Responsive Scrollable Menu

ईरान के ड्रोन की वजह से टूटी पाकिस्तानियों की टांगे, हिल जाएगा भारत !

ईरान ने बहरीन पर हमले तेज कर दिए हैं। बहरीन में मिलिट्री बेससेस के साथ अब रिहाइशी बिल्डिंग्स को भी निशाना बनाया जा रहा है। बहरीन ने कभी नहीं सोचा था कि उसे ऐसा दिन देखना पड़ेगा। लेकिन ईरानी हमलों के बीच बहरीन में रहने वाले पाकिस्तानियों और बांग्लादेशियों ने जो हरकत की है, उसे देखकर बहरीन के होश उड़ गए हैं। बहरीन पाकिस्तानियों और बांग्लादेशियों पर इतना भड़क गया है कि उसने ऐसा फैसला ले लिया जिसकी तारीफ दुनिया भर में हो रही है। दरअसल ईरान के ड्रोनस जब बहरीन के परखच्चे उड़ा रहे थे तो पाकिस्तान और बांग्लादेश के कई लोग ईरान के समर्थन में जश्न मनाने लगे। ये पाकिस्तानी और बांग्लादेशी बहरीन पर ईरान के ड्रोनस हमलों के वीडियो बनाने लगे। उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट करके हंसने लगे। लेकिन इसके बाद बहरीन ने जो किया वो अपने आप में एक मिसाल है।

इसे भी पढ़ें: Iran पर हमले की धमकी से पलटे Trump, अब बोले- बातचीत को तैयार, लेकिन शर्तें लागू

दरअसल बहरीन के आंतरिक मंत्रालय ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों की तारीफ करने के आरोप में पांच पाकिस्तानियों और एक बांग्लादेशी नागरिक को दबोच लिया है। बहरीन ने इन्हें गद्दार माना है। इन पाकिस्तानी और बांग्लादेशियों की टांगे तोड़ी जा रही हैं। बताइए यह पाकिस्तानी और बांग्लादेशी बहरीन की थाली में खा रहे थे और उसी में छेद भी कर रहे थे। लेकिन बहरीन ने इनका तगड़ा इलाज शुरू कर दिया है। बहरीन ने कहा है कि पाकिस्तानियों और बांग्लादेशियों ने ईरान की आक्रामकता के प्रति सहानुभूति जताई है। ईरान के शत्रु पूर्ण कार्यों का महिमामंडन किया है जो सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा के लिए हानिकारक है। बहरीन ने बताया कि यह पाकिस्तानी और बांग्लादेशी लोग सोशल मीडिया पर झूठी खबरें फैला रहे थे। सड़कों पर ईरान के समर्थन में नारेबाजी कर रहे थे। ऐसे में इनका इलाज जरूरी था। कतर ने भी ऐसे 300 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर लिया है जो धमाकों की वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे थे। ऐसे कई लोग संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत में भी पकड़े गए हैं। 

इसे भी पढ़ें: गजब बेइज्जती है! ट्रंप को कुछ समझ ही नहीं रहा ईरान, अब कहा- तुमसे बड़े आए-गए, कहीं खुद का सफाया न हो जाए

बहरीन के अधिकारियों ने पांच पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान इस प्रकार की है:

अफजल खान
मोहम्मद मोआज अकबर
अहमद मुमताज
अर्सलान अली सज्जाद
अब्दुल रहमान अब्दुल सत्तार
इस मामले में गिरफ्तार बांग्लादेशी नागरिक की पहचान मोहम्मद इसराफेल मीर के रूप में हुई है।

वायरल वीडियो के बाद अधिकारियों ने कार्रवाई की

गृह मंत्रालय ने कहा कि आरोपियों का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर व्यापक रूप से प्रसारित होने के बाद उन्हें ट्रैक किया गया, जिससे सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान आकर्षित हुआ। अधिकारियों ने कहा कि ये गिरफ्तारियां गलत सूचना और दहशत के प्रसार को रोकने के लिए की गई हैं, और बताया कि संदिग्धों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही जारी है। बहरीन के अधिकारियों ने निवासियों को सार्वजनिक व्यवस्था या राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वाली सामग्री को ऑनलाइन साझा करने या प्रचारित करने के खिलाफ बार-बार चेतावनी दी है।

Continue reading on the app

ईरान के नए सुप्रीम लीडर ने गद्दी संभालते ही भारत से मांगी मदद, मिडिल ईस्ट की राजनीति में आएगा भूचाल?

मिडिल ईस्ट की जंग अब सिर्फ ईरान, इजराइल और अमेरिका तक सीमित नहीं रही है। अब इस युद्ध का असर सीधे भारत तक पहुंच चुका है और इसकी वजह है ईरान का नया सुप्रीम लीडर और एक ऐसा रहस्य जिसे शायद दुनिया में सिर्फ भारत ही जानता है। जहां ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता यानी सुप्रीम लीडर अली खामनेई की मौत के बाद उनके बेटे मोजतबा खामनेई को देश का नया सुप्रीम लीडर चुना गया। जैसे ही यह फैसला सामने आया मिडिल ईस्ट की राजनीति में एक नया भूचाल आ गया। लेकिन सबसे ज्यादा मुश्किल में अगर कोई देश आया तो वो है भारत। क्योंकि नए सुप्रीम लीडर के आते ही एक ऐसा विवाद खड़ा हो गया जिसमें भारत का नाम सीधे बीच में आ गया है। दरअसल कुछ दिनों पहले ईरान और अमेरिका के बीच समुद्र में एक बड़ा सैन टकराव हुआ। इस घटना में अमेरिका ने दावा किया कि उसने ईरान के एक युद्धपोत को डूबा दिया। अमेरिका का कहना है कि वो जहाज पूरी तरह से सीआरसी यानी कि कॉम्बैट ट्रेड कॉन्फ़िगरेशन मूड में था। यानी वो युद्ध के लिए तैयार था और इसलिए उसे निशाना बनाना एक वैध सैनिक कारवाई थी। लेकिन दूसरी तरफ ईरान का दावा बिल्कुल अलग है। 

