दमकलकर्मियों ने बचाई थी मेरी मां की जान, इसे कभी नहीं भूलूंगाः अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस
वाशिंगटन, 10 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अपनी जिंदगी की एक बहुत ही निजी और भावुक कहानी साझा की है। उन्होंने राजधानी में आयोजित दमकलकर्मियों के एक कार्यक्रम में बताया कि जब वे बच्चे थे, तब इन दमकलकर्मियों ने ही उनकी मां की जान बचाई थी। उस समय उनकी मां नशीली दवाओं की लत से जूझ रही थीं और बहुत गंभीर स्थिति में थीं।
इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ फायर फाइटर्स के 2026 विधायी सम्मेलन को संबोधित करते हुए वेंस ने दमकलकर्मियों और आपातकालीन चिकित्सा कर्मियों की सेवा की सराहना की और कहा कि उनका काम अक्सर परिवारों को दूसरा मौका देता है।
वेंस ने कहा, बचपन में मैंने 911 पर कॉल किया, जिस पर ओहियो के मिडिलटाउन से कई बहादुर, पेशेवर और दयालु दमकलकर्मी उनके घर पहुंचे और मेरी मां को शांत किया और हमें अपने दिन के बाकी काम करने में सक्षम बनाया। उस पल ने बचपन में उन पर अमिट छाप छोड़ी।
वेंस ने कहा, मैं मौत से डरा हुआ था, लेकिन दमकलकर्मियों ने यह एहसास दिलाया कि इस दुनिया में उसका एक साथी है। मैं इसे कभी नहीं भूलूंगा।
वेंस ने एक और आपातकालीन स्थिति को याद किया जब उनकी मां को ओवरडोज के बाद अस्पताल ले जाया गया था। उन्होंने कहा, मुझे याद है कि मैं उनका हाथ पकड़े हुए था और भगवान से प्रार्थना कर रहा था कि वह ठीक हो जाएं, होश में आ जाएं। भगवान की कृपा से मेरी मां होश में आ गईं और अब वह 11 साल से अधिक समय से नशे से दूर हैं। इसका श्रेय इमरजेंसी कर्मचारियों को जाता है।
वेंस ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा, हमने व्हाइट हाउस के वेस्ट विंग में उनकी नशामुक्ति के दस वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया। यह अमेरिकन ड्रीम का एक अद्भुत उदाहरण है।
वेंस ने इस प्रसंग के माध्यम से देशभर के समुदायों में सेवारत अग्निशामकों और आपातकालीन कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “आपका कार्य चुनौतीपूर्ण है, लेकिन आपके प्रयासों से ही देश के लाखों अमेरिकियों को यह विश्वास मिलता है कि कोई उनकी सुरक्षा के लिए तत्पर है।”
उपराष्ट्रपति ने आगे कहा, “सेना, पुलिस और अग्निशमन कर्मियों के बीच अटूट एकजुटता होती है। आप वे लोग हैं जिन्होंने वर्दी धारण कर समाज की सेवा में स्वयं को समर्पित किया और सदैव अपने प्राणों की बाजी लगाई।”
वेंस ने प्रशासन द्वारा समर्थित उस कानून की ओर भी इशारा किया जो अग्निशामकों और अन्य आपातकालीन सेवा कर्मियों को प्रभावित करता है। उन्होंने ऑनरिंग आवर फॉलन हीरोज एक्ट पर प्रकाश डाला, जो नौकरी से संबंधित जोखिमों के कारण होने वाले कुछ कैंसर को ड्यूटी के दौरान हुई मृत्यु के रूप में मान्यता देता है और प्रभावित अग्निशामकों के परिवारों को संघीय लाभ प्राप्त करने की अनुमति देता है।
वेंस ने कहा, जब कोई दमकलकर्मी ड्यूटी के दौरान विकसित हुए कैंसर के कारण अपनी जान गंवाता है, तो उनके परिवार उन संघीय लाभों के हकदार होते हैं जो उन्होंने अर्जित किए हैं। प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि अग्निशामकों को वह सहायता मिले जिसके वे हकदार हैं।
