक वियरेबल डिवाइस है, जिसका नाम 'टेंपल' (Temple Device) है. आइए इस ऑर्टिकल में समझते हैं कि यह डिवाइस क्या है, यह कैसे काम करती है, इसे किसने बनाया है और खेल की दुनिया में इसका क्या महत्व है. 

क्या है 'टेंपल' डिवाइस? 

स्मार्टवॉच, फिटनेस बैंड या स्मार्ट रिंग के बारे में तो आपने जरूर सुना होगा, जो हमारी कलाई या उंगलियों में पहनी जाती हैं. लेकिन 'टेंपल' इन सब से बिल्कुल अलग है. यह दुनिया का एक बेहद अनोखा हेड-वियर (सिर पर पहना जाने वाला) वेलनेस गैजेट है, जिसे सीधे चेहरे या माथे के किनारे पर मेडिकल-ग्रेड एडहेसिव टेप की मदद से चिपकाया जाता है. यह भारत की तरफ से खेल और स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बहुत बड़ा तकनीकी अविष्कार माना जा रहा है. यह डिवाइस इतनी प्रीमियम है कि इसके लॉन्च एडिशन की कीमत लगभग 85000 रुपये रखी गई है और यह गोल्ड, ब्लैक, ब्लू जैसे 6 आकर्षक रंगों में उपलब्ध है. 

कलाई छोड़ माथे पर क्यों लगाया जाता है यह गैजेट?

कलाई पर पहनने वाले आम फिटनेस ट्रैकर्स एक्सरसाइज या तेजी से दौड़ते समय सटीक डेटा नहीं दे पाते हैं. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हाथ हिलने से कलाई की त्वचा और नसें भी हिलती हैं, जिससे सेंसर्स के लिए सही रीडिंग लेना मुश्किल हो जाता है. इसके विपरीत, हमारा माथा (टेंपल रीजन) एक मुख्य नस के ठीक ऊपर होता है, जहां की त्वचा और नसें दौड़ते-भागते समय भी बिल्कुल स्थिर रहती हैं. इसी वजह से माथे पर पहने जाने वाले इस डिवाइस से मिलने वाला डेटा आम स्मार्टवॉच की तुलना में कहीं ज्यादा सटीक होता है.

यह एडवांस्ड डिवाइस मुख्य रूप से ब्रेन फ्लो टेक्नोलॉजी पर काम करती है, जो सीधे आपके दिमाग की एक्टिविटी को ट्रैक करती है. इसमें लगे खास ऑप्टिकल सेंसर्स और लाइट की मदद से यह पल-पल मॉनिटर करता है कि आपके दिमाग तक खून और ऑक्सीजन का प्रवाह कैसे बदल रहा है. आसान शब्दों में कहें तो, यह ट्रैकर सिर्फ आपकी धड़कन ही नहीं मापता, बल्कि सीधे आपके दिमाग की कार्यप्रणाली और शारीरिक हलचल पर होने वाले उसके असर को सटीकता से बताता है.

क्रिकेटर और एथलीट्स के लिए कैसे मददगार है यह तकनीक?

• प्रेशर हैंडल करने में मददगार: क्रिकेट जैसे खेल में जहां पलक झपकते ही फैसला लेना होता है, वहां यह डिवाइस खिलाड़ी के दिमाग पर पड़ने वाले प्रेशर और फोकस को मापती है. जब शुभमन गिल मैदान पर तेज गेंदबाजों का सामना करते हैं या कप्तान दबाव में फैसले लेते हैं, तब यह तकनीक उसका सटीक ग्राफ बताती है कि उनका दिमाग कितना तनाव झेल रहा है.

• एंट्रोपी स्कोर (दिमाग का माइलेज): यह इस डिवाइस का सबसे खास फीचर है, जो 1 से 250 के स्केल पर मापता है कि खिलाड़ी के शरीर और दिमाग को एक्टिव रहने के लिए कितनी दिमागी ऊर्जा खर्च करनी पड़ रही है. 1 का मतलब है कि खिलाड़ी पूरी तरह से शांत और आराम की स्थिति में है. जबकि 250 का मतलब है कि खिलाड़ी अपने चरम प्रदर्शन और पूरे फोकस पर है.

• फास्ट रिकवरी और बेहतर ट्रेनिंग: इस तकनीक की मदद से कोच और ट्रेनर्स को यह पता चल जाता है कि एक कड़े मैच या थका देने वाले प्रैक्टिस सेशन के बाद खिलाड़ी का दिमाग और शरीर कितनी जल्दी दोबारा चार्ज हो रहा है. इससे खिलाड़ियों की ट्रेनिंग को बेहतर बनाने और उन्हें चोट या भारी थकान से बचाने में मदद मिलती है. 

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क्या मैदान पर इसे पहनने के लिए ICC की अनुमति है?

जब शुभमन गिल इस डिवाइस को पहनकर लाइव मैच में कप्तानी और बल्लेबाजी करने उतरे, तो नियमों को लेकर भी सवाल उठे. आईसीसी के नियमों के अनुसार, खिलाड़ियों को मैदान पर ऐसे वियरेबल गैजेट्स या सेंसर पहनने की अनुमति होती है जो उनकी फिटनेस और शारीरिक डेटा (जैसे हार्ट रेट, बॉडी हीट या ब्रेन सिग्नल्स) को रिकॉर्ड करते हैं.

हालांकि, इसके लिए एक सख्त शर्त होती है. यह डिवाइस पूरी तरह से 'पैसिव' होनी चाहिए. यानी इसका इस्तेमाल मैच के दौरान मैदान के बाहर बैठे कोच से लाइव बातचीत करने, मैच से जुड़ी रणनीतिक सूचनाएं प्राप्त करने या किसी भी प्रकार की बाहरी मदद के लिए नहीं किया जा सकता. चूंकि 'टेंपल' डिवाइस सिर्फ खिलाड़ी के आंतरिक स्वास्थ्य और जैविक सिग्नल्स का डेटा स्टोर करती है, इसलिए इसे नियमों के दायरे में रहकर पहना जा सकता है.

खेल का भविष्य बदल रही है आधुनिक तकनीक

शुभमन गिल का मैदान पर यह नया प्रयोग दिखाता है कि आधुनिक क्रिकेट अब सिर्फ बल्ले और गेंद के हुनर तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह डेटा और विज्ञान का खेल भी बन चुका है. जहां पहले सिर्फ खिलाड़ियों के रन और विकेट के आंकड़े देखे जाते थे. वहीं अब उनके दिमाग की फिटनेस, फोकस लेवल और तनाव झेलने की क्षमता को भी नंबर्स में मापा जा रहा है. 'टेंपल' डिवाइस आने वाले समय में खेल जगत में खिलाड़ियों के परफॉर्मेंस को एक नए स्तर पर ले जा सकती है.

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