Gujarat Govt: दक्षिण गुजरात के विकास को नई स्पीड देने के लिए गुजरात सरकार ने बड़ा ऐलान किया है. गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सूरत इकोनॉमिक रीजन में रोड इंफ्रास्ट्रक्चर को अपडेट करने की परियोजना को मंजूरी दी है. इस परियोजना की लागत 1185 करोड़ है. गुजरात सरकार के इस कदम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप विकसित गुजरात 2047 के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में अहम माना जा रहा है.
इन जिलों को मिलेगा लाभ
सीएम पटेल की लीडरशिप में स्थापित गुजरात स्टेट इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफोर्मेशन ने राज्य में संतुलित विकास के लिए छह ग्रोथ हब तैयार किए हैं. सूरत इकोनॉमिक रीजन को इसी योजना के तहत दक्षिण गुजरात का प्रमुख विकास केंद्र बनाया गया है. इस इलाके में भरूच, सूरत, वलसाड, नवसारी, डांग और तापी जिले शामिल हैं. खास बात है कि ये जिले राज्य की अर्थव्यवस्था में 35 प्रतिशत से अधिक का योगदान देते हैं.
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लॉजिस्टिक्स को मिलेगी मजबूती
इस योजना के तहत पांच जिलों में कुल 383 किलोमीटर लंबाई की 24 सड़क परियोजनाओं को अपडेट किया जाएगा. अच्छी सड़क कनेक्टिविटी से नवसारी, सूरत, वलसाड, भरूच और तापी के औद्योगिक हब और जीआईडीसी क्षेत्रों तक आसान पहुंच होगी. इससे लॉजिस्टिक्स को मजबूती मिलेगी और उद्योगों को लाभ मिलेगा.
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इन उद्योगों को मिलेगी स्पीड
सरकार के इस फैसले से टेक्सटाइल, डायमंड, कैमिकल, फिशरीज और पेट्रोकेमिकल जैसे उद्योगों को स्पीड मिलेगी. इसके अलावा, किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में इससे आसानी होगी. पर्टयन स्थलों जैसे सापुतारा, विल्सन हिल्स, सिद्धनाथ महादेव और शबरी धाम तक पहुंच इस परियोजना से अच्छी हो जाएगी. गुजरात सरकार की इस पहल की वजह से क्षेत्र में उद्योग, रोजगार और पर्यचन को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है.
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भारत की विश्व कप जीत के बाद जहां देशभर में जश्न का माहौल देखने को मिल रहा है, वहीं इस जीत को लेकर क्रिकेट जगत में अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। खास तौर पर पड़ोसी देश पाकिस्तान से आए कुछ बयानों ने चर्चा को और तेज कर दिया है।
अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी मैदान में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर खिताब अपने नाम किया है। इस शानदार जीत के बाद पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर का बयान काफी विवादों में आ गया है।
बता दें कि एक चर्चा कार्यक्रम के दौरान अख्तर ने कहा कि भारत की बढ़ती ताकत ने क्रिकेट का संतुलन बिगाड़ दिया है। मौजूद जानकारी के अनुसार उन्होंने भारत की तुलना एक ऐसे अमीर बच्चे से की जो मोहल्ले के बाकी बच्चों को बुलाकर खेलता है और अंत में खुद को विजेता घोषित कर देता है।
उनका कहना था कि टूर्नामेंट की संरचना ऐसी बनाई जाती है जिसमें कुछ टीमों को बार-बार मौके मिलते हैं और अंत में वही टीम आगे बढ़ती है। गौरतलब है कि अख्तर के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर प्रशंसकों के बीच काफी बहस देखने को मिली है।
कई लोगों ने इसे भारत की जीत के बाद आई निराशा का परिणाम बताया है। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि भारत की सफलता लगातार बेहतर प्रदर्शन और मजबूत टीम संतुलन का नतीजा है।
दिलचस्प बात यह भी है कि फाइनल मुकाबले से पहले अख्तर का रुख कुछ अलग था। उन्होंने माना था कि भारत मजबूत टीम है, लेकिन साथ ही यह भी कहा था कि क्रिकेट के हित में न्यूजीलैंड को भी खिताब जीतना चाहिए।
हालांकि आलोचना के बीच उन्होंने भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर की तारीफ भी की। उनका कहना था कि खिलाड़ियों पर भरोसा बनाए रखना बड़े टूर्नामेंट में सफलता की अहम वजह बन सकता है।
गौरतलब है कि केवल शोएब अख्तर ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान के एक अन्य पूर्व तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर ने भी भारत की जीत को लेकर अलग राय रखी है। एक चर्चा कार्यक्रम में आमिर ने कहा कि भारत की जीत में न्यूजीलैंड के गेंदबाजों की कमजोरी भी बड़ी वजह रही है।
मौजूद जानकारी के अनुसार आमिर का मानना था कि न्यूजीलैंड के गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में सफल नहीं हो सके, जिससे भारत को बड़ा स्कोर बनाने का मौका मिल गया।
दरअसल फाइनल मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय बल्लेबाजों ने आक्रामक खेल दिखाते हुए बड़ा स्कोर खड़ा किया और न्यूजीलैंड की टीम को कठिन लक्ष्य दिया।
लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड की टीम शुरुआत में संघर्ष करती नजर आई। हालांकि कुछ बल्लेबाजों ने कोशिश जरूर की, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा और अंत में टीम को बड़ी जीत दिलाई।
इस जीत के साथ भारत ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां भी हासिल की हैं। गौरतलब है कि भारत इस टूर्नामेंट का खिताब बचाने वाली पहली टीम बन गया है और घरेलू मैदान पर ट्रॉफी जीतने वाली पहली मेजबान टीम भी बन गया।
फिलहाल भारत की इस शानदार जीत की चर्चा दुनिया भर में हो रही है। हालांकि इसके साथ ही पाकिस्तान के कुछ पूर्व खिलाड़ियों के बयान भी बहस का विषय बन गए हैं, लेकिन जानकारों का मानना है कि भारत की सफलता लगातार मजबूत प्रदर्शन और टीम की सामूहिक मेहनत का नतीजा है।
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