वेंस ने अपने भाषण की शुरुआत विदेशों में मारे गए अमेरिकी सैनिकों की हाल ही में हुई वापसी का जिक्र करते हुए की। उन्होंने कहा, ईरान के साथ संघर्ष में विदेशों में मारे गए छह अमेरिकी सैनिकों के सम्मानजनक स्थानांतरण में भाग लेना मेरे लिए सम्मान की बात थी।
गौरतलब है कि इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ फायर फाइटर्स संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा में पेशेवर अग्निशामकों और आपातकालीन चिकित्सा कर्मियों का प्रतिनिधित्व करता है। यह संघ नियमित रूप से वाशिंगटन में विधायी सम्मेलन आयोजित करता है ताकि आपातकालीन सेवाओं के लिए संघीय निधि, सुरक्षा उपायों और स्वास्थ्य सुरक्षा की वकालत की जा सके।
--आईएएनएस
ओपी/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
इंडोनेशिया में कचरे का पहाड़ धंसने से मरने वालों की संख्या बढ़कर सात हुई
जकार्ता, 10 मार्च (आईएएनएस)। इंडोनेशिया के सबसे बड़े लैंडफिल साइट पर कचरे के ढेर के धंसने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है। मंगलवार को जकार्ता सर्च एंड रेस्क्यू ऑफिस ने इसकी पुष्टि की। अधिकारियों के मुताबिक, आखिरी शव मिलने के बाद सोमवार देर रात बचाव अभियान समाप्त कर दिया गया।
जकार्ता सर्च एंड रेस्क्यू ऑफिस की प्रमुख देसियाना कार्तिका बाहारी ने एक लिखित बयान में कहा कि सभी पीड़ितों के मिल जाने और किसी अन्य व्यक्ति के लापता होने की सूचना न मिलने के बाद खोज और बचाव अभियान को औपचारिक रूप से बंद कर दिया गया है।
यह हादसा रविवार दोपहर बंटार गेबांग लैंडफिल में हुआ, जो इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता के पास स्थित एक बड़ा कचरा प्रसंस्करण केंद्र है। यहां अचानक कचरे का विशाल ढेर धंस गया, जिससे वहां मौजूद कई लोग मलबे के नीचे दब गए।
हादसे के समय वहां फूड स्टॉल चलाने वाले लोग, कचरा ढोने वाले ट्रक ड्राइवर और इलाके में काम करने वाले कचरा बीनने वाले मौजूद थे। कुछ ट्रक और वाहन भी कचरे के नीचे दब गए।
बचावकर्मियों ने मौके पर भारी मशीनों और एक्सकेवेटर की मदद से मलबा हटाकर पीड़ितों को बाहर निकाला। कई शव कचरे के बड़े-बड़े ढेरों के नीचे से बरामद किए गए।
बताया गया कि मृतकों में दो कचरा ट्रक ड्राइवर और दो फूड स्टॉल चलाने वाले लोग शामिल हैं, जो हादसे के समय लैंडफिल के पास काम कर रहे थे या आराम कर रहे थे। हालांकि इस दुर्घटना में चार लोग किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे।
इस बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन में 300 से ज्यादा सर्च एंड रेस्क्यू कर्मियों को लगाया गया था। पुलिस, सेना और स्वयंसेवकों की टीमें भी मौके पर मौजूद रहीं। बचाव कार्य के दौरान स्निफर डॉग और भारी मशीनों का इस्तेमाल किया गया।
इससे पहले भी साल 2005 में यहां इसी तरह का कचरा धंसने का हादसा हुआ था, जिसमें दर्जनों लोगों की जान चली गई थी।
इंडोनेशिया के पर्यावरण मंत्रालय के मुताबिक, बार-बार हो रहे ऐसे हादसे इस बात का संकेत हैं कि 110 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैले इस लैंडफिल पर कचरे का अत्यधिक दबाव गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। यहां हर दिन जकार्ता शहर से करीब 6,500 से 7,000 टन कचरा लाया जाता है, जिससे जोखिम लगातार बढ़ता जा रहा है।
--आईएएनएस
वीकेयू/पीयूष
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