Rupee 16 पैसे टूटकर 95.24 प्रति US Dollar पर बंद, विदेशी फंड्स की निकासी से बढ़ा दबाव
मुंबई, छह अगस्त डॉलर सूचकांक में मामूली बढ़त और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में बढ़ोतरी के बीच रुपया बृहस्पतिवार को 16 पैसे कमजोर होकर 95.24 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि अमेरिकी डॉलर सूचकांक में मामूली सुधार और विदेशी कोषों की निकासी से रुपये पर दबाव रहा। हालांकि, कच्चे तेल की अपेक्षाकृत नरम कीमतों ने रुपये को कुछ हद तक समर्थन दिया।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.13 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह 95.12 से 95.24 प्रति डॉलर के दायरे में रहा। अंत में यह 95.24 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर आ गया जो पिछले बंद भाव की तुलना में 16 पैसे की गिरावट है।
रुपया बुधवार को 20 पैसे मजबूत होकर 95.08 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘अमेरिकी डॉलर सूचकांक में मामूली बढ़त और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में मामूली वृद्धि के कारण आज भारतीय रुपया कमजोर हुआ।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिका-ईरान के बीच समझौते की उम्मीदों ने रुपये को कुछ हद तक समर्थन दिया।’’ चौधरी ने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये का हाजिर भाव 94.80 से 95.50 के दायरे में रहने के आसार हैं। इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.11 प्रतिशत घटकर 99.78 पर रहा।
अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.09 प्रतिशत बढ़कर 79.52 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के ट्रेजरी प्रमुख एवं कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा कि भारत के लिए ब्रेंट कच्चे तेल का भाव 80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहने से आयात बिल, मुद्रास्फीति और चालू खाते पर दबाव जुलाई में देखे गए 100 डॉलर से अधिक के स्तर की तुलना में काफी कम रहता है। घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 373.76 अंक चढ़कर 78,954.76 पर जबकि निफ्टी 11.35 अंक की बढ़त के 24,636 अंक पर बंद हुआ।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को शुद्ध रूप से 943.42 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की बिकवाली की।
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