इसे भी पढ़ें: ईरान के साथ युद्ध के तनाव के बीच एक्शन में भारत, बांग्लादेश को भेजा 5 हजार टन तेल

ईरान का कहना है कि उसका युद्धपोत पूरी तरह निहत्ता था और उसमें कोई मिसाइल या हथियार मौजूद नहीं था। ईरान के अनुसार अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय युद्ध नियमों का उल्लंघन करते हुए उस जहाज को डुबो दिया। अब यहीं से विवाद पूरी दुनिया में एक बड़ा मुद्दा बन गया। लेकिन इस पूरे मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब यह पता चल गया कि उस युद्धपोध की असली स्थिति शायद सिर्फ एक देश जानता था और वो है भारत। क्योंकि जिस युद्धपोध को अमेरिका ने डुबाया वो कुछ समय पहले भारतीय नौसेना के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय अभ्यास मिलन नेवल एक्सरसाइज में शामिल हुआ था। इस सैन्य अभ्यास में कई देशों की नौसेनाएं शामिल होती हैं और यहां युद्धपोतों की तकनीकी स्थिति और क्षमताओं का मूल्यांकन भी होता है। यानी भारत को यह जानकारी हो सकती थी कि उस समय ईरान का युद्धपोत किस स्थिति में था। क्या वह वास्तव में हथियारों से लैस था या फिर नहीं और यही वजह है कि अब ईरान भारत से उम्मीद कर रहा है कि वह इस मामले में सच्चाई सामने लाए। ईरान चाहता है कि भारत खुले तौर पर यह बताए कि उसका युद्धपोध निहत्ता था और अमेरिका ने गलत तरीके से हमला किया। लेकिन भारत के लिए फैसला आसान नहीं है क्योंकि एक तरफ भारत के रणनीतिक रिश्ते अमेरिका के साथ मजबूत हैं तो दूसरी तरफ ईरान भी भारत का एक महत्वपूर्ण और पुराना दोस्त है। 

इसे भी पढ़ें: Iran पर हमले की धमकी से पलटे Trump, अब बोले- बातचीत को तैयार, लेकिन शर्तें लागू

ईरान के साथ भारत की कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं जुड़ी हुई हैं। इनमें सबसे अहम है चाबार पो। यह वही बंदरगाह है जिसे भारत ने विकसित किया ताकि वह पाकिस्तान को बायपास करते हुए अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक व्यापारिक पहुंच बना सके। अगर ईरान भारत से नाराज होता है तो इस परियोजना पर भी असर पड़ सकता है। इसके अलावा भारत और ईरान के बीच एक बड़ा ट्रांजिट कॉरिडोर भी विकसित किया जा रहा है जिसे आईएएसटीसी कॉरिडोर यानी कि इंटरनेशनल नॉर्थ साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर कहा जाता है। यह कॉरिडोर भारत को सीधे रूस और यूरोप के बाजारों से जोड़ने की क्षमता रखता है। लेकिन अगर भारत इस विवाद में किसी एक पक्ष के साथ खड़ा होता है तो दूसरे पक्ष के साथ उसके रिश्तों में तनाव आ सकता है। यानी भारत के सामने एक बहुत बड़ा कूटनीतिक संकट खड़ा हो गया है। अब सवाल यह है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुस्तफा खामने की सोच क्या है? दरअसल एक्सपर्टों का मानना है कि वह अपने पिता की तुलना में ज्यादा सख्त और कट्टर रुख अपनाने के लिए जाने जाते हैं। अब ऐसा हुआ तो संभव है कि ईरान अपने सहयोगी देशों से ज्यादा समर्थन की उम्मीद करेगा और यही स्थिति भारत के लिए मुश्किल पैदा कर सकती है क्योंकि भारत की विदेश नीति हमेशा संतुलन बनाए रखने की रही है। भारत अमेरिका, रूस, इजराइल और ईरान सभी के साथ अपने रिश्तों को संतुलित रखने की कोशिश करता है। लेकिन इस बार मामला अलग है क्योंकि यहां एक ऐसा रहस्य है जिसका जवाब शायद सिर्फ भारत के पास है। क्या वह युद्ध सच में हथियारों से लैस था?

Continue reading on the app

  Sports

IPL 2026 Schedule: BCCI नहीं करेगी आईपीएल के सभी मैचों का ऐलान, सामने आई बड़ी वजह

BCCI on IPL 2026 Schedule: आईपीएल 2026 के आगाज की तारीख तो पहले ही सामने आ रखी है. मगर उसके शेड्यूल का ऐलान कब होगा, उसे लेकर अब बड़ा अपडेट आया है. Tue, 10 Mar 2026 19:45:30 +0530

  Videos
See all

America Iran War के बीच Donald Trump और Russia के President Putin में क्या बातचीत हुई?| Hindi News #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-10T15:01:05+00:00

Gas Cylinder Price: बेंगलुरु का एक होटल केवल चाय और कॉफी बेचने के लिए मजबूर । R Bharat #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-10T15:03:57+00:00

Ye Bharat Ki Baat Hai: Putin ने आगे Trump का सरेंडर! | Iran-Israel War | Khamenei Death | Oil Crisis #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-10T15:01:55+00:00

Iran Israel War Update: इज़राइल ने लेबनान पर दागा मांस-हड्डियां गलाने वाला बम! । White Phosphorus #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-10T15:10:06+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers