इंडोनेशिया ने भारत से ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली खरीदने के समझौते की पुष्टि कर दी है। इंडोनेशिया के रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी रिको रिकार्डो सिराइट ने इस बात की पुष्टि की है। यह समझौता दोनों देशों के बीच महीनों की बातचीत के बाद हुआ है। 2023 में भारतीय और रूसी सरकारों के संयुक्त उद्यम ब्रह्मोस ने कहा था कि वह इंडोनेशिया के साथ 200 मिलियन डॉलर से 350 मिलियन डॉलर के अनुबंध के लिए बातचीत के उन्नत चरण में है। यह समझौता इंडोनेशिया द्वारा अपनी सैन्य क्षमताओं, विशेष रूप से मिसाइल प्रौद्योगिकी के आधुनिकीकरण के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम है। ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली अपनी गति और सटीकता के लिए जानी जाती है, जो इसे राष्ट्रीय रक्षा के लिए एक रणनीतिक संपत्ति बनाती है।
सिंदूर ऑपरेशन में भारत की ब्रह्मोस मिसाइलों ने सटीक हमले की क्षमता को नया आयाम दिया। सिंदूर ऑपरेशन में पहलगाम आतंकी हमले के बाद, भारत ने ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों को मुख्य आक्रामक हथियार के रूप में तैनात किया, ताकि पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र में गहराई तक और आतंकी ढांचे के खिलाफ सटीक हमले किए जा सकें। मुख्य रूप से संशोधित सुखोई-30 एमकेआई विमानों से दागी गई ब्रह्मोस मिसाइलों की उच्च गति, सटीकता और बहु-प्लेटफ़ॉर्म क्षमता ने इसे महत्वपूर्ण रनवे, कमांड सेंटर और मजबूत ठिकानों को निष्क्रिय करने में सक्षम बनाया, जिससे पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई करने की क्षमता काफी हद तक कम हो गई। इसका सफल परिचालन उपयोग भारतीय सशस्त्र बलों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि थी और इसने भारत की रणनीतिक हमले और आत्मनिर्भर रक्षा क्षमताओं को प्रदर्शित किया।
भारत का अन्य देशों के साथ समझौता
इससे पहले, भारत ने फिलीपींस के साथ ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों की आपूर्ति के लिए 375 मिलियन अमेरिकी डॉलर का समझौता किया था और पिछले साल अप्रैल में पहली खेप की डिलीवरी की थी। यह समझौता दक्षिण चीन सागर में चीन के सैन्य प्रदर्शन के बीच हुआ था। भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के एक सी-17 ग्लोबमास्टर परिवहन विमान ने मिसाइलों और उनके लॉन्चरों को फिलीपींस पहुंचाया, जहां देश की नौसेना द्वारा इनका उपयोग किया जाना था। गौरतलब है कि वियतनाम भी ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली खरीदने के लिए भारत के साथ बातचीत के उन्नत चरण में है।
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2026 टी20 वर्ल्ड कप की विजेता टीम इंडिया पर खूब सारा पैसा बरसा है। भारतीय टीम को 27.48 करोड़ रुपये की प्राइज मनी मिली है। रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मैच में टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को मात दी। वहीं उपविजेता रहने के बाद भी न्यूजीलैंड टीम पर धनवर्षा हुई।
आपको बता दें कि, आईसीसी ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए करीब 120 करोड़ रुपये का प्राइज पूल रखा था। क्या भारत और न्यूजीलैंड के अलावा बाकी टीमों को भी प्राइज पूल का कुछ हिस्सा मिला है। यहां देख लीजिए पूरी लिस्ट, किन टीमों को कितना-कितना पैसा मिला।
टीम इंडिया को वर्ल्ड चैंपियन बनने के लिए 3 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी भारतीय करेंसी में करीब 27.48 करोड़ मिले हैं, ये प्राइज मनी पिछले वर्ल्ड कप से करीब 4 करोड़ॉ रुपये ज्यादा है। वहीं 2026 टी20 वर्ल्ड कप की उपविजेता न्यूजीलैंड को करीब 14.65 करोड़ रुपये का इनाम मिला है।
विजेता-भारत- 27.48 करोड़
उपविजेता- न्यूजीलैंड- 14.65 करोड़
बाकी टीमों को कितना पैसा मिला?
सेमीफाइनल में हारने वाली प्रत्येक टीम को करीब 7.25 करोड़ रुपये मिले। इसका मतलब इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका, दोनों को 7.24 करोड़ रुपये मिले।
सुपर 8 स्टेज में बाहर होने वाली प्रत्येक टीम को 3.48 करोड़ रुपये मिले। जिम्बाब्वे, पाकिस्तान, श्रीलंका और वेस्टइंडीज को 3.48 करोड़ रुपये मिले।
इंग्लैंड- 7.24 करोड़
दक्षिण अफ्रीका- 7.24 करोड़
पाकिस्तान- 3.48 करोड़
जिम्बाब्वे- 3.48 करोड़
श्रीलंका- 3.48 करोड़
वेस्टइंडीज- 3.48 करोड़
ऐसा नहीं है कि ग्रुप स्टेज में ही बाहर होने वाली 12 टीम खाली हाथ घर लौट गई हैं। ऑस्ट्रेलिया, अफगानिस्तान, कनाडा, यूएई, यूएसए, नीदरलैंड्स, स्कॉटलैंड, नेपाल, आयरलैंड, इटली, ओमान और नामीबिया, प्रत्येक को 2.29 करोड़ रुपये का ईनाम मिला।
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