Sukhbir Badal ने Punjab की AAP सरकार को घेरा, स्थानीय लोगों को 100% सरकारी नौकरी का वादा किया
पटियाला, छह अगस्त शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने शुक्रवार को पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर बार-बार प्रश्नपत्र लीक के माध्यम से पंजाब के युवाओं के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया और कहा कि उनकी पार्टी के सत्ता में आने पर स्थानीय लोगों को नौकरी में आरक्षण देने का वादा किया। बादल यहां शिरोमणि अकाली दल के छात्र संगठन स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया (एसओआई) की ओर से कथित परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के विरोध में आयोजित प्रदर्शन को संबोधित कर रहे थे। बादल ने अमेरिका और चीन का उदाहरण देते हुए कहा कि जो देश अपने युवाओं में निवेश करते हैं और उनकी सुरक्षा करते हैं, वही वैश्विक स्तर पर नेतृत्व करने वाले बन कर उभरते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब के युवाओं की उपेक्षा की जा रही है और उन्हें विरोध-प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार ने शिक्षा और रोजगार के प्रति पूरी तरह उदासीन रवैया अपना रखा है। बादल ने कहा कि छात्र कोचिंग और परीक्षा की तैयारी पर भारी खर्च करते हैं, लेकिन अंततः भर्ती परीक्षाएं प्रश्नपत्र लीक होने के कारण प्रभावित हो जाती हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में लगभग 10 परीक्षा प्रश्नपत्र लीक हुए हैं और इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री भगवंत मान की चुप्पी की भी आलोचना की। प्रदर्शन के दौरान बादल ने कई चुनावी वादे भी किए। उन्होंने कहा कि यदि अकाली दल राज्य में अगली सरकार बनाता है, तो एक ऐसा कानून बनाएगा जायेगा जिसके तहत सरकारी नौकरियों में 100 प्रतिशत आरक्षण पंजाब के स्थानीय निवासियों के लिए अनिवार्य किया जाएगा।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि निजी उद्योगों में 70 प्रतिशत नौकरियां पंजाब के युवाओं के लिए आरक्षित की जाएंगी। बादल ने वादा किया कि यदि शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की सरकार सत्ता में आती है, तो राज्य के प्रत्येक जिले में मेडिकल एवं पशु चिकित्सा कॉलेज स्थापित किए जाएंगे तथा युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। सत्तारूढ़ सरकार पर हमला करते हुए प्रदेश के गृह मंत्री रह चुके सुखबीर ने आरोप लगाया कि राज्य में शिक्षा क्रांति लाने के आप सरकार के दावे भ्रामक हैं और पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति भी बिगड़ गई है।
उन्होंने आरोप लगाया, “वे दावा करते हैं कि पंजाब में ‘शिक्षा क्रांति’ लाई गई है, लेकिन हकीकत में यह पूरी तरह विफल साबित हुई है।” बादल ने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं ने स्वयं विधानसभा में स्वीकार किया है कि राज्य के 1,945 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में से 1,200 में नियमित प्राचार्य नहीं हैं, जबकि सरकारी कॉलेजों में स्वीकृत 5,600 पदों में से 3,200 पद खाली पड़े हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हर कोई पंजाब में आकर शासन करना चाहता है। ये सभी दिल्ली वाली पार्टियां हैं।
आज पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान नहीं, बल्कि अरविंद केजरीवाल हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आज हम यहां केजरीवाल की पोल खोलने आए हैं। वह दिल्ली जाकर छात्रों के नाम पर नाटक करते हैं, लेकिन जब पंजाब में 10 से अधिक प्रश्नपत्र लीक होने के बारे में उनसे पूछा गया, तो उन्होंने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार कर दिया। मेरे पास आम आदमी पार्टी से जुड़े परीक्षा घोटालों की पूरी सूची है।
आप इतनी बेशर्म हो गई है कि उसने इस बात की भी परवाह नहीं की कि उसके कारण पंजाब के 10 लाख से अधिक युवाओं का भविष्य बर्बाद हो गया है।’’ विपक्ष हाल ही में फार्मेसी अधिकारी भर्ती परीक्षा में नकल गिरोह का भंडाफोड़ होने के बाद कथित तौर पर कई भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को लगातार घेर रहा है। हालांकि, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का कहना है कि उनकी सरकार के चार वर्ष से अधिक के कार्यकाल के दौरान राज्य में प्रश्नपत्र लीक की एक भी घटना नहीं हुई है। पंजाब के विकास का उल्लेख करते हुए बादल ने कहा कि राज्य में लगभग 22 वर्षों तक शिरोमणि अकाली दल (शिअद) का शासन रहा और दावा किया कि सरकारी आंकड़े बताते हैं कि सबसे अधिक विकास अकाली दल के नेतृत्व वाली सरकारों के कार्यकाल में हुआ।
उन्होंने युवाओं से पंजाब के हितों के लिए प्रतिबद्ध दलों और उनके अनुसार राज्य के बाहर के नेतृत्व से प्रभावित दलों के बीच अंतर समझने की अपील की। शिरोमणि अकाली दल को पंजाब के हितों के लिए समर्पित पार्टी बताते हुए उन्होंने युवाओं से उसका समर्थन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिअद 105 वर्ष पुराना दल है।
Rupee 16 पैसे टूटकर 95.24 प्रति US Dollar पर बंद, विदेशी फंड्स की निकासी से बढ़ा दबाव
मुंबई, छह अगस्त डॉलर सूचकांक में मामूली बढ़त और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में बढ़ोतरी के बीच रुपया बृहस्पतिवार को 16 पैसे कमजोर होकर 95.24 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि अमेरिकी डॉलर सूचकांक में मामूली सुधार और विदेशी कोषों की निकासी से रुपये पर दबाव रहा। हालांकि, कच्चे तेल की अपेक्षाकृत नरम कीमतों ने रुपये को कुछ हद तक समर्थन दिया।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.13 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह 95.12 से 95.24 प्रति डॉलर के दायरे में रहा। अंत में यह 95.24 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर आ गया जो पिछले बंद भाव की तुलना में 16 पैसे की गिरावट है।
रुपया बुधवार को 20 पैसे मजबूत होकर 95.08 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘अमेरिकी डॉलर सूचकांक में मामूली बढ़त और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में मामूली वृद्धि के कारण आज भारतीय रुपया कमजोर हुआ।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिका-ईरान के बीच समझौते की उम्मीदों ने रुपये को कुछ हद तक समर्थन दिया।’’ चौधरी ने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये का हाजिर भाव 94.80 से 95.50 के दायरे में रहने के आसार हैं। इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.11 प्रतिशत घटकर 99.78 पर रहा।
अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.09 प्रतिशत बढ़कर 79.52 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के ट्रेजरी प्रमुख एवं कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा कि भारत के लिए ब्रेंट कच्चे तेल का भाव 80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहने से आयात बिल, मुद्रास्फीति और चालू खाते पर दबाव जुलाई में देखे गए 100 डॉलर से अधिक के स्तर की तुलना में काफी कम रहता है। घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 373.76 अंक चढ़कर 78,954.76 पर जबकि निफ्टी 11.35 अंक की बढ़त के 24,636 अंक पर बंद हुआ।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को शुद्ध रूप से 943.42 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की बिकवाली की।
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